इस्लामिक परंपरा के चलते जाधव को परिवार से मिलवाया: पाकिस्तान

  • 25 दिसंबर 2017
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Image caption इस्लामाबाद में कुलभूषण जाधव अपनी मां और पत्नी से मुलाक़ात के दौरान

पाकिस्तान में जासूसी के आरोप में फांसी की सज़ा पाने वाले भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव सोमवार को इस्लामाबाद में अपनी पत्नी और मां से मिले.

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फ़ैसल ने कहा है कि यह मुलाक़ात इस्लामिक परंपरा के तहत मानवता के आधार पर कराई गई है. पूरी मुलाक़ात के बारे में मोहम्मद फ़ैसल ने कुलभूषण जाधव पर आरोपों को दोहराते हुए ये 11 बातें कहीं-

जाधव परिवार के मिलने पर क्या बोले पाकिस्तानी

ऐसे मिले कुलभूषण जाधव अपनी मां और पत्नी से

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की इस मुलाक़ात के बारे 11 बातें-

  • कुलभूषण जाधव की पत्नी और मां से मुलाक़ात इस्लामिक परंपरा के तहत मानवता के आधार पर कराई गई.
  • कुलभूषण जाधव को फ़र्ज़ी पहचान पत्र के साथ गिरफ़्तार किया गया था.
  • कुलभूषण जाधव ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने गुनाह क़बूल किया है. भारत की ख़ुफ़िया एजेंसी रॉ के लिए कुलभूषण जाधव काम कर रहे थे.
  • कुलभूषण जाधव को रंगे हाथों पकड़ा गया था.
  • कुलभूषण जाधव की सेहत बिल्कुल दुरुस्त है.
  • पाकिस्तान ने कुछ भी छुपाया नहीं है. हमने भारतीय मीडिया को भी आमंत्रित किया था.
  • कुलभूषण जाधव की पत्नी और मां ने इस मुलाक़ात के लिए पाकिस्तान को शुक्रिया कहा है.
  • भारतीय उच्चायोग के अधिकारी को इस मुलाक़ात की निगरानी के लिए जाने की अनुमति दी गई थी. हालांकि उस अधिकारी को जाधव से बात करने और उनकी बात सुनने की अनुमति नहीं दी गई थी.
  • यह मुलाक़ात 40 मिनट की थी. जाधव और उनकी मां ने मुलाक़ात का समय 10 मिनट और बढ़ाने के लिए अनुरोध किया था.
  • मुलाक़ात बहुत सकारात्मक और खुली थी. इस मुलाक़ात के दौरान हमारा एक ऑफ़िसर भी मौजूद था.
  • पाकिस्तान की सरकार ने भारतीय अधिकारियों को पहले ही सूचित कर दिया था कि मुलाक़ात के दौरान कुलभूषण जाधव को शीशे के पीछे रखा जाएगा. ऐसा सुरक्षा कारणों से किया गया है.
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मां और पत्नी से मुलाक़ात के बाद क्या बोले कुलभूषण?

पाकिस्तान स्थित बीबीसी उर्दू संवाददाता हारून रशीद का आकलन-

पाकिस्तानी मीडिया में इस मुलाक़ात को सकारात्मक और बड़ी जीत के रूप में दिखाया जा रहा है. मुझे लगता है कि मुलाक़ात की योजना को पूरी तरह से सोच समझकर तैयार किया गया था. पहले ऐसा लग रहा था कि इसमें सेना शामिल होगी लेकिन इस शो में विदेश मंत्रालय सीधे तौर पर शामिल था.

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पाकिस्तान ने यह भी कहा है कि कुलभूषण जाधव की यह कोई आख़िरी मुलाक़ात नहीं है. इसका मतलब यह हुआ कि पाकिस्तान अभी सज़ा नहीं देने जा रहा है. पाकिस्तान को इस मामले में तत्काल सज़ा देकर निपटाने की कोई जल्दी नहीं है. इसमें फ़ायदे की जो भी चीज़ें होंगी उन्हें हासिल करने के लिहाज़ से ही वो हर पत्ते को खेलेगा.

पाकिस्तान को लगता है कि वो इस तरह की इजाज़त देकर अपनी उदार छवि को पेश कर सकता है. पाकिस्तान कुलभूषण जाधव को कैश करना चाहेगा और उसी के आधार पर वो आगे भी बढ़ रहा है. ऐसा वो अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर दोनों पर करना चाहेगा.

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