प्रेस रिव्यू: 'देश बंट रहा है, सरकार में विश्वास कम हुआ'

  • 22 दिसंबर 2017
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भारत में कैथोलिक ईसाइयों के शीर्ष संगठन का कहना है कि देश धार्मिक आधार पर बंट रहा है और लोगों का सरकार पर भरोसा कम हो रहा है.

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष कार्डिनल बेसिलियोस क्लीमिस ने कहा है कि उनका सरकार में भरोसा कम हो रहा है. उन्होंने कहा, "ईसाइयों के नज़रिए से देखो तो सतना में ईसाई पुजारियों पर हमला और फिर हमलावरों के बजाए उन पर ही कार्रवाई करने से सरकार पर हमारा भरोसा कम हुआ है."

उन्होंने कहा कि एक बड़े देश में ऐसी घटनाएं हो सकती हैं लेकिन इनके बाद सरकार जो कार्रवाई करती है और जो क़ानूनन सुरक्षा मिलती है वो अहम होती है.

योगी के घर के बाहर तस्वीर लेने पर जेल

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द हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लखनऊ स्थित सरकारी आवास के बाहर तस्वीर खींचने को प्रशासन ने दंडनीय अपराध घोषित कर दिया है. अब 5 कालीदास मार्ग के आसपास सेल्फ़ी लेने पर लोगों को परेशानी हो सकती है.

बुधवार को यूपी पुलिस ने सीएम आवास के आसपास बैनर लगाकर लोगों को चेताया है कि वीआईपी क्षेत्र में तस्वीर लेने पर कार्रवाई की जा सकती है. इस पर चुटकी लेते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, "नए साल में जनता को यूपी सरकार का तोहफ़ा, सेल्फ़ी लेने पर लग सकता है यूपीकोका."

उत्तर प्रदेश सरकार का संगठित अपराध के ख़िलाफ़ सख़्त प्रस्तावित क़ानून यूपीकोका के विधेयक को गुरुवार को विधानसभा में पारित करा लिया गया है. हालाँकि अखिलेश यादव के ट्वीट के बाद प्रशासन ने ये बैनर हटा लिए हैं.

सस्ते होंगे सिरिंज के दाम

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द टाइम्स ऑफ़ इंडिया में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक ऑल इंडिया सिरींज और निडिल निर्माता एसोसिएशन ने अपने सदस्यों को एक सर्कुलर जारी कर दिसंबर 24 से एमआरपी अधिकतम 75 फ़ीसदी मुनाफ़े की सीमा के साथ निर्धारित करने और इसे अगले साल 26 जनवरी से लागू करने के लिए कहा है.

एसोसिएशन के अपनी ओर से किए जा रहे इस प्रयास के बाद विदेशी निर्माता भी दाम कम कर सकते हैं. भारत में इस्तेमाल होने वाली 85 फ़ीसदी सिरिंजें एसोसिएशन से जुड़ी कंपनियां ही बनाती हैं. इस क़दम से सिरिंजों के दाम दो-तिहाई से लेकर आधे तक कम हो सकते हैं.

कितना आयकर देते हैं भारतीय?

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द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक पूरे भारत में सौ करोड़ रुपए से अधिक कर योग्य आय वाला सिर्फ़ एक ही व्यक्ति है.

आयकर विभाग की ओर से जारी डाटा के मुताबिक भारत में साल 2014-15 में सिर्फ़ 3.1 फ़ीसदी लोगों ने ही आयकर रिटर्न भरा था जबकि सिर्फ़ 1.6 फ़ीसदी लोगों ने ही सालाना आयकर जमा कराया. यही नहीं आयकर रिटर्न भरने वाले 4.1 करोड़ लोगों में से लगभग आधे लोगों ने अपनी कर योग्य आय ज़ीरो बताई है.

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