मेघालय चुनाव: नेहरू, कैनेडी और इयान बॉथम यहां वोट क्यों मांग रहे हैं!

  • 11 फरवरी 2018
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू(बीच में) अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ़ कैनेडी (दाएं) के साथ इमेज कॉपीरइट Getty Images
Image caption भारत के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू(बीच में) अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ़ कैनेडी (दाएं) के साथ

उत्तर पूर्वी भारत के राज्य मेघालय में इयान बॉथम इन दिनों पहाड़ियों का दौरा कर रहे हैं, इसी तरह कैनेडी भी लगातार राज्य का दौरा कर रहे हैं.

हालांकि इस साल एडोल्फ हिटलर नहीं हैं लेकिन फ्रैंकेनस्टीन ज़रूर मौजूद हैं. ये सभी हाथ जोड़कर मेघायल की जनता से वोट मांग रहे हैं.

आप सोच रहे होंगे कि आखिर इयान बॉथम और कैनेडी मेघालय की धरती पर उतरकर वोट क्यों मांग रहे हैं?

चलिए इस राज़ से पर्दा उठा ही देते हैं और आपको बताते हैं कि ये सभी महान या मशहूर लोग सचमुच में मेघालय विधानसभा चुनाव में नहीं उतरे हैं.

बल्कि ये उनके जैसे नाम वाले लोग हैं.

इयान बॉथम के संगमा ने मैनेंजमेंट में ग्रेजुएशन किया है और वे इस बार नेशनल पीपल्स पार्टी के टिकट पर सलमानपारा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं.

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नाम के पीछे की कहानी

बॉथम राजनीति में नए-नए उतरे हैं लेकिन जिसके सामने वे उतरे हैं उनका नाम है 'विनरसन' यानी विजेता का पुत्र.

वैसे हमें नहीं पता कि इस उम्मीदवार के पिता विजेता हैं भी या नहीं. मैंने फ्रैंकनस्टीन को फोन कर उनके नाम के पीछे की कहानी जाननी चाही तो वे हंसने लगे.

काफी देर तक हंसने के बाद फ्रैंकनस्टीन डब्ल्यू. मोमिन ने कहा, "मेरे अधिकतक वोटरों को मेरा पूरा नाम नहीं मालूम, वे मुझे एफ डब्ल्यू मोमिन कहते हैं. यहां तक की जो मुझे जानते भी हैं, वे भी छोटा नाम ही लेते हैं, इसीलिए मैंने भी वही नाम अपना लिया. मैं अपना पूरा नाम सिर्फ आधिकारिक कागज़ों पर ही इस्तेमाल करता हूं."

फ्रैंकनस्टीन पिछली बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतने में कामयाब रहे थे, लेकिन इस बार वे नेशनल पीपल्स पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं.

वे कहते हैं, "कोई भी मेरे नाम का मजाक नहीं बनाता, कम से कम मेरे आगे तो नहीं, मुझे नहीं पता मेरी पीठ पीछे वो क्या करते हैं."

ज़मीनी स्तर पर काम

फ्रैंकनस्टीन की तरह ही कैनेडी भी चुनावी मैदान में हैं. अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति नहीं, बल्कि कैनेडी कोर्नेलियस खेयरियम. वे कांग्रेस के उम्मीदवार हैं.

हालांकि नेहरू के लिए कांग्रेस में कोई जगह नहीं है. नेहरू सुटिंग पिनुर्सला सीट से यूडीपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं, वहीं गैम्बर्ज सीट से निर्दलीय उम्मीदवार नेहरू डी संगमा मैदान में हैं.

इयान बॉथम की पार्टी के नेता बबिथ संगमा कहते हैं, "कुछ उम्मदीवारों के नाम मज़ाकिया जरूर हैं, लेकिन इससे उनकी लोकप्रियता में कोई फर्क नहीं पड़ता, जैसे इयान बॉथम को ही लें, वे राजनीति में अभी नौसिखिए हैं जबकि मोमिन काफी वरिष्ठ राजनेता हैं. दोनों ही नेता ज़मीनी स्तर पर काम कर रहे हैं."

इतना ही नहीं चुनाव में यूरेका लिंगदोह और 'होपफुल' बैमन नाम के उम्मीदवार भी हैं. होपफुल मतलब की उम्मीद. शायद उन्हें उम्मीद है कि वोटर उन्हें वोट देंगे.

इस बीच एक नाम और है जो खासा दिलचस्प है, वह है 'हिमालय.' सैकड़ों मीलों की दूरी तय कर यह हिमालय मेघालय पहुंचा है. हिमालय मुक्तन शैन्गप्लियांग नाम के ये उम्मीदवार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं.

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Image caption मेघालय में 27 फ़रवरी को डाले जाएंगे विधानसभा चुनाव के लिए वोट

मजाकिया नाम

इस तरह अजब-गजब नाम वाले उम्मीदवारों की सूची लंबी है.

स्टोन शैल्या नाम की जोड़ी, मूनलाइट पैरियट, वंडर लपैंग, फील्ड मार्शल मॉफिनियांग, बॉम्बर सिंग हैनिटा, क्रिस काबुल ए संगमा और साउंडर स्ट्रॉन्ग केजी. ये सभी कुछ उदाहरण हैं.

एक स्थानीय टीवी चैनल में पत्रकार जो थंग्कयू बताते हैं, "खासी लोगों में अपने बच्चों के मजाकिया नाम रखना बहुत आम बात है, हमारे भी दो साथियों के ऐसे ही नाम हैं, एक का नाम है 'सेक्शन'. जब भी वे दफ्तर में प्रवेश करते हैं तो हम उन्हें बुलाते हैं देखिए सेक्शन 144 आ गए. एक और साथी हैं, उनका नाम है सिंगल स्टार. वे अपना परिचय कुछ इस तरह देते हैं, 'हाय, मैं सिंगल हूं'. एक बार जब वे इसी अंदाज में एक महिला को अपना परिचय दे रहे थे तो उस महिला ने कहा, 'मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप सिंगल हो या मैरिड."

तो इन तमाम नामों को जानने के बाद भी अगर आपको हंसी ना आई हो तो एक उम्मीदवार और हैं जिनका नाम है हिलेरियस पेचेन.

मेघालय विधानसभा के चुनाव 27 फरवरी को होने हैं.

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