BBC SPECIAL-कौन है वो बाबा जिस पर हैं बलात्कार के दर्जनों आरोप

  • 23 दिसंबर 2017
वीरेंद्र देव दीक्षित
Image caption बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित

"तीन साल पहले भी यहां पुलिस का छापा पड़ा था. उसके बाद कुछ नहीं हुआ. एक बार आश्रम का दरवाज़ा खुला और लड़की की लाश बाहर रख दी. पुलिस आकर उस लड़की को उठा कर लेकर गई."

आध्यात्मिक विश्वविद्यालय नाम से चल रहे एक कथित आश्रम को लेकर आस-पास रहने वाले लोग वहां चल रही संदिग्ध गतिविधियों के बारे में बताते हैं.

ये आश्रम दिल्ली के विजय विहार, रोहिणी इलाके में पिछले 25 सालों से चल रहा है और आश्रम के मालिक का नाम वीरेंद्र देव दीक्षित बताया जाता है.

70 साल के वीरेंद्र देव दीक्षित पर आरोप है कि इस आश्रम में लड़कियों को कैद करके नशे की हालत में रखा जाता है और उनका यौन शोषण होता है.

'तुम मेरी 16000 रानियों में से एक हो'

फाउंडेशन फॉर सोशल एंपावरमेंट नाम की एक गैर सरकारी संस्था ने इस मामले में जनहित याचिका दाखिल की है. संस्था के वकील ने बताया कि वीरेंद्र देव दीक्षित खुद को शिव का अवतार बताते हैं.

"जिस तरह शिवलिंग की पूजा होती है, उसी तरह अपने लिंग की पूजा करने को कहते हैं. जो लड़कियां वहां रहती हैं, उन्हें नशे की दवाई पिलाकर रखा जाता है. शुरुआत में लड़कियों से एक रस्म करवाई जाती है जिसे वे 'भट्टी' कहते हैं. इस रस्म के मुताबिक लड़कियों को 7 दिन तक एकांत में रखा जाता है और तब आश्रम में भी किसी से मिलने की इजाज़त नहीं होती. जो लड़कियां ये रस्म कर लेती हैं, उन्हें फिर दूसरे शहरों के आश्रम में भेज दिया जाता है. नाबालिग लड़कियों को फुसलाया जाता है कि वे उनकी गोपियां बनेंगी. जो लड़कियां अपने साथ यौन शोषण होने देती हैं, उन्हें कहते हैं कि तुम मेरी 16 हज़ार रानियों में से एक हो."

1998 से दर्ज हो रहे हैं बलात्कार के मामले

बाबा पर अब तक अलग-अलग थानों में 10 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं. इनमें से ज़्यादातर बलात्कार के मुकदमे हैं. ये शिकायतें 1998 से लेकर अब तक पुलिस थानों में दर्ज की गई हैं.

अलग-अलग थानों में दर्ज 10 एफआईआर के अलावा पुलिस की डायरी एंट्री में एक महिला की आत्महत्या का मामला भी दर्ज है. 7 दिसंबर 2016 को जीटीबी अस्पताल ने ये मामला दर्ज करवाया था. इस महिला ने आश्रम की छत से कूद कर जान दे दी थी.

इसके अलावा 4 मार्च 2017 को एक महिला ने आश्रम में कथित तौर पर फांसी लगाई थी. इस केस की जांच के दौरान आश्रम की महिलाओं ने उस पर भूत-प्रेत का साया होने की बात कही लेकिन इस जांच का नतीजा क्या रहा, ये अभी तक सामने नहीं आया है.

अलग-अलग पहचान से घूमते हैं बाबा

राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्या सुषमा साहू ने बताया कि वहां से बच निकलने में कामयाब कुछ लड़कियों से वो मिली हैं और उनके बयान दर्ज किए हैं. पीड़ितों से बात करने के बाद पता चलता है कि लड़कियों को हार्मोन बढाने वाली दवाइयां दी जाती हैं ताकि उनसे यौन संबंध बनाए जा सके. बाबा उनसे मालिश करवाते थे, नहलाने को कहते थे और अपने साथ यौन संबंध बनाने के लिए फुसलाते थे. कानपुर की एक 13 साल की लड़की ने उन्हें बताया कि उसे राजस्थान ले जाकर उसका यौन शोषण किया गया था और विरोध करने पर उसे मारा-पीटा जाता था.

सुषमा साहू ने बताया कि ये बाबा अलग-अलग पहचान पत्रों के साथ घूमते हैं. इस जांच के दौरान उन्हें धमकियां भी दी गईं.

