सीमा पर संघर्ष विराम उल्लंघन, 5 नागरिकों की मौत

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Image caption 81 से 120 एमएम के मोर्टार दागे गए हैं

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया है कि रविवार को पुंछ ज़िले में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की ओर से किए गए संघर्ष विराम उल्लंघन में एक परिवार के तीन बच्चों समेत पांच लोगों की मौत हो गई है.

पुलिस का कहना है कि इसी परिवार की दो किशोरियां गंभीर रूप से घायल भी हुई हैं.

जम्मू में रक्षा मंत्रालय के जनसंपर्क अधिकारी लेफ़्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद का कहना है, "रविवार को सुबह 7.45 बजे से 11.30 बजे के बीच पुंछ के बालाकोट सेक्टर में पाकिस्तानी सेना ने 'बिना वजह' युद्ध विराम उल्लंघन किया. इस दौरान उन्होंने गोलीबारी की और मोर्टार दागे."

उन्होंने कहा कि सीमा से सटे क्षेत्रों में पाकिस्तानी सेना ख़ासतौर से नागरिकों को निशाना बना रही है.

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Image caption सेना ने घायल किशोरियों को एयरलिफ़्ट किया है

भारत की जवाबी कार्रवाई

उन्होंने ये भी कहा कि नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की ओर से की गई 'बिना वजह' की गोलीबारी पर भारतीय सेना जवाबी कार्रवाई कर रही है.

उन्होंने कहा, "हम प्रभावी रूप से और मज़बूती से इसका जवाब दे रहे हैं."

जम्मू-कश्मीर पुलिस के प्रवक्ता ने पाकिस्तानी गोलीबारी में मारे गए नागरिकों की संख्या की पुष्टि करते हुए कहा, "पुंछ ज़िले के मेंढर पुलिस थाने में पड़ने वाले देवता सरगलून में घटनास्थल पर ही पांच नागरिकों की मौत हो गई जबकि दो लोग घायल हो गए."

इस गोलीबारी में एक ही परिवार के मोहम्मद रमज़ान (35), उनकी पत्नी मलिका बी (32), उनका 14 साल का बेटा रहमान, 12 वर्षीय बेटा मोहम्मद रिज़वान और सात साल के बेटे रज़ाक़ रमज़ान की मौत हुई है.

घायल हुई दोनों लड़कियां भी मोहम्मद रमज़ान की बेटियां हैं जिनकी पहचान 11 साल की नसरीन कौसर और पांच साल की महरीन कौसर के रूप में हुई है.

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1 जनवरी 2018 से अब तक 778 किलोमीटर लंबी भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर 400 से अधिक बार युद्ध विराम का उल्लंघन हुआ है.

दोनों देशों के बीच 26 नवंबर 2003 को युद्ध विराम समझौता हुआ था.

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ़्टिनेंट कर्नल देवेंद्र आनंद का कहना है कि पाकिस्तान नियंत्रण रेखा से 3-4 किलोमीटर दूर आम लोगों के इलाकों को निशाना बना रहा है.

उनका कहना है कि यह वह इलाके हैं जहां कोई सैन्य मौजूदगी नहीं है और न ही कोई हथियार वहां लगाए गए हैं.

दोनों बच्चियों को सेना ने हेलिकॉप्टर से एयरलिफ़्ट कराकर जम्मू मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है.

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पाकिस्तान का आरोप

वहीं, समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़ पाकिस्तान ने भी भारत पर युद्ध विराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है.

पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के नाक्याल सेक्टर में कथित गोलीबारी में दो किशोरियों समेत नौ लोग घायल हुए हैं.

नाक्याल के असिस्टेंट कमिश्नर वलीद अनवर ने कहा है, "सुबह को सात बजे भारतीय सेना ने भारी मोर्टार से हमला शुरू किया और नियंत्रण रेखा पर आम नागरिकों की आबादी वाले लगभग सभी गांवों को निशाना बनाया."

उन्होंने बताया कि पलानी गांव के हाजी असलम के घर की छत पर एक बम फटा जिसमें उनकी तीन बेटियां घायल हो गईं. इसके अलावा इसी सेक्टर के अलग-अलग इलाकों में और दूसरे लोग घायल हुए हैं जिनमें से छह लोगों को ज़िला मुख्यालय के कोटली अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

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Image caption रमज़ान की रिश्तेदार घर का सामान दिखाते हुए

रमज़ान करते थे कुली का काम

पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी में मारे गए रमज़ान भारतीय सेना के लिए एक कुली का काम करते थे. पत्थर और लकड़ी से बने घर में जब उनका परिवार सुबह का नाश्ता बनाने की तैयारी कर रहा था तब मोर्टार शेल गिरा.

रमज़ान की रिश्तेदार राशिदा चौधरी रसोई के बर्तन दिखाते हुए कहती हैं कि उनका परिवार चाय पीने के लिए तैयार था.

गांववालों ने परिवार के पांचों सदस्यों को दफ़नाया और पाकिस्तान के ख़िलाफ़ नारे लगाए. वह सीमावर्ती क्षेत्रों में बंकर बनाने में देरी को लेकर भी ख़ासे नाराज़ थे.

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Image caption रमज़ान का घर

केंद्र सरकार ने हाल में अंतर्राष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा पर गोलीबारी से आम लोगों के बचने के लिए 14,460 बंकर बनाने की अनुमति दी थी.

इसमें 1,431 बड़े सामुदायिक बंकर और 13,029 बंकर शामिल थे जो सांबा, जम्मू, कठुआ, पुंछ और राजौरी ज़िले में बनने हैं.

पांच लोगों के मारे जाने पर जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि वह लोगों की मौत के बारे में सुनकर दुखी हैं और उनके परिजनों के साथ गहरी संवेदनाएं हैं.

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