ताक़तें लगी थीं कि बस एक बार गुजरात में गिरा दो: नरेंद्र मोदी

  • 18 दिसंबर 2017
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गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करने के बाद नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के भाजपा मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया.

मोदी के भाषण की 10 अहम बातें

1- जब उत्तर प्रदेश में महानगरपालिका, नगरपालिका, नगर पंचायत के चुनाव चल रहे थे, तब बड़े ज़ोरशोर से कहा जा रहा था कि जीएसटी के कारण यूपी में भाजपा ठप हो जाएगी. गुजरात और महाराष्ट्र में भी इसी तरह के अफवाहों का ज़ोर था, लेकिन पार्टी को अभूतपूर्व समर्थन मिला.

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2- इन सभी चुनाव नतीजों ने एक बात सिद्ध कर दी है कि देश रिफॉर्म के लिए तैयार है, परफॉर्म करने वाली हर बात को पॉजीटिव देख रहा है और बदलाव के लिए तैयार है.

3- लोकतंत्र में चुनाव सरकार के काम का लेखा-जोखा होते हैं. आज मध्यम वर्ग की अपेक्षाएं इतनी अधिक हैं कि वो इन्हें जल्द से जल्द पूरा करना चाहता है. हिमाचल ने जिस प्रकार से नतीजे दिखाए हैं, वो इस बात का सबूत हैं कि अगर आप विकास नहीं करते हैं, गलत कामों में उलझे हैं, तो 5 साल के बाद जनता आपको स्वीकार नहीं करती है.

4- आज के वातावरण में किसी सरकार का दोबारा जीतना राजनीतिक विश्लेषकों के लिए बहुत बड़ी घटना के रूप में देखा जा रहा है. गुजरात एक अपवाद है. 1989 से वहां लगातार जीतते आ रहे हैं. मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से गुजरात की जीत दोहरी खुशी है. क्योंकि आम तौर पर लंबे अरसे तक जो व्यक्ति मुखिया रहा हो, उसके वहाँ से हटने के बाद गिरावट आने के बाद चर्चा होती है. तुलना होने लगती है, डिमोरलाइज़ करने का प्रयास होता है. मेरे लिए खुशी है कि गुजरात छोड़ने के बाद कार्यकर्ताओं ने जिस तरह से गुजरात को संभाला है, ये मेरे खुशी की बात है. मेरे आने के बाद भी गुजरात में विकास जारी है.

5- कांग्रेस पार्टी तो सिर्फ़ दिखती थी मैदान में हैं, लेकिन उसके सिवाय कितनी ताकतें लगी हुई थी कि एक बार गुजरात में गिरा दो. कैसे-कैसे षडयंत्र किए गए, कैसी-कैसी चालें चली गई, विकास के संबंध में राजी-नाराजी तो हो सकती है, लेकिन कोई विकास की मज़ाक उड़ाए, ऐसा सार्वजनिक जीवन में होता नहीं है.

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6- मई 2014 में लोकसभा चुनाव के बाद इस देश में विकास का एक माहौल बना है, देश को विकास के रास्ते से उतारने की हरकत मत कीजिए. 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र पर जनता की मुहर लग गई है.

7- 30 साल पहले गुजरात में जातिवाद का ज़हर डाल दिया गया था, वहाँ मुझ जैसे लाखों कार्यकर्ताओं ने उसे ख़त्म किया था. लेकिन सत्ता भूख के कारण इस चुनाव में कुछ लोगों ने फिर से एक बार जातिवाद के बीज बोने के प्रयास किए हैं, जिसे गुजरात की जनता ने नकार दिया है.

8- हर राजनीतिक तराजू पर ये असामान्य विजय है. किसी राज्य में लगातार 30 साल से जीत हासिल करना पूरी दुनिया के लिए चौंकाने वाली बात है.

9- विजय के बाद भी साढ़े छह करोड़ गुजराती एक हैं, नेक हैं. न्यू इंडिया के सपने को पूरा करेंगे.

10- आख़िर में एक नारा- जीतेगा भाई जीतेगा, विकास ही जीतेगा.

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