बजट 2018: अरुण जेटली के 10 बड़े एलान

  • 1 फरवरी 2018
अरुण जेटली

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2018-19 का बजट पेश किया. 2019 के आम चुनावों से पहले ये मोदी सरकार का आख़िरी पूर्ण बजट था.

पढ़िए, बजट में किसकी झोली भरी और किसकी झोली रही खाली

-आयकर सीमा में कोई बदलाव नहीं.वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए 40 हज़ार रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन यानी जितना वेतन है उसमें से 40 हज़ार रुपये घटाकर जो रकम बचेगी उस पर टैक्स लगेगा.

-शिक्षा और स्वास्थ्य पर सेस 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत किया गया

-एक लाख रुपये से अधिक के निवेश पर 10 प्रतिशत कैपिटल गेन टैक्स यानी

-मोबाइल, टीवी उपकरणों पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाई- मोबाइल, टीवी महंगे होंगे

-70 लाख नई नौकरियां बनाने का लक्ष्य

-आठ करोड़ गरीब परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन

-नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के तहत 10 करोड़ गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये तक का हेल्थ बीमा

-किसानों को उनकी फसल पर लागत का डेढ़ गुना दाम मिलेगा

-राष्ट्रपति की तनख्वाह पाँच लाख होगी, उपराष्ट्रपति की चार लाख रुपये और राज्यपाल की तनख्वाह साढ़े तीन लाख होगी. सांसदों का वेतन भी बढ़ेगा और हर पांच साल में सांसदों के भत्ते की समीक्षा होगी.

-250 करोड़ रुपये तक के कारोबार वाली कंपनियों के लिए 25 प्रतिशत टैक्स

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