पीपीएफ पर फिर घटा ब्याज, अच्छे रिटर्न के लिए कहां करें निवेश

  • 29 दिसंबर 2017
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सरकार ने पब्लिक प्रॉविडेंट फंड यानि पीपीएफ और कुछ दूसरी लघु बचत योजनाओं पर मिलने वाले ब्याज दर में 0.2 फीसदी की कटौती की है.

पहले पीपीएफ पर 7.8 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलता था जो अब घट कर 7.6 प्रतिशत रह जाएगा.

अगर आपके पीपीएफ में एक लाख रुपये हैं तो अब साल में आपको दो सौ रुपये का नुकसान होगा, यानी पहले आपको एक साल में ब्याज के रूप में 7800 रुपये मिलते थे, तो अब आपको 7600 रुपये मिलेंगे.

इसी तरह पांच लाख की रक़म पर सालाना एक हज़ार रुपये का नुकसान होगा. पीपीएफ में पैसा लंबे समय के लिए रखा जाता है. आर्थिक मामलों के जानकार आलोक पुराणिक के मुताबिक़ दस साल में पांच लाख की रक़म पर 14,000 से 15,000 रुपये तक का नुकसान हो सकता है.

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क्यों कम हो रही हैं दरें?

ये पहली बार नहीं है जब सरकार ने इन योजनाओं में मिलने वाले ब्याज में कटौती की है. आलोक पुराणिक के मुताबिक़ ब्याज की दरें मुद्रास्फीति के हिसाब से घटती-बढ़ती हैं.

वो कहते हैं, "मुद्रास्फीति लगातार घट रही हैं, तो इसका मतलब है कि ब्याज की दरों को भी घटाना पड़ेगा. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया भी लगातार ब्याज दरों में कटौती करने के पक्ष में है, इसलिए ये उम्मीद की जानी चाहिए कि भविष्य में भी ब्याज की दरों में कटौती जारी रहेगी."

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कहां करें निवेश?

पुराणिक के मुताबिक़ अगर आम लोग अच्छा रिटर्न चाहते हैं तो उन्हें म्यूचुअल फंड में निवेश करना चाहिए.

आलोक पुराणिक कहते हैं, "अगर आप सही तरीके से निवेश करते हैं तो आपको 12 से 16 प्रतिशत तक का रिटर्न मिल सकता है. ये पीपीएफ और इसी तरह की दूसरी योजनाओं से बहुत ज़्यादा हैं."

पुराणिक के मुताबिक़ नेशनल पेंशन स्कीम में भी निवेश करना एक अच्छा फ़ैसला हो सकता है. वो कहते हैं, "इस स्कीम के तहत आप ये फ़ैसला कर सकते हैं कि कितनी रकम आप म्यूचुअल फंड में डालना चाहते हैं और कितनी दूसरी योजनाओं में."

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क्या म्यूचुअल फंड में निवेश करना ख़तरनाक नहीं है?

म्यूचुअल फंड में निवेश को लेकर अक्सर लोगों को डर बना रहता है, लेकिन पुराणिक का मानना है कि इस डर का कारण अज्ञानता है.

पुराणिक के मुताबिक़, "रिस्क किस निवेश में नहीं होता है, ज़रूरत होती है थोड़ी सावधानी की और जब हम एक लंबे समय के लिए निवेश की बात करते हैं तो म्यूचुअल फंड में उतना जोखिम नहीं है जितना लोग समझते है.

वो कहते हैं, "किसी कंपनी को नुकसान होता है तो कभी फ़ायदा. म्यूचुअल फंड के माध्यम के कई कंपनियों में निवेश किया जाता है, तो लंबे समय में आपको अच्छा रिटर्न मिलने की गुंजाइश होती है."

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