प्रेस रिव्यूः कंगना की फ़िल्म में झांसी की रानी का अंग्रेज से प्यार?

  • 6 फरवरी 2018
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'पद्मावत' के बाद अब कंगना रनौट की फिल्म 'मणिकर्णिकाः द क्वीन ऑफ़ झांसी' पर विवाद हो सकता है.

हिंदुस्तान टाइम्स ने अपने फ्रंट पेज पर खबर छापी है कि ये फिल्म रानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर बनी है.

अखबार लिखता है कि जिस तरह 'पद्मावत' फिल्म से राजपूत समुदाय नाराज था वैसे ही 'मणिकर्णिकाः द क्वीन ऑफ़ झांसी' से ब्राह्मण नाराज हो सकते हैं.

सोमवार को सर्व ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष सुरेश मिश्रा ने जयपुर में कहा कि 'मणिकर्णिकाः द क्वीन ऑफ़ झांसी' में तथ्यों से छेड़छाड़ की गई है.

उनका दावा है कि इसमें रानी लक्ष्मीबाई और एक अंग्रेज के बीच प्रेम होते हुए दिखाया गया है.

वहीं फिल्म के प्रोड्यूसर कमल जैन ने कहा है कि उन्होंने कई इतिहासकारों और विद्वानों से राय लेने के बाद फिल्म बनाई है.

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विपक्ष के फोन टैप करवा रही है सरकार

इंडियन एक्सप्रैस ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाब नबी आजाद के उस बयान को प्रमुखता से प्रकाशित किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि विपक्ष के नेताओं के फोन टैप किए जा रहे हैं.

गुलाम नबी आजाद ने आरोप लगाए कि सरकार ईडी, इनकम टैक्स और एनआईए का इस्तेमाल कर राजनीतिक दलों को बांटने का काम कर रही है.

सरकार कांग्रेस से जुड़े लोगों को परेशान कर रही है इस वजह से कई बिजनेसमैन उनके साथ फोन पर बात करने से घबरा रहे हैं.

उन्होंने कहा कि जब वे जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री थे तब वे यह काम चरमपंथियों के ख़िलाफ़ करते थे, लेकिन मौजूदा सरकार हमारे साथ चरमपंथियों जैसा व्यवहार कर रही है.

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दो वयस्कों की शादी में तीसरा दखल नहीं दे सकता

टाइम्स ऑफ इंडिया ने सुप्रीम कोर्ट के उस बयान को प्रमुखता से प्रकाशित किया है जिसमें उसने कहा है कि दो वयस्क लोगों की शादी में किसी तीसरे को हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के नेतृत्व वाली बेंच ने सोमवार को कहा कि दो वयस्क अगर आपसी सहमति से शादी कर रहे हैं तो उसमें कोई दखल नहीं दे सकता.

इसके साथ ही इस बेंच ने यह भी कहा कि खाप पंचायतों इस तरह के मामलों में बेवजह घुसने की जरूरत नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि खाप पंचायतें समाज के रखवाले जैसा व्यवहार न करें, किसी शादी की वैधता कानून के हिसाब से तय की जाएगी ना कि गोत्र और परंपराओं के हिसाब से.

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वकील ने कहा, नारी नर्क का द्वार

लड़कियों को आश्रम में कैद कर कथित यौन शोषण के आरोपों से घिरे वीरेंद्र देव दीक्षित के वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा कि नारी नर्क का द्वार होती है.

जनसत्ता में प्रकाशित खबर के अनुसार वकील के इस बयान पर कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश गीता मित्तल ने सख्त रुख अख्तियार किया और तत्काल वकील को कोर्टरूम से बाहर निकलवा दिया.

बहस के दौरान वकील ने कह दिया था कि-'नारी नर्क का द्वार होती है, इसीलिए हम लड़कियों को आश्रम में कैद करके रखते हैं.'

इस बयान को सुनकर जज सहित अन्य सभी लोग चौंक पड़े.

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने वकील के लफ्ज को आपत्तिजनक बताते हुए प्रतिवाद किया.

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