जब जस्टिन ट्रूडो ने रिंग में विरोधी पर बरसाए थे घूंसे

  • 22 फरवरी 2018
जस्टिन ट्रूडो इमेज कॉपीरइट Getty Images
Image caption ट्रूडो के लिए अमरीकी राष्ट्रपति ने की थी भविष्यवाणी

1972 की बात है जब अमरीका के तत्कालीन राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने कनाडा की यात्रा के दौरान जस्टिन ट्रूडो के बारे में एक भविष्यवाणी की थी.

उस समय जस्टिन ट्रूडो चार महीने के थे और उनके पिता कनाडा के प्रधानमंत्री थे. निक्सन की बात सही साबित हुई जब 2015 में जस्टिन वाकई कनाडा के प्रधानमंत्री बने.

इन दिनों भारत आए ट्रूडो अपनी दिलचस्प शख्सियत के लिए लगातार सुर्खियों में रहते हैं.

स्वर्ण मंदिर में मत्था टेकने पहुंचा ट्रूडो परिवार

क्या मोदी और जस्टिन ट्रूडो के व्यक्तिगत संबंध अच्छे नहीं हैं?

इमेज कॉपीरइट Getty Images

भांगड़ा प्रेमी ट्रूडो

ट्रूडो कई दफ़ा भारतीयों का दिल चुके हैं- कभी अपने भारतीय पहनावे से तो कभी भारतीय डांस से. एक पुराने यूट्यूब वीडियो में उन्हें भारतीय लिबास में भांगड़ा की धुनों पर थिरकते देखा जा सकता है. ये वीडियो काफ़ी वायरल भी हुआ था.

वो कई बार कनाडा में मंदिर और गुरुद्वारे भी जा चुके हैं और लंगर में रोटियां बेलती उनकी फ़ोटो भी वायरल हुई थीं. दीवाली पर वो भारतीयों को ट्विटर पर दीवाली मुबारक लिखते हैं तो बैसाखी पर पंजाबी में वीडियो पोस्ट करते हैं- वसाखी दियां लख-लख वधाइयाँ.

कैबिनेट में सिख मंत्री

अमरीका के एक कार्यक्रम में ट्रूडो ने एक बार मज़ाक-मज़ाक में कहा था, "मेरे कैबिनेट में भारतीय प्रधानमंत्री मोदी के मंत्रिमंडल से ज़्यादा सिख मंत्री हैं."

उनकी कैबिनेट में चार मंत्री सिख हैं जिसमें रक्षा मंत्री हरजीत सज्जन शामिल हैं. उन पर पंजाब में कट्टरपंथी विचारधारा वाले लोगों के साथ हमदर्दी रखने का आरोप लगता रहा है, हालांकि वह इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं.

इमेज कॉपीरइट Reuters

बॉक्सर और जॉगर

ट्रूडो राजनीति में ही नहीं असल ज़िंदगी में भी बॉक्सिंग के ख़ूब दांव-पेंच जानते हैं और जवानी के दिनों से ही बॉक्सिंग करते आए हैं. 2012 में बॉक्सिंग के एक मुक़ाबले में अपने राजनीतिक प्रतिदंद्वी को हराना ट्रूडो के राजनीतिक करियर में नया मोड़ लेकर आया था.

2016 में ओटावा में मेक्सिको के राष्ट्रपति के साथ जॉगिंग करते ट्रूडो की तस्वीर भी काफ़ी वायरल हुई थी. इतना ही नहीं कनाडा में एक कार्टून बुक के कवर पर प्रकाशकों ने ट्रूडो को ही लिया था.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

बीयर और जुराबें

ट्रूडो उन चंद राष्ट्राध्यक्षों में से एक होंगे जिनके नाम पर बीयर का ब्रांड हैं. रूस के खिलाफ़ यूक्रेन को समर्थन देने वाले ट्रूडो के सम्मान में यूक्रेन में बीयर ब्रांड है.

अपनी रंगीन जुराबों के लिए भी ट्रूडो ख़ूब जाने जाते हैं. जी-20 सम्मेलन में तो जितनी तरजीह ट्रूडो को मिली उतनी ही उनकी रंग-बिरंगी जुराबों को. यहाँ तक कि उनके मोज़ों पर एक फ़ेसबुक फ़ैन पेज भी है.

भारतीय लिबास में जस्टिन ट्रूडो के रंग

इमेज कॉपीरइट Getty Images

ऑफ़िस में बेबी ट्रूडो

जस्टिन ट्रूडो इंटरनेट के दुलारे माने जाते हैं. मिसाल के तौर पर जब बतौर प्रधानमंत्री वो अपने बेटे को काम पर अपने साथ प्रधानमंत्री कार्यालय लाए और उसके साथ लुका-छिपी खेल रहे थे, तो ये तस्वीरें काफ़ी मशहूर हुईं.

अप्रवासियों को कनाडा में शरण देने की अपनी नीति को लेकर भी ट्रूडो की काफ़ी प्रशंसा हुई. कनाडा में आए एक सीरियाई शरणार्थी दंपति ने तो अपने बच्चे का नाम ही जस्टिन ट्रूडो के नाम पर रख दिया था.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

ट्रंप को जवाब

राष्ट्रपति ट्रंप हाथ मिलाने के अपने कड़क अंदाज़ के लिए जाने जाते हैं. ऐसे में ट्रूडो ही थे जो ट्रंप के कड़क हैंडशेक का जवाब दे पाए.

हालांकि ट्रूडो के आलोचक भी कई हैं. कई लोग उन्हें ग़ैर-अनुभवी और थोड़ा घमंडी भी कहते हैं.

फ़ेमिनिज़्म या नारीवाद के मुद्दों पर अतिवाद का रवैया अपनाने का आरोप भी उन पर लगता रहा है. मसलन उन्होंने एक महिला को टोककर कहा था कि अंग्रेज़ी शब्द मैनकाइंड नहीं पीपलकाइंड बोलना चाहिए.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

भारत की बात करें तो ये ट्रूडो का पहला आधिकारिक दौरा है. हालांकि बचपन में वो भारत आ चुके हैं.

जस्टिन ट्रूडो से मोदी की बेरुख़ी में कितनी सच्चाई?

पंजाब का किसान कैसे बन गया कनाडा का रक्षा मंत्री

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

मिलते-जुलते मुद्दे