दूसरा पाकिस्तान मांगने वाले कश्मीर के डिप्टी ग्रैंड मुफ़्ती

  • 31 जनवरी 2018
डिप्टी ग्रैंड मुफ़्ती नासिर उल इस्लाम इमेज कॉपीरइट Deputy Grand Mufti Nasir ul Islam
Image caption नासिर का मानना मुसलमानों के साथ हो रहा भेदभाव

भारत-प्रशासित कश्मीर में मुस्लिम पर्सनल बोर्ड के उपाध्यक्ष और डिप्टी ग्रैंड मुफ़्ती नासिर उल इस्लाम का कहना है कि हिंदुस्तान में रहने वाले मुसलमानों को बीजेपी और आरएसएस दूसरा पाकिस्तान बनाने पर मजबूर कर रहे हैं.

मंगलवार को मुफ़्ती नासिर ने श्रीनगर में प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बताया था कि समय आ गया है कि हिंदुस्तान में रहने वाले मुसलमान अपने लिए अलग देश की मांग करें.

उन्होंने यह भी बताया कि मुसलमानों के हिंदुस्तान में जो हालात हैं, वह बहुत ज़्यादा ख़राब हैं.

बीबीसी से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, "मेरे कहने का जो मक़सद था वह यह था कि मुसलमानों को आरएसएस और बीजेपी देश के भीतर दूसरा पाकिस्तान बनाने के लिए मजबूर कर रहे हैं."

जम्मू-कश्मीर में सेना-पुलिस आमने-सामने?

'ना डर, ना सरेंडर' से सुलझेगी कश्मीर समस्या?

इमेज कॉपीरइट Getty Images

'मुसलमानों को बनाने दें दूसरा मुल्क'

मुफ़्ती नासिर का कहना था, "जहां तक हिंदुस्तान के मुसलमानों की बात है, 1947 से लेकर आज तक कितने आयोग बने, जिसमें उनकी ख़राब हालत पर चर्चा की गई. वह ग़रीबी की रेखा से नीचे हैं. हिंदुस्तान के मुसलमानों को तकलीफ़ें दी जा रही हैं. हिंदुस्तान के हिन्दू ये कह रहे हैं कि हिंदुस्तान मुसलमानों का नहीं है, यह हिन्दुओं का देश है. हम जब टीवी खोलते हैं तो वहां मुसलमानों पर पाकिस्तान के लिए कसूरवार ठहराया जाता है. यहां तक बाबर और औरंगज़ेब को भी नहीं छोड़ा गया. यहां तक तो ठीक था लेकिन पैग़ंबर मोहम्मद को भी टेलीविज़न कार्यक्रमों में कई दफ़ा निशाना बनाया गया."

उन्होंने आगे बताया, "गौरक्षा के नाम पर किस तरह मुसलमानों का क़त्ल किया जा रहा है. लव जिहाद के नाम पर मुसलमानों के साथ कैसा बर्ताव हो रहा है. हिंदुस्तान में मुसलमानों को उसी तरह रहने का हक़ दिया जाए जैसे दूसरे समुदायों को है. आप कहते हैं कि यह देश हिन्दुओं के लिए है तो फिर ठीक है. हिंदुस्तान का एक और हिस्सा कर दीजिए और हिंदुस्तान के मुसलमानों को एक और मुल्क बनाने दीजिए."

मुफ़्ती नासिर ने कहा, "जिस दावे को आज तक हम ग़लत साबित कर रहे थे आज वह सही साबित हो रहा है और उसी की तरफ़ ये लोग हमें ले जा रहे हैं."

इमेज कॉपीरइट Mufti Nasir ul Islam/Twitter
Image caption मुफ़्ती नासिर बीच में

'मुसलमानों की जगह तिहाड़'

मुफ़्ती नासिर ने बतया, "जो फ़ैसला उस समय मुसलमानों ने लिया वह सही फ़ैसला था. हिंदुस्तान में उनके लिए कोई जगह नहीं है किसी भी जगह उनकी नुमाइंदगी नहीं है. हाँ, एक जगह उनकी नुमाइंदगी है और वह तिहाड़ जेल है."

उन्होंने बताया कि यह फ़ैसला बीजेपी और संघ परिवार को करना चाहिए कि मुसलमान कहां जाएं. उन्होंने बताया, "प्रवीण तोगड़िया, साक्षी महाराज और दूसरे नेता ऐसा करने के लिए कह रहे हैं."

उनका कहना था, "उस समय सिर्फ़ 17 करोड़ मुसलमानों ने पाकिस्तान बनाया. अगर हिंदुस्तान में मुसलमानों की हालत ऐसी ही रही तो फिर आज 20 करोड़ मुसलमान दूसरा देश क्यों नहीं बना सकते."

मुफ़्ती नासिर के इस बयान पर पीडीपी के नेता और मंत्री चौधरी ज़ुल्फ़िकार अली ने कहा कि ये बयान उनकी निजी सोच हो सकती है. उनका कहना था कि हिंदुस्तान को बनाने में मुसलमानों का भी हाथ है और यह देश जितना दूसरों का है उतना ही मुसलमानों का भी है.

बीजेपी के नेता और विधायक रविंदर रैना का मुफ़्ती नासिर के बयान पर कहना था, "हिंदुस्तान सब का है. इस तरह के बयान सिर्फ़ एक साजिश है. अब चुनाव नज़दीक आ रहे हैं और कुछ लोग हैं जो मुसलमानों के अंदर नफ़रत का माहौल पैदा करना चाहते हैं."

जम्मू-कश्मीर की शिक्षा से सेना प्रमुख का क्या लेना-देना?

कश्मीर: इस्लामिक स्टेट के नए वीडियो के मायने क्या है?

इमेज कॉपीरइट Getty Images

ग्रैंड मुफ़्ती के बेटे हैं नासिर

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सवादी) के राज्य सचिव और विधायक यूसुफ़ तारिगामी ने मुफ़्ती नासिर के बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनका बयान ग़ैर-ज़िम्मेदाराना है.

उनका कहना था, "मैं ऐसे लोगों से एक सवाल पूछना चाहता हूं कि 70 साल पहले पाकिस्तान नाम का एक अलग देश वजूद में आया. धर्म की बुनियाद पर एक अलग देश बनने से मसले कम हुए या और भी पेचीदगियां पैदा हुईं? जहां तक बात है हिंदुस्तान की तो जब से एक सरकार बनी है तब से हिंदुस्तान के अल्पसंख्यकों में एक परेशानी ज़रूर पैदा हुई है. भारत में अब भी ऐसे लोग हैं जो बीजेपी और आरएसएस की सियासत के तरफ़दार नहीं हैं."

मुफ़्ती नासिर कश्मीर के ग्रैंड मुफ़्ती (मुफ़्ती अज़म) बशीरुद्दीन के पुत्र हैं. मुफ़्ती बशीरुद्दीन ने उन्हें 2012 में डिप्टी ग्रैंड मुफ़्ती बनाया था.

मारा गया चार फुट का 'मौत का सौदागर'

कश्मीर में बढ़ रहे हैं इस्लामिक स्टेट के चैनल?

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए