अमेठी सांसद और कांग्रेस अध्यक्ष का योग बनाएगा पीएम?

  • 17 जनवरी 2018
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राहुल गांधी अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी अभी ढाई महीने पहले भी आए थे, लेकिन तब वो पार्टी के उपाध्यक्ष थे. बतौर अध्यक्ष उनका पहला दौरा था तो कांग्रेस पार्टी के लोगों ने इस दौरे की शानो-शौकत में कोई कमी भी नहीं आने दी.

लखनऊ एअरपोर्ट से पार्टी के बड़े नेता स्वागत में जुटे थे और फिर रायबरेली के रास्ते अमेठी पहुंचे राहुल गांधी का कई जगह स्वागत किया गया. राहुल गांधी ने साधारण सी दुकान पर चाय पी और समोसे खाए. हालांकि ऐसा वो पहले भी करते आए हैं और बतौर कांग्रेस अध्यक्ष भी अपने इस स्वभाव में उन्होंने तब्दीली नहीं की.

वहीं, गुजरात चुनाव से शुरू हुआ मंदिरों में दर्शन का सिलसिला जारी रखा. रायबरेली की सीमा पर एक हनुमान मंदिर में उन्होंने दर्शन किया और प्रसाद लिया.

सलोन में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने मोदी सरकार और योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा.

राहुल गांधी ने कहा, "हम चीन से स्पर्धा कर रहे हैं, लेकिन चीन की सरकार एक दिन में पचास हज़ार युवाओं को रोज़गार दे रही है जबकि नरेंद्र मोदी की सरकार एक दिन में सिर्फ़ साढ़े चार सौ. मोदी जी और योगी जी सिर्फ़ आपस में लोगों को लड़ा रहे हैं."

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बीजेपी की भी नज़र

अमेठी और रायबरेली कांग्रेस की परंपरागत सीटें मानी जाती हैं, लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को जिस तरह से कड़ी टक्कर दी, उसे लेकर कांग्रेस पार्टी चिंतित है तो बीजेपी उत्साह से लबरेज़.

अमेठी में न सिर्फ़ स्मृति ईरानी बार-बार दौरा करती हैं और विकास कार्यों को लेकर कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लेती हैं बल्कि बीजेपी के बड़े नेता भी समय-समय पर आते रहते हैं.

पिछले साल अक्टूबर महीने में ही बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी यहां कई अन्य बड़े नेताओं के साथ आए थे. उन्होंने कई परियोजनाओं का उद्धाटन किया था. हालांकि कांग्रेस पार्टी के लोगों ने आरोप लगाया था कि वो उन्हीं परियोजनाओं का उद्घाटन कर रहे हैं जिनकी शुरुआत यूपीए सरकार के समय में हुई थी, लेकिन अमित शाह ये तंज़ करने से नहीं चूके कि अमेठी में अभी तक कलेक्ट्रेट की बिल्डिंग भी नहीं बन पाई है.

दरअसल, अमेठी को लेकर बीजेपी ख़ासी दिलचस्पी दिखा रही है. वजह साफ़ है. यदि वो यहां कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को घेरने और उन्हें हराने में सफल हो जाती है तो इसका बड़ा संदेश जाएगा और कांग्रेस पार्टी के लिए इससे ज़्यादा निराशाजनक बात कुछ और हो ही नहीं सकती है.

अमेठी के वरिष्ठ पत्रकार योगेंद्र श्रीवास्तव कहते हैं कि राज्य की सत्ता से लंबे समय से बाहर रहने और अब केंद्र से भी हटने के बाद कांग्रेस पार्टी की पकड़ यहां कमज़ोर हो रही है.

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राहुल ने बदली रणनीति

योगेंद्र श्रीवास्तव कहते हैं कि इसीलिए बीजेपी इस सीट को लेकर इतनी उत्साहित है.

हालांकि, जानकारों का ये भी कहना है कि अमेठी में पार्टी की पकड़ भले ही कमज़ोर हो, लेकिन गांधी परिवार के सदस्यों के प्रति जनसमर्थन शायद ही कमज़ोर पड़े. अमेठी में कांग्रेस कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि स्थानीय लोग भी ये चर्चा कर रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जब-जब अमेठी से सांसद रहे हैं तब-तब केन्द्र में पार्टी की सरकार बनी है.

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इस संदर्भ में लोग राजीव गांधी और सोनिया गांधी का उदाहरण भी देते हैं.

योगेंद्र श्रीवास्तव कहते हैं कि इस लिहाज़ से तो 2019 में कांग्रेस की सरकार बनने की संभावनाएं बढ़ गई हैं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह शायद इसी उम्मीद में और बढ़ गया है.

बहरहाल, दो दिन के इस दौरे पर आए राहुल गांधी मंगलवार को कई जगहों पर कार्यकर्ताओं से मिलेंगे. बताया जा रहा है कि इस बार उन्होंने कार्यकर्ताओं से मिलने की अपनी रणनीति में भी बदलाव किया है. अभी तक वो मुंशीगंज गेस्ट हाउस में ही कार्यकर्ताओं से मिलते थे, इस बार घर-घर जाकर मिलने की कोशिश कर रहे हैं.

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