प्रेस रिव्यू: 15 साल में पहली बार बोफ़ोर्स तोप ने बरसाए गोले

  • 28 फरवरी 2018
बोफोर्स तोप इमेज कॉपीरइट INDRANIL MUKHERJEE/AFP/Getty Images

भारत-पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा पर आए दिन सीज़फ़ायर के उल्लंघन के ख़बरें आती रहती हैं. लेकिन अब हालात पहले से कहीं गंभीर होते जा रहे हैं.

द इंडियन एक्सप्रेस ने पहले पन्ने पर ख़बर दी है कि सीज़फायर के उल्लंघन के बाद भारतीय सेना ने बीते 15 वर्षों में पहली बार फ़ील्ड आर्टिलरी का इस्तेमाल किया है.

सेना आर्टिलरी यानी तोपखाने का इस्तेमाल तभी करती है, जब छोटे हथियार और मोर्टार के गोले नाकाफ़ी साबित होते हैं.

अख़बार लिखता है कि पीर पंजाल के दक्षिण में सोहलवीं कोर के इलाके में बोफ़ोर्स तोपों का इस्तेमाल किया गया है.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

बलात्कार पर सख़्त कानून

द ट्रिब्यून ने हरियाणा कैबिनेट के उस फ़ैसले को प्रमुखता से छापा है जिसमें 12 साल से कम उम्र की लड़की से बलात्कार पर फांसी की सज़ा के प्रावधान को हरी झंडी दी है.

इससे पहले मध्य प्रदेश में भी बलात्कार के क़ानून में संशोधन किया गया है.

हाल के हफ़्तों में मनोहर लाल खट्टर की सरकार महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध को लेकर आलोचनाओं का शिकार होती रही है.

कैबिनेट की मंज़ूरी के बाद अब सरकार मौजूदा क़ानून में जल्द संशोधन कर, सज़ा का प्रावधान करेगी.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

मालदीव का इंकार

लगभग सभी अख़बारों में ये ख़बर छपी है कि मालदीव ने भारत के साथ नौसैनिक अभ्यास करने से मना कर दिया है.

मंगलवार को भारतीय नौसेना के प्रमुख सुनील लांबा ने कहा कि मालदीव ने अभ्यास में शामिल न होने का कोई कारण नहीं बताया है.

मालदीव में पांच फ़रवरी से आपातकाल लागू हो गया था. तब से वहां सियासी माहौल काफ़ी अस्थिर-सा बना हुआ है.

द इकोनॉमिक टाइम्स लिखता है कि भारत में मालदीव के राजदूत ने कहा है कि देश में चल रहे आपातकाल की वजह से मालदीव इस अभ्यास शामिल नहीं हो पा रहा है.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

बैंकों को केंद्र के निर्देश

दैनिक जागरण लिखता है कि अब केंद्र सरकार 50 करोड़ से अधिक के सभी कर्ज़ों की जांच करवाएगी.

अख़बार लिखता है कि सरकार बैंकों का लोन दबाकर बैठने वालों की नकेल कसने की तैयारी कर रही है.

कल ही केंद्र सरकार ने सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि अपने खातों की जांच करें और फ़्रॉड पाए जाने की सूरत में तुरंत सीबीआई को सूचित करें.

इमेज कॉपीरइट SAJJAD HUSSAIN/AFP/Getty Images

हेडफ़ोन के ख़तरे

नवभारत टाइम्स में छपी एक ख़बर के अनुसार अब कोलकाता में हेडफ़ोन पहनकर सड़क पार करने वालों को पुलिस हिरासत में ले लेगी.

कोलकाता पुलिस ने अख़बार को बताया है कि शहर में सड़क दुर्घटना में मरने वालों में पैदल यात्रियों की संख्या 31 फ़ीसद हो गई है.

एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक पकड़े जाने वालों को पुलिस लोकल ट्रैफ़िक गार्ड ले जाकर उनकी काउंसिलिंग करवाते हैं.

इस काम में कुछ स्थानीय नागरिक और युवा भी पुलिस की मदद कर रहे हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए