पीएनबी स्कैम: कौन हैं डायमंड मर्चेंट नीरव मोदी?

नीरव मोदी

पासपोर्ट रद्द किए जाने की कार्रवाई, 1300 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी का सीज़ किया जाना और केंद्रीय जांच एजेंसियों का लुक आउट नोटिस.

ये सारी ख़बरें सिलेब्रिटी ज्वेलर और अरबपति डायमंड मर्चेंट नीरव मोदी से जुड़ी हुई हैं. और इसकी वजह है, पंजाब नैशनल बैंक के 11,360 करोड़ रुपये का घोटाला.

इस घोटाले के केंद्र में हैं नीरव मोदी. गुरुवार को विपक्षी कांग्रेस ने नीरव मोदी का नाम लेते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा.

सरकार का कहना है कि नीरव मोदी, उनकी पत्नी एमी और उनके भाई निशाल और उनके बिजनेस पार्टनर मेहुल चोकसी पर कार्रवाई की जा रही है.

क्या आरोप लगा है नीरव पर?

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के अधिकारियों ने बताया कि पंजाब नैशनल बैंक को नीरव मोदी, उनके भाई, पत्नी और कारोबारी साझेदार ने कथित तौर पर 280 करोड़ रुपये से ज़्यादा की चपत लगाई है.

CBI ने पंजाब नैशनल बैंक की शिकायत पर कदम उठाया. बैंक का दावा है कि नीरव, उनके भाई निशाल, पत्नी अमी और मेहुल चीनूभाई चोकसी ने बैंक के अधिकारियों के साथ साज़िश रची और उसे नुकसान पहुंचाया. ये सभी डायमंड आर यूएस, सोलर एक्सपोर्ट और स्टेलर डायमंड्स में पार्टनर हैं.

इन चारों के ख़िलाफ़ भारतीय दंड संहिता की उन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है जो आपराधिक साज़िश रचने, धोखाधड़ी से जुड़े हैं. इसके अलावा प्रीवेंशन ऑफ़ करप्शन ऐक्ट के प्रावधानों के तहत भी आरोप तय किए गए हैं. आय कर अधिकारियों ने 31 जनवरी को उनके यहां छापा मारा था.

दिल्ली, सूरत और जयपुर में उनके दफ्तरों पर आईटी विभाग की नज़र पहले से थी. ज्वेलरी डिजाइनर 2.3 अरब डॉलर के फ़ायरस्टार डायमंड के संस्थापक हैं और उनके ग्राहकों में दुनिया के जाने-माने लोग शामिल हैं.

कहां-कहां हैं उनके स्टोर?

नीरव मोदी के डिजाइनर ज्वेलरी बूटीक लंदन, न्यूयॉर्क, लास वेगास, हवाई, सिंगापुर, बीजिंग और मकाऊ में हैं. भारत में उनके स्टोर मुंबई और दिल्ली में है.

नीरव मोदी ने अपने ही नाम से साल 2010 में ग्लोबल डायमंड ज्वेलरी हाउस की नींव रखी थी. कंपनी का मुख्यालय भारत के मुंबई शहर में है.

नीरव डायमंड का कारोबार करने वाले परिवार से आते हैं और बेल्जियम के एंटवर्प शहर में उनका पालन-पोषण हुआ है.

कैसे परिवार से ताल्लुक?

ऐसा बताया जाता है कि युवा उम्र से ही उनकी दिलचस्पी आर्ट और डिजाइन में थी और वो यूरोप के अलग-अलग म्यूज़ियम में आते-जाते थे.

इसके बाद भारत में जाकर बसने और डायमंड ट्रेडिंग बिज़नेस के सभी पहलुओं की ट्रेनिंग लेने के बाद साल 1999 में उन्होंने फ़ायरस्टार की नींव रखी.

ये एक डायमंड सोर्सिंग और ट्रेडिंग कंपनी है. साल 2008 में नीरव के एक करीबी दोस्त ने उन्हें ईयररिंग बनाने को कहा.

कैसे की शुरुआत?

इसे बनाने के लिए सही हीरे चुनने और डिजाइन करने में उन्होंने कई महीने लगाए और तभी उन्हें अहसास हुआ कि वो ज्वेलरी को लेकर जुनून और कला दोनों रखते हैं. तभी उन्होंने ब्रांड बनाने की ओर कदम उठाया.

साल 2010 में वो क्रिस्टी और सॉदबी के कैटालॉग पर जगह बनाने वाले पहले भारतीय ज्वेलर बने. साल 2013 में वो फ़ोर्ब्स लिस्ट ऑफ़ इंडियन बिलिनेयर में आए और तब से अपनी जगह बनाए हुए हैं.

नीरव मोदी कंपनी के आभूषण केट विंस्लेट, रोज़ी हंटिंगटन-व्हाटली, नाओमी वॉट्स, कोको रोशा, लीज़ा हेडन और एश्वर्य राय जैसे भारतीय और अंतरराष्ट्रीय स्टाइल आइकन पहनते हैं.

भारत में स्टोर कहां-कहां?

साल 2014 में नीरव मोदी ने दिल्ली के डिफ़ेंस कॉलोनी में पहला फ्लैगशिप स्टोर खोला और साल 2015 में मुंबई के काला घोड़ा में स्टोर खुला.

साल 2015 में नीरव मोदी कंपनी ने न्यूयॉर्क सिटी और हॉन्गकॉन्ग में बूटीक खोले. लंदन की बॉन्ड स्ट्रीट और एमजीएम मकाऊ में उनके बूटीक स्टोर हाल में खुले हैं.

niravmodi.com के मुताबिक नीरव मोदी का ये झुकाव परिवार की वजह से हुआ क्योंकि रात के भोजन के वक़्त भी उन लोगों की बातचीत इसी पर हुआ करती थी.

इसके अलावा उन्हें अपनी मां से काफ़ी प्रेरणा मिलती है, जो इंटीरियर डिज़ाइनर थीं.

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