घोटाले पर PNB की सफ़ाई, कांग्रेस ने पूछे 5 सवाल

  • 16 फरवरी 2018
मोदी के साथ भारतीय प्रतिनिधि मंडल इमेज कॉपीरइट World Economic Forum
Image caption फरवरी 2018 में दावोस में हुए वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में प्रधानमंत्री मोदी के साथ इस तस्वीर में नीरव मोदी को देखा जा सकता है

पंजाब नैशनल बैंक से 11,500 करोड़ का घोटाला अब सियासी तौर पर तूल पकड़ने लगा है.

पंजाब नैशनल बैंक को इस मामले पर सफ़ाई देने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलानी पड़ी तो कांग्रेस ने सरकार और प्रधानमंत्री मोदी से कुछ गंभीर सवाल पूछे हैं.

गुरुवार को अरबपति व्यापारी नीरव मोदी के कई ठिकानों पर छापेमारी की गई. ये छापेमारी पंजाब नैशनल बैंक की शिकायत के बाद की गई है.

राजधानी दिल्ली में इस मामलों को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला के संवाददाता सम्मेलन के बाद सियासी पारा भी परवान चढ़ता दिख रहा है.

पीएनबी घोटाले से शेयर बाज़ार में 4 हज़ार करोड़ डूबे

पीएनबी में 11,360 करोड़ रुपये का घोटाला

सरकार और प्रधानमंत्री से कांग्रेस के पांच सवाल

  • नीरव मोदी दावोस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ क्या कर रहे थे?
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नाक के नीचे देश के सबसे बड़े बैंक को लूटा गया है, उसके लिए कौन जिम्मेदार है?
  • प्रधानमंत्री को जुलाई में ही इसकी जानकारी दे दी गई थी. मोदी सरकार ने क्यों नहीं कोई कार्रवाई की?
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  • पूरा सिस्टम बायपास कैसे हो गया. हर ऑडिटर और हर जांचकर्ता की आंख की नीचे से हज़ारों करोड़ रुपये का बैंकिंग घोटाला कैसे छूट गया. क्या ये नहीं दिखाता कि कोई बड़ा आदमी इस घोटाले को संरक्षण दे रहा था. प्रधानमंत्री जी वो व्यक्ति कौन है?
  • देश के पूरे बैंकिंग सिस्टम का रिस्क मैनेजमेंट सिस्टम और फ्रॉड डिटेक्शन एबिलिटी कैसे खत्म हो गई. मोदी जी जवाब दीजिए.
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पीएनबी के एमडी सुनील मेहता की सफ़ाई

  • हमें 3 जनवरी को इस धोखाधड़ी का पता चला. हमें पता चला है कि हमारे दो कर्मचारियों ने कुछ ग़ैर-अधिकृत ट्रांजैक्शन किए थे. बैंक ने अपने स्टाफ़ के ख़िलाफ़ आपराधिक कार्रवाई की सिफ़ारिश की है.
  • हम किसी भी गलत काम को बढ़ावा नहीं देंगे. हम लोग इस चीज़ को (पीएनबी स्कैम) सामने लेकर आए हैं.
  • हमारे अधिकारियों ने इस घोटाले को सबसे पहले 2011 में पकड़ा था. तब हमने संबंधित एजेंसियों को इसकी जानकारी दी थी.
  • बैंक ग़लती करने वालों को सज़ा दिलाने के लिए काम कर रही है.
  • ये एकमात्र मामला है. ये हमारे बैंक की शाखाओं में से केवल एक ब्रांच में हुआ है.
  • हमारा मक़सद साफ़-सुथरी और जिम्मेदार बैंकिंग सुविधाएं मुहैया कराना है. हमारा बैंक ऐसे मामलों से निपटने में सक्षम है.
  • क्लीन बैंकिंग से से हमारा मतलब ये है कि अगर हमें पता चला कि हमारे स्टाफ़ ने कोई ग़लत या अनैतिक काम किया है तो हम उसे नहीं बख़्शेंगे. हम किसी को भी नहीं बख़्शेंगे, वो चाहे सीनियर हो या जूनियर.
  • पीएनबी इससे उबरने में सक्षम और समर्थ है. हमारे एफ़आईआर के जवाब में संबंधित प्रतिष्ठानो पर छापे डाले जा रहे हैं, दस्तावेज़ और रिकॉर्ड ज़ब्त किए जा रहे हैं. बैंक के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए कदम उठाए जा रहे हैं.

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