प्रेस रिव्यूः उर्दू में शपथ लेने पर बसपा पार्षद के ख़िलाफ़ एफ़आईआर

  • 15 दिसंबर 2017
इमेज कॉपीरइट Getty Images

द हिंदू के मुताबिक उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में बहुजन समाज पार्टी के एक पार्षद के ख़िलाफ़ धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है.

मुशर्रफ़ हुसैन अलीगढ़ नगर निगम के नवनिर्वाचित पार्षद हैं. खबर के मुताबिक उन्होंने उर्दू में शपथ ली. इसके बाद पुलिस ने उन पर आरोप लगाया कि उन्होंने धार्मिक भावनाओं को आहत करने की कोशिश की है.

यूपी पुलिस ने आईपीसी की धारा 295-ए (जानबूझकर धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके किसी वर्ग विशेष की भावनाओं अपमानित करना) के तहत हुसैन के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया है.

बन्नादेवी पुलिस स्टेशन के प्रभारी जितेंद्र दीक्षित का कहना है कि इस मामले में बीजेपी पार्षद पुष्पेंद्र सिंह की शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया है.

इमेज कॉपीरइट Aligarh Municipal Corp

द हिंदू के मुताबिक पाकिस्तान ने नई दिल्ली स्थित अपने उच्चायोग को भारतीय कैदी कुलभूषण जाधव की पत्नी और मां को वीज़ा जारी करने का निर्देश दिया है.

आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने यह दिशा-निर्देश पिछले हफ्ते ही जारी किए हैं ताकि 25 दिसंबर को इस्लामाबाद में कुलभूषण जाधव का परिवार उससे मिल सके.

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक, जाधव के परिवार के लिए सुरक्षा के पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं. जाधव के परिवार से मुलाकात के दौरान भारतीय उच्चायोग के एक अधिकारी को उनके साथ आने की अनुमति भी दी जाएगी.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

नवभारत टाइम्स के मुताबिक गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) काउंसिल के सदस्य सुशील मोदी ने कहा है कि पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी व्यवस्था के तहत लाने के बाद भी राज्य सरकारें जीएसटी स्लैब के ऊपर इन उत्पादों पर टैक्स लगाने के लिए आज़ाद होंगी.

मोदी ने कहा, "मैं एक बात स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि जिन देशों में पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के तहत रखा गया है वहां ये टैक्स की ऊंची दरों वाले स्लैब में आते हैं और केंद्र और राज्य इनपर जीएसटी की दरों के ऊपर टैक्स लगाने के लिए स्वतंत्र हैं. दुनिया में हर जगह ऐसा ही है."

इमेज कॉपीरइट Getty Images

दैनिक भास्कर के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिए कि दागी नेताओं के ख़िलाफ़ ट्रायल शुरू करने के लिए राज्यों को 7.8 करोड़ रुपए का फंड जारी करे.

जिन राज्यों में ये स्पेशल कोर्ट बनाई जानी हैं, वहां की सरकारें हाईकोर्ट से सलाह करके इनका गठन करें.

सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि हाईकोर्ट से कंस्लटेशन के जरिए ये निश्चित किया जा सकेगा कि 1 मार्च 2018 से स्पेशल कोर्ट में ट्रायल शुरू किए जा सके.

इससे पहले, मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ऐसी अदालतें बनाना देशहित में है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए