जम्मू में आर्मी कैंप पर चरमपंथी हमले में कम से कम दो जवानों की मौत

  • 10 फरवरी 2018
जम्मू चरमपंथी हमला इमेज कॉपीरइट MOHIT KANDHARI

जम्मू के सुंजवान आर्मी कैंप में शनिवार तड़के चरमपंथी हमला हुआ है. जम्मू रेंज के आईजी डॉक्टर एसडी जमवाल ने इस हमले की पुष्टि की है.

जम्मू-कश्मीर के संसदीय मामलों के मंत्री अब्दुल रहमान वीरी ने विधानसभा में कहा है कि हमले में जेसीओ मदन लाल चौधरी और मोहम्मद अशरफ मारे गए हैं.

मदन लाल चौधरी की बेटी नेहा भी इस हमले में ज़ख़्मी हुई हैं. इसके साथ ही एआर वीरी ने कर्नल रोहित सोलंकी, लांस नायक बहादुर सिंह और सिपाही अब्दुल हामिद के ज़ख़्मी होने की जानकारी दी है.

चरमपंथी हमले में मारे गए पुलिसकर्मी बाबर के घर का हाल

इमेज कॉपीरइट MOHIT KANDHARI

कैंप में अब भी सुरक्षाबलों का अभियान जारी है. रुक-रुककर गोलीबारी की आवाज़ आ रही है. यह आर्मी कैंप जम्मू बाइपास रोड के पास है, जहां स्कूल और क्वॉर्टर भी हैं.

सेना के पीआरओ लेफ़्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद का कहना है कि शनिवार तड़के ही एक संदिग्ध गतिविधि को नोटिस किया गया था. उन्होंने कहा, ''जब हमने उस संदिग्ध गतिविधि को चुनौती दी गई तो गोलीबारी शुरू कर दी. इसी दौरान आतंकी फैमिली क्वॉर्टर में घुसे. ''

इमेज कॉपीरइट MOHIT KANDHARI
Image caption जम्मू में सुंजवान आर्मी कैंप के बाहर की एक तस्वीर

जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने इस हमले को लेकर ट्वीट किया है, ''सुंजवान में आज हुआ आतंकी हमला बुरी तरह से परेशान करने वाला है. मैं दिल से इस हमले में ज़ख़्मी लोगों और उनके परिवार के साथ हूं.''

आर्मी कैंप के ऊपर सेना का हेलीकॉप्टर मंडरा रहा है और आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है. इससे पहले 28 जून 2003 को सुंजवान आर्मी कैंप को चरमपंथियों ने निशाना बनाया था. तब हमले में 12 जवान मारे गए थे.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

मिलते-जुलते मुद्दे