पीएम-राष्ट्रपति ने तीन तलाक़ बिल के लिए मांगी मदद

  • 29 जनवरी 2018
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राजनीतिक पार्टियों से तीन तलाक बिल को पास कराने में मदद मांगी हैं. उन्होंने कहा कि अगर बजट सत्र में इसे पास कर दिया जाता है तो यह मुस्लिम महिलाओं के लिए नए साल का उपहार होगा.

संसद के बाहर संवाददाताओं से बात करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार की कोशिशों और जनता की चाहतों के बावजूद पिछले सत्र में तीन तलाक बिल पास नहीं हो सका.

उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए क्योंकि यह मुस्लिम महिलाओं के अधिकार से जुड़ा मामला है.

उधर, बजट सत्र से पहले संसद को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी तीन तलाक बिल को कानूनी रूप देने के लिए राजनीतिक पार्टियों को साथ आने को कहा है.

संसद को संबोधित करते हुए रामनाथ कोविंद ने कहा, "मेरी सरकार ने तीन तलाक के संबंध में एक विधेयक संसद में प्रस्तुत किया है. मैं आशा करता हूं कि संसद शीघ्र ही इसे कानूनी रूप देगी."

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उन्होंने आगे कहा कि तीन तलाक पर कानून बनने के बाद मुस्लिम बहन-बेटियां भी आत्मसम्मान के साथ भयमुक्त जीवन जी सकेंगी. बेटियों के साथ भेदभाव खत्म करने के लिए वर्तमान सरकार ने 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' योजना शुरू की थी. इस योजना के सकारात्मक परिणाम को देखते हुए अब इसका दायरा 161 जिलों से बढ़ाकर 640 जिलों तक कर दिया गया है.

राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि सरकार ने मैटरनिटी लीव में बदलाव करके बड़ा कदम उठाया है. महिलाओं को 12 सप्ताह के स्थान पर वेतन सहित, 26 सप्ताह की छुट्टी देने का प्रावधान किया गया है. अब कामकाजी महिलाओं को अपने नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए अधिक समय मिलेगा.

बजट से पहले आम आदमी के 'मन की बात'

राष्ट्रपति के संबोधन की अन्य बातें -

  • 'जनधन योजना' के तहत अब तक लगभग 31 करोड़ गरीबों के बैंक खाते खोले जा चुके हैं. इस योजना के शुरू होने से पहले, देश में महिलाओं के बचत खातों की संख्या लगभग 28 प्रतिशत थी जो अब बढ़कर 40 प्रतिशत से भी अधिक हो गई है.
  • 'प्रधानमंत्री मुद्रा योजना' के तहत अब तक लगभग 10 करोड़ ऋण स्वीकृत किए गए हैं और 4 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज दिया गया है. लगभग 3 करोड़ लोग ऐसे हैं जिन्होंने पहली बार इस योजना का लाभ उठाया है और स्वरोजगार शुरू करने में सफल हुए हैं.
  • सरकार की नीतियों और किसानों की कड़ी मेहनत का ही परिणाम है कि देश में 275 मिलियन टन से ज्यादा खाद्यान्न और लगभग 300 मिलियन टन फलों-सब्जियों का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है.
  • दालों के लिए बनाई गई नई नीति की वजह से पिछले वर्ष की तुलना में दाल के उत्पादन में 38 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है, जो एक रिकॉर्ड है.
  • मेरी सरकार की नीतियों की वजह से जहां एक तरफ यूरिया का उत्पादन बढ़ा है, वहीं 100% नीम कोटिंग के बाद यूरिया की कालाबाजारी भी रुकी है. गोरखपुर, बरौनी, सिंदरी, तालचेर और रामागुंडम में उर्वरक कारखानों को फिर से शुरू कराने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है.
  • गरीबों के जीवन में उजाला फैलाने और उन्हें विकास की राह पर चलने के लिए समर्थ बनाने के लिए, मेरी सरकार ''सौभाग्य'' योजना के तहत 4 करोड़ गरीबों को बिजली कनेक्शन दे रही है.
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  • समाज के हर तबके तक विकास पहुंचाने की सोच के साथ, 'प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना' का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। 2014 में केवल 56 % गांव ही सड़क संपर्क से जुड़े थे. अब 82% से ज्यादा गांव सड़कों से जुड़ चुके हैं जिनमें से अधिकांश दूर-दराज इलाकों में हैं.
  • हमारे देश में ढाई करोड़ से अधिक दिव्यांगजन हैं. सरकार ने 'दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016' लागू किया है. दिव्यांगों के लिए सरकारी नौकरियों में 4 प्रतिशत और उच्च शिक्षा में 5 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है.
  • पिछले एक साल में 45 लाख से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, फेलोशिप, कौशल विकास और कोचिंग स्कीमों का लाभ दिया गया है.
  • 'प्रधानमंत्री जन औषधि' केन्द्रों के माध्यम से गरीबों को 800 तरह की दवाइयां सस्ती दरों पर दी जा रही हैं. इन केन्द्रों की संख्या 3,000 के पार पहुंच चुकी है.
  • युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए सक्रिय मेरी सरकार देश में 20 'इंस्टीट्यूट्स ऑफ एमिनेन्स' बनाने पर काम कर रही है. इस मिशन के तहत चुने हुए शिक्षण संस्थानों को 10,000 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी.
  • पहली बार ऐसा अवसर आया है जब देश में बिजली क्षमता के विस्तार में लक्ष्य से अधिक बढ़ोतरी हुई है. अब भारत बिजली का नेट एक्सपोर्टर बन गया है। 18,000 गांवों तक बिजली पहुंचाने का कार्य भी पूर्णता की तरफ बढ़ रहा है.
  • मेरी सरकार ने 'वन रैंक वन पेंशन' के अपने वचन को पूरा करते हुए 20 लाख से ज्यादा सेवानिवृत्त सैनिकों को 10,000 करोड़ रुपए से अधिक की बकाया राशि का भुगतान किया है.

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