दिल्ली के चीफ़ सेक्रेटरी ने लगाया AAP विधायकों पर पीटने का आरोप

  • 20 फरवरी 2018
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दिल्ली में आम आदमी पार्टी का अपनी ही सरकार के चीफ़ सेक्रेटरी से विवाद तूल पकड़ रहा है.

सबसे पहले दिल्ली सरकार के चीफ़ सेक्रेटरी अंशु प्रकाश ने आरोप लगाया है कि 'आप' के दो विधायकों ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की मौजूदगी में उन्हें पीटा.

इसके बाद चीफ़ सेक्रेटरी के आरोपों को ख़ारिज करते हुए आम आदमी पार्टी ने कहा, "वे हास्यास्पद आरोप लगा रहे हैं. इसमें कोई शक़ नहीं है कि वे ऐसा भाजपा की शह पर कर रहे हैं. एलजी और अफ़सरों के ज़रिए दिल्ली सरकार के कामकाज को बाधित करने में भाजपा बहुत नीचे उतर गई है."

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने ट्वीट करके कहा है, "दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव के साथ हुए घटनाक्रम से गहरा दुख पहुंचा है. प्रशासनिक सेवाओं के लोगों को निडरता और गरिमा से काम करने देना चाहिए."

इस बीच चीफ़ सेक्रेटरी के समर्थन में दिल्ली एडमिनिस्ट्रेटिव सब-ऑर्डिनेट सर्विसेज़ (दास कैडर) एसोसिएशन और आईएएस एसोसिएशन ने हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी है.

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Image caption 'आप' विधायक अमानातुल्लाह ख़ान अतीत में भी विवादों में रहे हैं.

आप का पक्ष

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़ घटना सोमवार रात की है और अंशु प्रकाश ने उपराज्यपाल के घर जाकर इसकी शिकायत की है.

अंशु प्रकाश का दावा है कि आम आदमी पार्टी के विधायक अमानातुल्लाह ख़ान ने उनका कॉलर पकड़ा और उन्हें पीटा. उस वक़्त सीएम और डिप्टी सीएम वहां मौजूद थे. बीते कई सालों से अफ़सरों के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है.

'आप' विधायक अमानातुल्लाह ख़ान अतीत में भी विवादों में रहे हैं.

'आप' के विधायक सौरभ भारद्वाज ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि दोनों पक्षों में से किसका आरोप सच्चा है और किसका झूठा है, ये कोर्ट में ही तय होगा.

"अगर दिल्ली के अंदर राशन व्यवस्था को ख़राब करने की सुपारी किसी ने ली है तो ये क्यों न माना जाए कि वो अपने आप को बचाने के लिए झूठा नाटक कर रहे हैं."

उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले के पीछे राज्यपाल का ही हाथ है.

कर्मचारी एक साथ

दिल्ली एडमिनिस्ट्रेटिव सब-ऑर्डिनेट सर्विसेज़ (दास कैडर) एसोसिएशन के अध्यक्ष दयानन्द सिंह ने बताया, "हम अपने चीफ़ सेक्रेटरी के साथ हैं. हम तत्काल प्रभाव से हड़ताल पर जा रहे हैं. जब तक ग़लती करने वाले को गिरफ़्तार नहीं किया जाएगा, हम काम नहीं करेंगे."

उन्होंने कहा, "हमने जिम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई करने के लिए एलजी से अपील की है. ये एक संवैधानिक संकट की तरह है. बीते कई सालों में हमने ऐसे हालात नहीं देखे."

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