प्रेस रिव्यू: 'नेशनल क्रश' प्रिया प्रकाश पहुंचीं सुप्रीम कोर्ट

प्रिया प्रकाश

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मलयालम फ़िल्म के एक गीत से सोशल मीडिया पर वायरल हुईं अभिनेत्री प्रिया प्रकाश वारियर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई हैं.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी ख़बर के अनुसार, मुसलमानों की भावनाएं आहत करने के आरोप में अपने ख़िलाफ़ दर्ज एफ़आईआर को रद्द कराने के लिए प्रिया प्रकाश ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की.

सोशल मीडिया पर 10 दिन पहले जारी होने वाले गाने को अब तक 34 मिलियन लोग देख चुके हैं.

इस गीत के वायरल होने के बाद 18 वर्षीय बी.कॉम. छात्रा प्रिया और इसके निर्देशक के ख़िलाफ़ हैदराबाद के फ़लकनुमा पुलिस स्टेशन में एफ़आईआर दर्ज कराई गई थी.

इसके अलावा दो अन्य एफ़आईआर भी प्रिया प्रकाश के ख़िलाफ़ मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र के औरंगाबाद में दर्ज की गई हैं.

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धोखाधड़ी पर आरबीआई ने किया था आगाह

पंजाब नैशनल बैंक के घोटाले के सामने आने से 17 महीने पहले स्विफ़्ट (सोसाइटी फॉर वर्ल्डवाइड इंटरबैंक फ़ाइनैंशियल टेलीकॉम्युनिकेशन) के ज़रिए एक दूसरे सरकारी बैंक यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया के साथ धोखाधड़ी की कोशिश हुई थी.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार जुलाई 2016 में जब बैंक को इस कोशिश के बारे में पता चला था तो ऐसा अनुमान है कि उसने ज़रूरी कदम उठाए थे.

जनवरी 2017 में रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया के तत्कालीन डिप्टी गवर्नर एसएस मूंदड़ा ने एक सेमिनार में वित्तीय धोखाधड़ी को लेकर स्विफ़्ट के दुरुपयोग के बारे में आगाह किया था.

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मोदी के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव?

आंध्र प्रदेश की सत्ताधारी और विपक्षी पार्टियां आम बजट में राज्य को नज़रअंदाज़ किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव लाने पर विचार कर रही हैं.

डेक्कन क्रॉनिकल के अनुसार, इसका विचार सबसे पहले जन सेना प्रमुख पवन कल्याण ने दिया था जिनकी पार्टी का कोई सांसद अभी नहीं है.

उन्होंने कहा था की टीडीपी और वाईएसआर कांग्रेस को इस पर सोचना चाहिए ताकि मोदी सरकार आंध्र के सांसदों की शर्तों पर बात करें.

टीडीपी प्रमुख और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने पहले अविश्वास प्रस्ताव को लेकर कोई उत्साह नहीं दिखाया था.

हालांकि, बाद में उन्होंने कहा कि सभी विकल्प तलाशने के बाद यही एक विकल्प दिखाई देता है.

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मुख्य न्यायाधीश से फिर असहमति

सुप्रीम कोर्ट के एक और न्यायाधीश ने मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा से एक प्रस्ताव को लेकर असहमति जताई है.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, दो दिन पहले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत की नियुक्ति की सिफ़ारिश हिमाचल प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश के रूप में की थी.

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एके गोयल ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर इस 'प्रस्ताव पर सम्मानपूर्ण असहमति' जताई है.

गोयल ने पत्र में लिखा है कि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश एके मित्तल की वरिष्ठता को नज़रअंदाज करके जस्टिस सूर्यकांत को हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाया जा रहा है.

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