प्रेस रिव्यूः मालदीव में चीन की बढ़ती पैठ, बढ़ी भारत की चिंता

  • 26 फरवरी 2018
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मालदीव में चीन के बढ़ते कदमों ने भारत को चिंतित कर दिया है. टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित खबर के अनुसार चीन मालदीव में एक संयुक्त ओसन ऑब्ज़रवेशन स्टेशन बनाने पर विचार कर रहा है.

इस स्टेशन के लिए चीन ने माकुनुढू नामक क्षेत्र चुना है जो मालदीव के उत्तरी छोर पर स्थित है. इस स्टेशन के बनने से चीन भारत के समुद्री मार्ग पर आसानी से नज़र बनाए रख सकेगा.

अख़बार के मुताबिक भारतीय अधिकारियों ने भी मालदीव में चीन द्वारा इस प्रकार का स्टेशन बनाए जाने की पुष्टि की है.

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दक्षिण के एक राज्य के गवर्नर पर यौन दुर्व्यवहार से जुड़े आरोप लगे हैं. यह ख़बर प्रकाशित की है टाइम्स ऑफ इंडिया ने.

अख़बार लिखता है कि गृह मंत्रालय को एक शिकायत प्राप्त हुई है जिसमें दक्षिणी राज्य के एक गवर्नर पर महिला के साथ यौन दुर्व्यवहार करने के आरोप लगाए गए हैं.

शिकायत में लिखा गया है कि राज्यपाल ने राजभवन में काम करने वाली एक महिला से यौन संबंध बनाने की इच्छा जाहिर की थी. मंत्रालय ने अभी तक राज्यपाल की पहचान ज़ाहिर नहीं की है.

ख़बर के अनुसार केंद्र ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और एजेंसियों को इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं. अगर आरोप सही साबित होते हैं तो राज्यपाल से तुरंत इस्तीफ़ा मांगा जाएगा.

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नीरव मोदी को पहले ही मिल गई थी चेतावनी

इंडियन लिखता है कि पीएनबी घोटाले में अभियुक्तों को शायद पिछले साल नवंबर में ही बैंक गड़बड़ी की चेतावनी मिल गई थी.

अख़बार लिखता है कि हीरा व्यापारी नीरव मोदी और मेहुल चौकसी ने पिछले साल नवंबर में ही देश छोड़ने की तैयारी कर दी थी, उसी समय मुंबई में पीएनबी ब्रैडी हाउस ब्रांच में नया स्टाफ़ भर्ती हुआ था. इसी ब्रांच में 11,400 करोड़ का कथित घोटाला सामने आया है.

ख़बर में लिखा गया है कि मामले की जांच कर रहे एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नए स्टाफ़ ने ग़लत तरीके से लेनदेन करने से इंकार कर दिया था, इसके बाद आरोपियों ने देश छोड़ने की तैयारी कर दी थी. बैंक के जिन दो वरिष्ठ कर्मचारियों की मदद से एलओयू जारी हुए थे उन्होंने भी नवंबर माह में ही देश छोड़ दिया था.

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Image caption नीरव मोदी

प्रशांत किशोर दोबारा जुड़ेंगे टीम मोदी से

2019 में मोदी टीम से जुड़ेंगे प्रशांत किशोर. इस शीर्षक के साथ ख़बर प्रकाशित की है हिंदुस्तान टाइम्स ने.

अख़बार लिखता है कि साल 2019 में होने वाले आम चुनाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रचार टीम में एक बार फिर प्रशांत किशोर की वापसी हो सकती है.

एक प्रमुख राजनीतिक वार्ताकार के हवाले से अख़बार लिखता है कि प्रशांत किशोर और मोदी के बीच हाल के कुछ महीनों में मुलाकात हुई है.

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प्रशांत किशोर साल 2012 में गुजरात विधानसभा चुनाव और उसके बाद 2014 में आम चुनाव के वक्त मोदी के साथ काम कर चुके हैं हालांकि बाद में उनके बीच दूरियां पैदा हो गई थीं.

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