गौ-तस्करी करेंगे तो मरेंगे ही: भाजपा विधायक ज्ञानदेव आहूजा

  • 26 दिसंबर 2017
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राजस्थान में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने कहा है कि अगर लोग गौ-तस्करी करेंगे तो मरेंगे ही.

शनिवार को एक कथित गौ-तस्कर ज़ाकिर को पुलिस ने अलवर में पकड़ा था. ऐसा आरोप है कि भीड़ ने उनकी पिटाई भी की थी.

स्थानीय विधायक ज्ञानदेव आहूजा खुद को गौरक्षकों का सरपरस्त मानते हैं और उन्होंने खुद बीबीसी से कहा था कि वो गौरक्षकों को पैसे से भी मदद करते हैं.

हाल की घटनाओं पर आहूजा कहते हैं कि जनता ने गाय ले जा रहे ट्रक को रोकने की कोशिश की, लेकिन वो नहीं रुके और गाड़ी पलटने से उन्हें चोट आई और ये लोग गौ-तस्करी करेंगे तो मरेंगे ही, जनता को कहां तक रोकेंगे.

गोरक्षक दल के साथ एक रात

'गो हत्या करने वाले का वध पाप नहीं'

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'भीड़तंत्र की ज़िम्मेदारी हमारी नहीं है'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन बार सार्वजनिक मंच से गौरक्षा के नाम पर हो रही हत्या के खिलाफ़ बोल चुके हैं.

गुजरात के साबरमती में जून 2017 में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि 'हम कैसे लोग हैं जो गाय के नाम पर इंसान को मारते हैं.'

इस बात पर ज्ञानदेव कहते हैं, "मैं कई बार विधायक रह चुका हूं, मैं क़ानून मानता हूं. माननीय मोदी जी के आदेश को हम मानते हैं. वो सन्यासी हैं, देवता हैं. गौ रक्षकों में ना आरएसएस के लोग हैं, ना विश्व हिंदू परिषद के लोग हैं, ना बजरंग दल के लोग हैं, ये तो आम जनता है जो ऐसा कर रही है. आम जनता कुछ कर दे 'मॉब मेंटेलिटी' में उसके लिए आप ज़िम्मेदार हैं क्या. ये लोग गौ-तस्करी करेंगे तो मरेंगे ही, जनता को कहां तक रोकेंगे. मॉब मेंटेलिटी क्या करती है, उसकी ज़िम्मेदारी हमारी नहीं है. भीड़ के कानून हाथ में लिए जाने के पीछे उस वक्त के हालात होते हैं."

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Image caption गौरक्षकों के एक दल की फ़ाइल तस्वीर

'पुलिस हर जगह नहीं हो सकती'

विधायक ज्ञानदेव का कहना है, "पूरे राजस्थान की पुलिस भी अगर लगा दें तो हर जगह तो पुलिस नहीं हो सकती है. ये मां का देश है.. भारत माता, गंगा माता, धरती माता, गौ माता. जनता भावुक है गाय को लेकर इसलिए भड़कती है. जनता भड़कती है तो ये ही करती है."

क्या महिलाओं के साथ अत्याचार या बलात्कार पर भी जनता ऐसे ही भड़कती है? ज्ञानदेव कहते हैं कि कहीं-कहीं उस पर भी भड़कती है लेकिन राजस्थान में ऐसा नहीं है कि महिलाओं पर ज्यादा अत्याचार या बलात्कार होते हैं. बात यहां गौवंश की है. लोगों को गुस्सा आता है कि हम लोग रात भर जगते हैं और ये नालायक मानते नहीं हैं. इसलिए जनता भड़कती है और ये घटनाएं कर देती है.

2016 के राष्ट्रीय अपराध ब्यूरो के मुताबिक महिलाओं के खिलाफ़ अपराध के मामलों में राजस्थान चौथे नंबर पर है. 2016 के आंकड़ों के हिसाब से दलितों के खिलाफ़ अत्याचार के मामलों में राजस्थान तीसरे नंबर पर रहा.

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'पहलू ख़ान कोई किसान नहीं था'

कई ऐसे मामले सामने आएं हैं जहां स्वयंभू गौ-रक्षकों ने बेकसूर लोगों को पीट-पीट कर मार डाला.

अप्रैल 2017 में एक डेयरी किसान पहलू ख़ान भी भीड़ का शिकार हो गए थे.

ज्ञानदेव कहते हैं, "पहलू खान कोई किसान नहीं था. उस पर गौ-तस्करी के तीन केस पहले से हैं, उसके बेटों पर केस थे गौ-तस्करी के. वो इसलिए मरा क्योंकि वो जनता के बीच से भागा, जनता को गुस्सा आया कि वो भागा क्यों. वो पीटे जाने के कारण नहीं मरा, कोई बीमारी थी उसको. मैं सबूत दे सकता हूं कि वो गौ-तस्कर था."

पहलू खान पर गौ-तस्करी का कोई मामला दर्ज नहीं था. घटना के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया जिसके 3 दिन बाद वहीं उनकी मौत हो गई थी.

ज्ञानदेव करते रहे हैं विवादित बयानबाज़ी

तीन बार विधायक रहे ज्ञानदेव बार-बार अपने विवादित बयानों की वजह से ही सुर्खियों में आते हैं. इससे पहले भी वे कई बार निराधार बयान दे चुके हैं.

फरवरी 2016 : "जेएनयू में प्रतिदिन बीयर की बोतलें मिलती हैं. जेएनयू में प्रतिदिन 2 हज़ार देशी-विदेशी शराब की बोतलें मिलती हैं. 10 हज़ार से अधिक सिगरेट के टुकड़े और 4 हज़ार से अधिक बीड़ी के टुकड़े मिलते हैं. 2 हज़ार चिप्स के पैकेट मिलते हैं. 3 हज़ार से अधिक प्रयोग में किए जाने वाले कंडोम, जो वहां लड़कियां पढती हैं, हमारी बहन-बेटी, उनके साथ ये कुकर्म करते हैं."

मई 2016 : "देश में हो रहे बलात्कारों के लिए नेहरू-गांधी परिवार ज़िम्मेदार है. नेहरू-गांधी परिवार की मूर्तियों को तोड़ देना चाहिए, फिर लोग उन पर थूकेंगे."

मई 2016 : "जेएनयू में रोज़ बलात्कार होते हैं. जेएनयू अपराधों का गढ़ है."

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