Image caption आश्रम की वेबसाइट

देश-विदेशों में हैं आश्रम

इस आश्रम की वेबसाइट से पता चलता है कि दिल्ली, भोपाल, मुंबई, हैदराबाद समेत 12 बड़े शहरों में इस आश्रम की शाखाएं हैं. लेकिन लोगों की शिकायतों से मालूम पड़ता है कि इनके अलावा भी कई शहरों में इसकी शाखाएं हैं. यहां तक की कनाडा, इंग्लैंड, जर्मनी, काठमांडू, मलेशिया, अमेरिका में भी इस आश्रम की शाखाएं हैं.

एक एफआईआर से पता चला कि अमरीका में पीएचडी की पढ़ाई कर रही एक भारतीय लड़की को वहां से बिना मां-बाप की जानकारी के इस आश्रम में लाया गया.

खगड़िया, बिहार के शैलेष बताते हैं कि उनकी रिश्तेदार की बेटी से जब वो मिलने आए तो उन्हें 3 घंटे तक इंतज़ार करवाया गया, उसके बाद भी उन्हें लड़की से नहीं मिलने दिया गया. बाद में पता चला कि उसे रोहतक (हरियाणा) वाले आश्रम में भेज दिया गया है. जब वहां पहुंचे तो सिर्फ 5 मिनट के लिए आश्रम के लोगों की निगरानी में ही मिलने दिया गया.

Image caption आश्रम चारों तरफ से बंद रहता है

लड़कियों की चीखें सुनी हैं पड़ोसियों ने

इलाके के लोगों का दावा है कि पिछले करीब 22 सालों में कई बार पुलिस से बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के आश्रम में गलत हरकतों की शिकायत की गई, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. एक पड़ोसी महिला ने बताया कि यहां रात को लड़कियां कार में बैठा कर कहीं भेजी जाती हैं. उनके मुंह ढंके होते हैं. बालकनी को भी सफ़ेद चादर से ढंक कर रखा जाता है. अजीब सन्नाटा पसरा रहता है. कभी-कभी लड़कियों के चीखने की ही आवाज़ें सुनाई पड़ी हैं. जो मां-बाप अपनी बेटियों को लेने आते हैं, लड़कियां साथ जाने से इनकार कर देती हैं. यहां तक की इस आश्रम का नाम भी कई बार बदला जा चुका है.

एक पड़ोसी ने बताया कि जो मां-बाप खुद भक्त होते हैं, उन्हें अपनी बेटी आश्रम को समर्पित करने को कहा जाता है. यहां हर 2-3 महीने में कोई ना कोई केस होता है जब पुलिस को आना पड़ता है लेकिन उसके बाद सब सामान्य हो जाता है.

Image caption गुरूवार को 41 नाबालिग लड़कियों को छुड़ाया गया

आपत्तिजनक खत, इंजेक्शन और सुईंयां हुई बरामद

सीबीआई और पुलिस ने गुरूवार को 8 घंटे तक आश्रम में जांच की और 41 नाबालिग लड़कियों को वहां से छुड़ाया गया.

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालिवाल ने मीडिया को आश्रम के अंदर का हाल बताया.

"पुलिस के साथ जब हम अंदर पहुंचे तो देखा कि हर जगर लोहे के दरवाज़े और ताले हैं. ये कोई आध्यात्मिक विश्वविद्यालय नहीं है. कोई अधिकारिक कागज़ इन लोगों के पास नहीं है. कौन लड़की कहां से आई है, यहां से कहां ले जाई गई है, किसी चीज़ का कोई रिकॉर्ड नहीं है. हमें यहां से ऐसे पत्र मिले हैं जिनमें लड़कियों से कथित बाबा के लिए आपत्तिजनक बातें लिखवाई गई हैं. हमने यहां से ढेरों दवाइयां, इंजेक्शन और इस्तेमाल की हुई सुईंयां बरामद की हैं. यहां तकरीबन 200 महिलाएं हैं जिनमें से हमने 41 नाबालिग लड़कियों को छुड़ाया है. लड़कियां कुछ ना बोलने की हालत में हैं"

अभी भी कई महिलाएं वहां मौजूद हैं और आश्रम को सील नहीं किया गया है. वीरेंद्र दीक्षित को हाई कोर्ट ने शुक्रवार को पेश होने के लिए कहा था लेकिन बाबा फिलहाल फ़रार हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए