प्रेस रिव्यूः मेवाड़ राजघराने के लिए पद्मावती की स्पेशल स्क्रीनिंग

  • 23 दिसंबर 2017
इमेज कॉपीरइट VIACOM18
Image caption फ़िल्म पद्मावती में दीपिका पादुकोण ने कथित राजपूत रानी पद्मावती का किरदार निभाया है.

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक सेंसर बोर्ड ने मेवाड़ के राजपरिवार को उस पैनल का हिस्सा बनाया है जो पद्मावती फ़िल्म की रिलीज़ से पहले समीक्षा करेगा.

ख़बर के मुताबिक मेवाड़ राजपरिवार के लिए मुंबई में 27 दिसंबर को स्पेशल स्क्रीनिंग हो सकती है.

पद्मावती फ़िल्म पर राजपूत रानी पद्मावती को नकारात्मक तरीके से फ़िल्माने के आरोपों के बाद राजपूत समुदाय में आक्रोश है.

रिपोर्ट के मुताबिक सीबीएफ़सी (केंद्रीय फ़िल्म प्रमाणन बोर्ड) के चेयरमैन प्रसून जोशी ने गुरुवार को मेवाड़ राजपरिवार के विश्वराज सिंह से फ़िल्म देखने की गुज़ारिश की है.

राजपूत रानी पद्मावती को अपनी आन-बान का प्रतीक मानते हैं. वहीं कई इतिहासकारों ने पद्मावती के ऐतिहासिक किरदार होने पर सवाल उठाए हैं.

कहाँ से आई थीं पद्मावती?

नज़रिया: पद्मावती सच या कल्पना?

इमेज कॉपीरइट @SwatiJaiHind

बाबा पर पहले भी लगे गैंगरेप के आरोप

द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के रोहिणी में आश्रम चलाने वाले जिन बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के आश्रम से 41 लड़कियों को रिहा कराया गया है उन पर उत्तर प्रदेश के फ़र्रूख़ाबाद ज़िले में चार बार गैंग रेप के आरोपों में मुक़दमा दर्ज कराया जा चुका है. ये आरोप साल 1998 के हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक जब गिरी को गैंगरेप के एक मामले में गिरफ़्तार करने के लिए स्थानीय पुलिस ने उनके आश्रम पर छापा मारा था तब बाबा और उनके समर्थकों ने सुरक्षाबलों पर ही हमला कर दिया था. बाबा और उनके छह समर्थकों पर हमले के आरोप में भी मुक़दमा दर्ज किया गया था.

साल 2011 में भी बाबा पर हत्या के इरादे से एक महिला का अपहरण करने के आरोप में मुक़दमा दर्ज किया गया था. पुलिस के मुताबिक दीक्षित के ख़िलाफ़ बलात्कार के मामले दर्ज करवाने वाली सभी पीड़िताएं उनकी पूर्व भक्त थीं जो फ़र्रूख़ाबाद ज़िले के कम्पिल स्थित आश्रम में रहीं थीं.

वो बाबा जिस पर हैं बलात्कार के दर्जनों आरोप

इमेज कॉपीरइट facebook.com/prashant.tyagi.549
Image caption लड़की के घर के बाहर प्रदर्शन करते बीजेपी और हिंदूवादी कार्यकर्ता.

दंपती पर रोप

द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद में भाजपा कार्यकर्ताओं ने एक मुस्लिम युवक पर लव जिहाद के आरोप लगाए हैं.

एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम करने वाले तीस साल के मुस्लिम युवक और 28 साल की हिंदू युवती के कोर्ट में शादी करने के बाद हिंदूवादी संगठनों ने हंगामा किया है. दंपती की शादी अदालत में रजिस्टर होने के बाद शुक्रवार को लड़की के घर पर रिशेप्शन पार्टी होनी थी लेकिन हिंदूवादी समूहों ने हंगामा कर दिया.

बीजेपी की गाज़ियाबाद इकाई के प्रमुख अजय शर्मा, बंजरंग दल, हिंदू रक्षा दल और धर्म जागरण मंच के कार्यकर्ता राजनगर स्थित लड़की के आवास पर हंगामा करने पहुंच गए.

पुलिस को उन्हें हटाने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा. लड़की के पिता गाज़ियाबाद के चर्चित व्यापारी हैं, दादा रिटायर आईएएस अधिकारी हैं. लड़के और लड़की के परिजन सालों से एक-दूसरे को जानते हैं.

...फिर तो हर शादी लव जिहाद है

क्या कोर्ट भी 'लव जिहाद' कहनेवालों का पक्ष ले रहे हैं?

Image caption उत्तर प्रदेश विधानसभा

कुंभ का नाम बदलने पर हंगामा

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक कुंभ का नाम बदलने को लेकर हुए हंगामे के बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है.

दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार अर्धकुंभ का नाम बदलकर कुंभ और कुंभ का नाम बदलकर महाकुंभ करना चाहती हैं.

समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के विधायकों ने इसे आस्था में खिलवाड़ बताते हुए सदन में हंगामा कर दिया है.

रिपोर्ट के मुताबिक अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी ने कहा है कि 29 दिसंबर को सभी साधू इलाहाबाद में इकट्ठा होंगे और सरकार के फ़ैसले का विरोध करेंगे.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए