मेरी दाढ़ी और टोपी देखकर हमला किया गया: कश्मीरी छात्र

  • 4 फरवरी 2018
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Image caption 'जाविद इक़बाल जगल' नाम के ट्विटर हैंडल ये तस्वीर ट्वीट की गई है.

हरियाणा के महेंद्रगढ़ में दो कश्मीरी छात्रों पर हमले के बाद एक बार फिर प्रदेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का सवाल उठा है.

हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के दो कश्मीरी छात्रों पर उस वक़्त हमला हुआ जब वो जुमे की नमाज़ पढ़कर लौट रहे थे.

हमले में घायल आफ़ताब अहमद ने बीबीसी को अपनी आपबीती सुनाई.

आफ़ताब ने बताया, "मैं जुमे की नमाज़ पढ़ने के लिए सज-संवरकर मस्जिद गया था. मेरी दाढ़ी है और मेरे सर पर टोपी भी थी. मैंने कुर्ता पायजामा पहन रखा था."

आफ़ताब का आरोप है कि हमलावर एक दर्जन से अधिक थे और उन्होंने मस्जिद से निकलने के बाद से ही उनका पीछा करना शुरू कर दिया था.

आफ़ताब का कहना है कि उन्हें बिना किसी वजह के पीटा गया.

वहीं पुलिस का कहना है कि हमलावरों का कुछ देर पहले यूपी के कुछ नौजवानों से झगड़ा हुआ था और उन्होंने कश्मीरी छात्रों को उनका ही सहयोगी मानकर उन पर हमला कर दिया.

हालांकि, आफ़ताब के लिए पुलिस की इस सफ़ाई को पचा पाना मुश्किल है.

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Image caption आफ़ताब अहमद का कहना है कि हमले के बाद से वो डरे हुए हैं

सेंट्रल यूनिवर्सिटी के छात्र

आफ़ताब ने बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा से कहा, "वो मुझे पीट रहे थे और मैं उनसे पूछ रहा था कि मेरा क़सूर क्या है, मैंने आख़िर किया क्या है जो इस तरह से मुझे पीट रहे हो."

"मैं बार-बार उन्हें बता रहा था कि हम सेंट्रल यूनिवर्सिटी के छात्र हैं लेकिन उन्होंने हमारी एक न सुनी."

आफ़ताब कहते हैं, "उन्होंने मुझे बहुत बुरी तरह पीटा, मैं बेहोश हो गया था. बहुत से लोग देख रहे थे लेकिन कोई मदद के लिए आगे नहीं आया."

आफ़ताब आगे कहते हैं, "मैं नहीं जानता कि हमलावर कौन थे, उन्होंने क्यों हमला किया लेकिन मैं इसके बाद से बहुत डरा हुआ हूं. आगे की पढ़ाई पूरी करना बेहद मुश्किल होगा."

हरियाणा सेंट्रल यूनिवर्सिटी से जियोग्राफ़ी में एमएससी कर रहे आफ़ताब कहते हैं कि जब वो यहां पढ़ने आए थे तब उनके मन में एक डर तो था लेकिन उन्होंने ये कभी नहीं सोचा था कि उन पर हमला हो जाएगा.

आफ़ताब कहते हैं, "कश्मीरी होने की वजह से हमें कई तरह के सवालों और तानों को सहना पड़ता है. लेकिन हम कभी जवाब नहीं देते. अब अज्ञात लोग जिन्हें हम जानते भी नहीं उन्होंने जानलेवा हमला किया है. ये एक सुनियोजित हमला था."

क्या कहना है पुलिस का

पुलिस का कहना है कि हमला सड़क पर हुए एक झगड़े को लेकर हुआ था और मामला दर्ज करने के बाद हमला करने वाले तीन लड़कों को गिरफ्तार कर लिया गया है.

एसपी नारनौल कमलदीप गोयल ने बीबीसी हिंदी को बताया, "शुक्रवार को दो बाइक सवार युवकों का रास्ते पर जा रहे पांच लड़कों से बाइक टकराने की वजह से झगड़ा हो गया था. इसके बाद बाइक सवार युवक कुछ और युवकों को लेकर लौटे."

एसपी गोयल के मुताबिक, युवकों को ये दो कश्मीरी छात्र दिखाई दिए और उन्होंने इन पर हमला कर दिया.

पुलिस के मुताबिक पकड़े गए तीन अभियुक्तों का कहना है कि उन्होंने दोनों कश्मीरी लड़कों को उन पांच लड़कों के पास खड़े देखा था जिनसे झगड़ा हुआ था. इसलिए इन्हें उनका साथी समझकर पीट ​दिया. घायल हुए छात्र उस वक़्त नमाज़ के बाद मस्जिद से लौट रहे थे.

कमलदीप गोयल कहते हैं कि कुल छह हमलावरों की पहचान हुई है जिनमें से बाकी बचे तीन को पकड़ने की कोशिश जारी है.

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उमर अब्दुल्ला से मांगी मदद

आफ़ताब और उनके साथ हमले में घायल हुए अमजद अली फिलहाल हॉस्टल में ही हैं. आफ़ताब कहते हैं कि उन्होंने ट्वीट के ज़रिए जम्मू और कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को घटना के बारे में बताया था.

'जाविद इक़बाल जगल' नाम के ट्विटर हैंडल से शुक्रवार रात को किए गए ट्वीट में घायल आफ़ताब की तस्वीरों के साथ लिखा था, "सर हम सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ़ हरियाणा के छात्र हैं. हम कैंपस के बाहर जुमे की नमाज के लिए गए थे और कुछ स्थानीय गुंडों ने हम पर हमला कर दिया."

इसके बाद उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा, "ये भयानक है और पीएम मोदी ने लाल किले से जो कहा था उसकी भावना के ख़िलाफ़ है. मुझे उम्मीद है कि हरियाणा प्रशासन जल्द ही इस हिंसा के ख़िलाफ कदम उठाएगा."

जम्मू और कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मु्फ़्ती ने भी इस मामले पर तुरंत प्रतिक्रिया दी.

उन्होंने ट्वीट किया, "हरियाणा के महेंद्रगढ़ में कश्मीरी छात्रों पर हमले की रिपोर्ट सुनकर हैरान और परेशान हूं. मैं अधिकारियों से जांच करने और सख्त कार्रवाई करने का आग्रह करती हूं."

महबूबा मुफ़्ती के ट्वीट पर जवाब देते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने लिखा है कि दोषियों को ज़रूर सज़ा होगी.

उन्होंने लिखा, "मामला बाइक टकराने जैसी छोटी घटना से शुरू हुआ. तीन लोग गिरफ़्तार हो चुके हैं और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौक़े पर पहुंच गए हैं."

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