इंडिगो, गोएयर की 65 उड़ानें क्यों हुई रद्द?

  • 13 मार्च 2018
इंडिगो की एयरबस 320 इमेज कॉपीरइट RAVEENDRAN/AFP/Getty Images

भारत की दो एयरलाइन कंपनियों इंडिगो और गोएयर की कम से कम 65 उड़ानें मंगलवार को रद्द हो गईं.

ये उड़ानें उन 11 विमानों को भरनी थीं जिनमें पीडब्ल्यू 1100 इंजन लगा हुआ है.

इस इंजन की क्वालिटी पर चिंता जताते हुए डीजीसीए ने सोमवार को इसके इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी जिसके चलते इंडिगो और गोएयर के 11 ए-320 निओ विमान तुरंत प्रभाव से खड़े कर दिए गए.

इंडिगो ने अपने बयान में कहा कि, "डीजीसीए के निर्देश के बाद कुछ उड़ानें रद्द कर दी गई हैं. हम जानते हैं कि कुछ यात्रियों को इससे असुविधा होगी लेकिन हमारी हर जगह के लिए एक से ज़्यादा फ़्लाइट्स चलती हैं और हम प्रभावित यात्रियों को दूसरी फ़्लाइट्स में एडजस्ट करने की कोशिश कर रहे हैं. सभी प्रभावित यात्रियों को बता दिया गया है कि वे चाहें तो और पैसे दिए बग़ैर दूसरी फ़्लाइट चुन सकते हैं या फिर टिकट रद्द कराके पूरा पैसा वापिस पा सकते हैं."

सोशल मीडिया का सहारा

इस ऐलान के बाद कुछ यात्री सोशल मीडिया पर ग़ुस्सा उतारते दिखे तो कुछ अपनी फ़्लाइट का स्टेटस पूछते नज़र आए.

तन्मय गुप्ता ने ट्वीट किया कि इंडिगो की 5:20 पर दिल्ली से मुंबई जाने वाली उड़ान 6E774 रद्द हो गई है. मैं एक प्रोफ़ेसर हूं और मुझे 137 छात्रों का वाइवा लेने जाना है जो दो महीने से इसकी तैयारी कर रहे हैं.

पारस राय ने अपनी फ़्लाइट की जानकारी देकर ट्विटर पर उसका हाल पूछा तो इंडिगो ने बताया कि उनकी उड़ान का समय बदल दिया गया है. जिसके बाद पारस ने एक जवाबी ट्वीट में लिखा कि अगर मैं ट्विटर पर नहीं पूछता तो मुझे ये कौन बताता? आप ये कैसी सेवाएं दे रहे हैं. मेरे लिए तुरंत त्रिवेंद्रम पहुंचना बहुत ज़रूरी है.

एक और यूज़र मोहित ने लिखा कि गोएयर की 14 मार्च को शाम 6:45 पर कोलकाता से भुवनेश्वर जाने वाली उड़ान G8-262 रद्द हो गई है. मुझे अपने परिवार के साथ लखनऊ के स्टॉप से ये फ़्लाइट पकड़नी थी. अब मैं क्या करूं?

पहले भी उठ चुके हैं सवाल

ये पहला मौक़ा नहीं है जब पीडब्ल्यू 1100 इंजन की वजह से किसी विमान का इस्तेमाल रोकना पड़ा हो.

इसी साल नौ फ़रवरी को यूरोप की विमानन सुरक्षा एजेंसी EASA ने पीडब्ल्यू 1100 की क्वालिटी पर गंभीर चिंता जताई थी.

EASA ने दुनिया भर की सभी एयरलाइन कंपनियों से ऐसे विमानों पर तुरंत रोक लगाने के लिए कहा था जिसमें ऐसे दो इंजन लगे हों जो तीन अलग-अलग उड़ानों के दौरान खराब हुए हों.

साथ ही उन विमानों का इस्तेमाल न करने की सलाह भी दी थी जिसमें कोई एक इंजन ऐसा लगा हो जिसकी वजह से कभी इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी हो.

EASA के इस निर्देश के बाद इंडिगो ने पीडब्ल्यू 1100 वाले तीन विमानों का इस्तेमाल तो रोक दिया लेकिन इसी इंजन से चल रहे उसके बाक़ी आठ विमान फिर भी उड़ान भरते रहे.

उधर EASA इस इंजन को बनाने वाली अमरीकी कंपनी प्रैट एंड व्हिटनी से बातचीत करता रहा जिससे कोई समाधान ढूंढा जा सके.

प्रैट एंड व्हिटनी ने कोई हल तो नहीं सुझाया लेकिन ये ज़रूर कहा कि कंपनी ख़राब हुए इंजनों को जून 2018 तक बदलवा देगी.

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लेकिन ये सारी योजनाएं धरी की धरी रह गईं जब महज़ 17 दिन के भीतर तीन अलग-अलग उड़ान के दौरान इंजन फ़ेल हो गया.

  • 24 फ़रवरी 2018 को गोएयर की उड़ान VT-WGB में लेह से उड़ान भरने के बाद ख़राबी आ गई.
  • 5 मार्च को इंडिगो की फ़्लाइट VT-ITJ के इंजन ने मुंबई से उड़ान भरने के बाद काम करना बंद कर दिया.
  • और सबसे ताज़ी घटना में 12 मार्च को लखनऊ जा रही इंडिगो की उड़ान VT-ITA को बीच में ही वापिस अहमदाबाद लौटना पड़ा जब उसका एक इंजन फ़ेल हो गया.

इसके बाद डीजीसीए ने तुरंत प्रभाव से ए-320 निओ में चल रहे पीडब्ल्यू1100 इंजन पर पाबंदी लगा दी.

राज्य उड्डयन मंत्री जयंत सिन्हा ने एक टीवी चैनल से कहा कि विमान को नहीं इंजन को ग्राउंड किया गया है. अब इंडिगो और गोएयर दूसरे इंजन की तलाश में हैं, उसके बाद वो अपने इन विमानों को इस्तेमाल कर सकेंगे.

डीजीसीए के एक अधिकारी ने नाम छिपाने की शर्त पर बीबीसी से कहा कि ये इंजन बहुत परेशान कर रहे थे और इन्हें बदलवाना ज़रूरी था. डीजीसीए जल्दी ही विमानन सुरक्षा पर एक रिपोर्ट जारी करेगा.

इस बीच एक और एयरलाइन कंपनी विस्तारा ने ट्वीट करके कहा कि डीजीसीए के फ़ैसले का उनकी सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा है क्योंकि उनके ए-320 निओ विमानों में दूसरी कंपनी का इंजन लगा है.

एक यूज़र के पूछने पर विस्तारा ने बताया कि उनके ए320 निओ का इंजन दूसरी कंपनी जीई / सीएफ़एम ने बनाया है.

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