आधी आबादी को हक देने में बिहार से बहुत पीछे गुजरात

  • 19 दिसंबर 2017
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गुजरात विधानसभा का नज़ारा आने वाले दिनों में कैसा दिखेगा - इसकी तस्वीर अब साफ़ हो चुकी है. 99 सीटों पर भाजपा के विधायक बैठेंगे और 77 सीटों पर कांग्रेस के विधायक बैठेंगे. लेकिन पूरी विधानसभा में केवल 13 महिला चेहरे ही आपको दिखेंगे जो कि कुल विधायकों की संख्या का तकीबन सात फीसदी ही है.

गुजरात विधानसभा में 2012 में 16 महिलाएं थीं, लेकिन इस बार इनकी संख्या घट गई है.

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चुनाव मैदान में महिलाएं

एसोशिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म के आंकड़ों के मुताबिक पहले चरण के चुनाव में 57 महिलाएं चुनाव मैदान में थीं, वहीं दूसरे चरण के चुनाव में कुल 61 महिलाओं ने अपनी किस्मत आज़माई.

लेकिन भाजपा और कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टियों ने ज्यादा महिलाओं को इस चुनाव में टिकट ही नहीं दिया.

गुजरात में भाजपा के मीडिया प्रभारी हर्ष के मुताबिक बीजेपी ने 12 महिलाओं को टिकट दिया गया था जिसमें से 9 जीत गई.

कांग्रेस ने 10 महिलाओं को चुनाव मैदान में उतारा था, जिनमें से 4 महिलाएं जीत गईं.

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चर्चित महिला विधायक

इस चुनाव में महिला विधायकों में सबसे चर्चित चेहरा है कांग्रेस की आशा पटेल का. आशा पटेल ने उंझा सीट से जीत हासिल की है. उंझा सीट प्रधानमंत्री मोदी के गृहनगर, वडनगर में आता है. वहां बीजेपी को हराना कांग्रेस के लिए निश्चित तौर पर ज्यादा अहमियत रखता है.

पिछले दस साल से आशा पटेल गुजरात की राजनीति में सक्रिय रही हैं. बीबीसी से बातचीत में आशा पटेल ने कहा, "ये जीत मेरे लिए काफी महत्वपूर्ण है. खास तौर पर इसलिए क्योंकि पिछली बार इसी सीट पर मैंने पराजय का सामना किया था."

इस चुनाव में कई दिग्गज भी हारे. उनमें से एक दिग्गज हैं गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री रहे शंकरभाई चौधरी. कांग्रेस की गेनीबेन ठाकोर ने इस चुनाव में शंकरभाई चौधरी को हराया. गेनीबेन गुजरात के बनासकांठा की वाव सीट से चुनाव मैदान में थी.

गनीबेन ने बीबीसी से बात करते हुए कहा, "ये मेरा तीसरा विधानसभा चुनाव था. दो बार हार के बाद मुझे पहली बार जीत नसीब हुई है. इस मौके का इस्तेमाल मैं झुग्गी झोपड़ी में शिक्षा के विस्तार करने के लिए करूंगी"

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महिलाओं में बीजेपी की जंखनाबेन हितेशकुमार पटेल ने सूरत के चोर्यसी सीट से जीत हासिल की. उन्होंने कांग्रेस के योगेश पटेल को एक लाख से ज्यादा मतों के अंतर से हराया. महिलाओं में जंखनाबेन की जीत का फासला सबसे ज्यादा है. जंखनाबेन पिछले दो साल से ही सक्रिय राजनीति में हैं.

जंखनाबेन को राजनीति अपने पिता से विरासत में मिली है. उनके पिता के निधन के बाद उपचुनाव में पार्टी ने उनको टिकट दिया था, तब वो पहली बार राजनीति में आईं थी.

बीबीसी से बात करते हुए उन्होंने बताया, " मेरी जीत में मेरे पिता के काम का बहुत बड़ा योगदान है. उनके अधूरे काम को पूरा करके ही मैं आज यहां तक पहुंच पाई हूं"

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महिला विधायक में कौन सा राज्य है सबसे आगे

एसोशिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक महिला विधायकों के प्रतिनिधित्व में पश्चिम बंगाल, राजस्थान, बिहार सबसे आगे है.

रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल में 294 विधायकों में से 40 महिला विधायक हैं.

एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान में कुल 200 सीट में से 28 महिला विधायक हैं.

बिहार विधानसभा की 243 सीटों में कुल 34 महिलाएं हैं यानी तकरीबन 14 फीसदी.

सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीट में केवल 38 महिला विधायक हैं जो 10 फीसदी से भी कम है.

इन आकड़ों के मद्देनज़र महिला प्रतिनिधित्व में गुजरात काफी पिछड़ता नज़र आ रहा है.

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किस पार्टी पर हैं महिलाएं मेबरबान?

सेंटर फॉर स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसाइटिज़ (सीएसडीएस) के मुताबिक इस बार बीजेपी के लिए पुरुषों के मुकाबले ज्यादा महिलाओं ने वोट दिया है. सीएसडीएस के निदेशक संजय कुमार के मुताबिक हर 100 लोगों में से बीजेपी को 50 महिलाओं ने वोट दिया है, जबकि हर 100 लोगों में 48 पुरुषों ने बीजेपी के लिए वोट किया है.

लेकिन कांग्रेस के लिए स्थिति इसके उलट थी. संजय कुमार के मुताबिक 100 लोगों में से 42 पुरुषों ने और 41 महिलाओं ने कांग्रेस के लिए वोट दिया है.

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