शंभूलाल के परिवार को क्यों पैसे भेज रहे हैं लोग?

  • 12 दिसंबर 2017
शंभूलाल रैगर इमेज कॉपीरइट Shambu Bhavani
Image caption शंभूलाल रैगर ने एक मुसलमान की कथित तौर पर हत्या कर वीडियो वायरल कर दिया था

राजस्थान के राजसमंद में पश्चिम बंगाल से आए मुसलमान प्रवासी मज़दूर मोहम्मद अफ़राजुल की कथित तौर पर हत्या करने वाले शंभूलाल रैगर के परिवार की मदद के लिए लोग सोशल मीडिया पर आगे आ रहे हैं.

फ़ेसबुक पर ऐसे कई पोस्ट किए गए हैं जिसमें लोगों ने शंभूलाल रैगर की पत्नी सीता रैगर के बैंक खाते में पैसे डालने का दावा किया है.

हालांकि बीबीसी ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है. राजसमंद पुलिस ने सीता रैगर का बैंक खाता ज़ब्त कर बंद करवा दिया है.

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Image caption फ़ेसबुक पर कई लोग सीता रैगर के बैंक खाते में पैसे डालने की अपील कर रहे हैं
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Image caption फ़ेसबुक पर इस तरह के संदेश शेयर किए जा रहे हैं

सीता रैगर के बैंक खाते में पैसे डालने की अपील करते हुए एक यूज़र ने फ़ेसबुक पर लिखा, "शंभु रैगर की पत्नी से और उसके परिवार से राष्ट्रवादी मित्रों ने संपर्क कर उनका अकाउंट नंबर प्राप्त किया और सभी राष्ट्रवादी हिंदुओ ने अपना समर्पण दिया. मैंने भी अपना छोटा-सा योगदान दिया. कुछ कामी यह कहकर विचलित कर रहे थे कि जो मदद करेगा उन पर सरकार रासुका लगाएगी. राष्ट्रवादियों ने परिणामों की चिंता किए बिना अपना योगदान दिया."

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Image caption एक यूज़र ने रैगर के खाते में सफलतापूर्व 501 रुपए भेजने का दावा किया

शंभूलाल के परिवार को आर्थिक मदद देने को जायज़ ठहराते हुए सुमंत भट्टाचार्य ने फ़ेसबुक पर लिखा, "वृद्ध माता-पिता और अबोध बच्चे की मदद करना धर्म सम्मत भी है और संविधान सम्मत भी."

एक अन्य यूज़र ने शंभू के परिवार को पैसा भेजने की कोशिश की, लेकिन खाता बंद होने की वजह से वो पैसे नहीं भेज सके. उन्होंने ये स्क्रीनशॉट शेयर किया है.

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Image caption एक यूज़र का कहना है कि उन्होंने पैसा भेजने की कोशिश की लेकिन खाता बंद होने की वजह से वो पैसा नहीं भेज सके

कई लोगों ने फ़ेसबुक पर वीडियो पोस्ट कर शंभूलाल के परिवार की मदद करने की बात भी कही है.

मेरठ के रहने वाले उपदेश राणा ने फ़ेसबुक पर पोस्ट एक लाइव वीडियो में दावा किया है कि वो 14 नवंबर को शंभूलाल रैगर के घर जाएंगे और उनके परिवार को आर्थिक मदद देंगे.

उन्होंने और लोगों से भी शंभू के परिवार के लिए पैसा भेजने की अपील की है. व्हाट्सएप पर भी शंभू के परिवार की आर्थिक मदद करने की अपील की गई है.

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Image caption ये मैसेज व्हाट्सएप पर लोगों को भेजा जा रहा है.

वहीं कुछ लोगों को इस बात का अफ़सोस है कि बहुत कम लोग शंभू रैगर की मदद के लिए आगे आ रहे हैं.

एक यूज़र ने फ़ेसबुक पर लिखा, "हर किसी को शंभू रैगर जैसा शेर चाहिए परंतु शंभू रैगर हो पड़ोसी के घर में."

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Image caption फ़ेसबुक पर इस तरह के संदेश शेयर किए जा रहे हैं

पेटीएम से हो रहा है चंदा

स्वंय को कट्टर हिंदू और गौरक्षक बताने वाले गाज़ियाबाद के एक व्यक्ति ने फ़ेसबुक पर अपना पेटीएम नंबर साझा कर लोगों से शंभू रैगर के परिवार को आर्थिक मदद देने की अपील की है.

लोग उनके पेटीएम नंबर पैसे भेजकर स्क्रीनशॉट शेयर कर रहे हैं.

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Image caption एक गौरक्षक ने शंभू के परिवार के लिए लोगों से पेटीएम पर पैसे मंगाए हैं.
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Image caption लोग पेटीएम के ज़रिए पैसे भेजने के स्क्रीनशॉट भी भेज रहे हैं.

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