बैंक खाते को आधार से जोड़ने की समयसीमा बढ़ी

  • 13 दिसंबर 2017
आधार कार्ड इमेज कॉपीरइट Getty Images

सरकार ने आधार कार्ड को बैंक खातों से जोड़ने की समयसीमा बढ़ा दी है.

वित्त मंत्रालय ने बुधवार को इस संबंध में जानकारी दी जिसके मुताबिक आधार नंबर और पैन या फॉर्म 60 को जमा करने की आखिरी तारीख़ 31 मार्च 2018 कर दी गई है. वहीं नए खाताधारकों को 6 महीने का समय दिया गया है.

वित्त मंत्रालय ने ट्वीट कर बताया कि इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है. पहले यह सीमा 31 दिसंबर, 2017 रखी गई थी, लेकिन सरकार ने पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि आधार जोड़ने की समय सीमा 31 मार्च तक बढ़ाई जा सकती है.

पिछले हफ्ते ही सरकार ने पैन कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ने के लिए दी गई समयसीमा को तीन महीने और बढ़ाकर 31 मार्च 2018 कर दिया था. यह समयसीमा तीसरी बार बढ़ाई गई थी.

हालांकि बुधवार को जारी वित्त मंत्रालय के नए आदेश में मोबाइल सिम कार्ड को आधार से जोड़ने वाली अंतिम तारीख़ 6 फरवरी 2018 से आगे बढ़ाने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है.

पहले की अधिसूचना

सरकार ने मंगलवार को प्रेवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट 2002 (पीएमएलए) के तहत नियमों में संशोधन कर एक गज़ट अधिसूचना जारी की थी. इस अधिसूचना के तहत आधार कार्ड को पैन कार्ड या फॉर्म 60 से जोड़ने की अंतिम तारीख़ में बदलाव करने की बात थी.

इसी संशोधन के तहत अब आधार कार्ड को बैंक खातों से जोड़ने की अंतिम तारीख़ 31 मार्च 2018 कर दिया गया है.

क्या ख़तरनाक है आपके लिए आधार कार्ड?

आधार कार्ड पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले में क्या है

इमेज कॉपीरइट Getty Images

आधार कार्ड जहां भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) जारी करता हैं, वहीं पैन कार्ड इनकम टैक्स विभाग के जरिए जारी किया जाता है और फॉर्म 60 व्यक्तिगत तौर पर भरा जाता है.

प्रेवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट 2002 (पीएमएलए) के तहत बैंक खाता खोलने या फिर 50 हज़ार और उससे अधिक रुपये की निकासी के लिए आधार, पैन कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेज़ आवश्यक हैं.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

सरकार ने अपने पहले के आदेश में कहा था कि यदि कोई अपने आधार कार्ड और पैन कार्ड को तय समयसीमा के अंदर बैंक खातों से लिंक नहीं करता है तो उसका खाता सीज़ कर लिया जाएगा.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

मिलते-जुलते मुद्दे