'अपनी सरकार' के बजट पर क्या बोले मोदी

  • 1 फरवरी 2018
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि 2018-19 का बजट से किसानों और ग़रीबों को फ़ायदा होगा और ग्रामीण इलाकों का विकास होगा.

बजट की तारीफ़ करते हुए मोदी ने कहा

  • ये बजट 125 करोड़ देशवासियों को गति देना वाला है. ये बजट चौतरफा विकास को समर्पित है.
  • गांव और कृषि क्षेत्र के लगभग साढ़े 14 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड आवंटन इस बजट में किया गया है.
  • मोदी ने कहा कि किसानों को इस फ़ैसले का पूरा लाभ मिल सके इसलिए केंद्र राज्य सरकार के साथ बात करके काम करेगी.
  • ऑपरेशन ग्रीन एक कारगर क़दम साबित होने वाला है. आख़िरी छोर पर बैठे लोगों के लिए ये बजट काम का होगा.
  • तीन लाख किलोमीटर से ज़्यादा की सड़कें, दो करोड़ शौचालय बनाए जाएंगे. इसका सीधा फ़ायदा दलितों, वंचित और समाज के हाशिए के लोगों को मिलेगा.
  • देश के अलग-अलग ज़िलों में खेती उत्पादों के लिए स्टोरेज़, प्रोसेसिंग और विपणन की व्यवस्था होगी.
  • सहकारी समितियों को पहले से ही टैक्स में छूट है, लेकिन अब फ़ॉर्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन को भी टैक्स में छूट मिलेगी.
  • किसानों और पशुपालकों के फ़ायदे के लिए गोवर्धन योजना लागू की गई है.

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किसानों को बजट में सरकार से क्या मिला?

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  • आयुष्मान योजना से बीमारी से आफ़त से मुक्ति मिलेगी. लगभग 45 से 50 करोड़ नागरिकों को हेल्थ बीमा की सुविधा.
  • चिह्नित अस्पतालों में इनका पांच लाख रुपये तक का इलाज़ मुफ्त होगा. डेढ़ लाख हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाने का क़दम भी प्रशंसनीय है.
  • तीन संसदीय क्षेत्रों के बीच एक मेडिकल कॉलेज बनाने का लक्ष्य रखा गया है.
  • वरिष्ठ नागरिकों के लिए बजट में कई फ़ैसले लिए गए हैं. 15 लाख रुपये तक की राशि पर कम से कम 8 प्रतिशत तक का ब्याज प्राप्त करेंगे.
  • ब्याज दरों में कमी का असर उन पर नहीं होगा. ब्याज से हुई 50 हज़ार रुपये तक की कमाई पर टैक्स नहीं लगेगा. 50 हज़ार रुपये तक का मेडिकल बीमा आयकर मुक्त.
  • लघु और मझौले उद्योगों के लिए टैक्स में कटौती की गई है. अब एमएसएमई को 30 प्रतिशत की बजाय 25 प्रतिशत टैक्स देना होगा.
  • एमएसएमई के लिए कर्ज लेने की प्रक्रिया को और आसान बना दिया गया है.
  • नए श्रमिकों के ईपीएफ़ खाते में तीन साल तक 12 प्रतिशत का योगदान (नियोक्ता का अंशदान) सरकार करेगी.

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