गिरिराज सिंह पर एफ़आईआर, निशाने पर नीतीश

  • 8 फरवरी 2018
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Image caption गिरिराज सिंह

ठंड के मौसम में भी बिहार का राजनीतिक तापमान एक एफ़आईआर के बहाने फिर बढ़ गया है. मामला तो केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह पर दर्ज हुआ है, लेकिन विपक्ष, खासकर राजद नेता तेजस्वी यादव के निशाने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हैं.

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह सहित 33 लोगों के ख़िलाफ़ पटना व्यवहार न्यायालय के आदेश पर ज़मीन फ़र्जीवाड़े को लेकर दानापुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है.

गिरिराज सिंह केंद्र सरकार में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग में स्वतंत्र प्रभार के राज्यमंत्री हैं. दर्ज मामले में अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निरोधक

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Image caption एफ़आईआर में बीजेपी नेता गिरिराज सिंह का नाम

अधिनियम की धारा भी शामिल है. यह मामला दानापुर के राम नारायण प्रसाद ने दर्ज कराया है.

नीतीश सहूलियत के मुताबिक अंतरात्मा जगाते हैं

मामला

राम नारायण प्रसाद ने बीबीसी को फोन पर बताया, ''11-12 लोगों ने हमारे खतियानी जमीन पर अवैध कब्ज़ा कर रखा है. थाने में कोई केस नहीं ले रहा था तो मुझे कोर्ट जाना पड़ा. गिरिराज सिंह अवैध रूप से ज़मीन कब्ज़ा करा लिए हैं, इसलिए हम उनका नाम दिए हैं. उनके कब्ज़े में साढ़े तीन कट्ठा ज़मीन है.''

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Image caption नीतीश कुमार

एफ़आईआर दो फ़रवरी को ही दर्ज कराई गई थी, लेकिन यह मामला तब सुखिर्यों में आया जब बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता और सूबे के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने इस मामले पर ट्वीट कर नीतीश कुमार पर निशाना साधा.

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इस मुद्दे पर उन्होंने बुधवार के अपने दूसरे ट्वीट में नीतीश कुमार से सवाल किया, ''केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ग़रीबों की ज़मीन पर कब्ज़ा कर लिया है, क्या अब आप गठबंधन तोड़ेंगे.''

तेजस्वी ने अब तक दर्जन भर से अधिक ट्वीट इस मुद्दे पर किए हैं जिनमें निशाने पर गिरिराज सिंह से ज़्यादा नीतीश कुमार हैं.

भड़काऊ भाषण, गिरिराज सिंह के ख़िलाफ़ एफ़आईआर

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Image caption लालू यादव और उनके पुत्र तेजस्वी यादव

तेजस्वी की पार्टी के प्रवक्ता और राजद विधायक अख़्तारुल इस्लाम शाहीन कहते हैं, ''बीते साल तेजस्वी यादव पर हुए एफ़आईआर पर नैतिकता का हवाला देते हुए उन्होंने गठबंधन तोड़ने का काम किया. बिहार के एक बड़े नेता पर ज़मीन हड़पने के आरोप में एफ़आईआर हुआ है, इस मामले में भी उन्हें नैतिकता के आधार पर गठबंधन तोड़ना चाहिए.''

उन्होंने आगे कहा, ''उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री पर कई एफ़आईआर दर्ज हैं. बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पर कई मामले हैं. एक एफ़आईआर का हवाला देकर नीतीश वहां चले गए जिस पार्टी के कई नेताओं पर एफ़आईआर ही एफ़आईआर हैं.''

गिरिराज का हमला

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Image caption गिरिराज सिंह का ट्वीट

वहीं गिरिराज सिंह ने ट्वीट कर तेजस्वी यादव पर हमला बोला है. उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ''ज़मीन फ़र्जीवाड़े की पहली जानकारी उन्हें तेजस्वी के ही ट्वीट से मिली है. ऐसा लगता है कि इसके आर्किटेक्ट वही हैं.''

जबकि प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बारे में उन्होंने कहा, ''एफ़आईआर के मेरिट पर जानकारी के अभाव में कुछ नहीं कह सकता. लेकिन क़ानून के साथ हमेशा सहयोग करूंगा.''

वहीं नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के प्रवक्ता और विधान पार्षद नीरज कुमार का कहना है कि गिरिराज सिंह और तेजस्वी का मामला अलग-अलग है.

वे कहते हैं, ''इस मामले के आधार पर तेजस्वी यादव अगर राजनीति का एजेंडा सेट कर रहे हैं तो उन्हें समझना चाहिए कि दोनों मामले अलग-अलग हैं. यह मामला तेजस्पी के मामले की तरह कंपनी ट्रांसफ़र, शेयर ट्रांसफ़र और ब्लैक मनी को व्हाइट मनी करने का नहीं है. हां, अगर गिरिराज सिंह ने उचित जगहों पर इस संपत्ति का विवरण नहीं दिया है तो यह अपराध हो सकता है.''

जदयू प्रवक्ता ने गिरिराज सिंह से अपेक्षा की है कि इस मामले में वे तथ्यों के साथ सामने आएंगे. गिरिराज सिंह के पटना स्थित मकान से साल 2014 में लाखों रुपये कैश भी बरामद हुए थे हालांकि बरामदगी के वक्त गिरिराज सिंह मकान में नहीं रह रहे थे.

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