बीजेपी-कांग्रेस की लड़ाई कौरवों-पांडवों जैसी: राहुल गांधी

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कांग्रेस के 84वें महाधिवेशन में रविवार को पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक तरह से राजनीति के आने वाले महाभारत के संकेत दे दिए.

उन्होंने कहा, "हज़ारों साल पहले कुरुक्षेत्र की लड़ाई लड़ी गई थी. कौरव ताकतवर और अंहकारी थे. पांडव नम्र थे, सच्चाई के लिए लड़े थे. कौरवों की तरह बीजेपी और आरएसएस का काम सत्ता के लिए लड़ना है, पांडवों की तरह कांग्रेस सच्चाई के लिए लड़ रही है."

अंग्रेज़ी और हिंदी में दिए भाषण में राहुल ने साफ़ कर दिया कि उन्हें सुनने वालों में तमिलनाडु से लेकर पूर्वोत्तर भारत तक के लोग हैं. नौजवानों से लेकर किसान तक हैं.

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राहुल के भाषण की कुछ ख़ास बातें

  • गुजरात का चुनाव हुआ, वहां कई लोगों ने कहा कि मैं मंदिर जाता हूं. मैं सालों से दौरों के समय मंदिर, गुरुद्वारों और चर्च में जाता हूं. लोग बुलाते हैं, मैं जाता हूं, इससे सीखने को मिलता है. तुम भगवान ढूँढते हो तो वो सब जगह मिलेंगे. पूजा तो रास्ता है. हमारा भगवान सब स्थान पर है. भाजपा का धर्म मात्र सत्ता को छीनने में है.
  • प्रधानमंत्री आपका ध्यान बंटाने के लिए एक इवेंट से दूसरा इवेंट कर रहे हैं. जब प्रधानमंत्री के बोलने की ज़रूरत होती है तो वे खामोश हो जाते हैं. लेकिन हम लोगों के लिए काम करते हैं. हमें सच बोलने से कोई नहीं रोक सकता.
  • भाजपा कहती है कि अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़ रही है. पर देश में युवा से पूछिए तो वो कहेगा कि उसके पास रोज़गार नहीं है. पूरे देश में कांग्रेस फ़ूड पार्क का नेटवर्क बनाएगी. जैसे कांग्रेस ने पहले किसानों का क़र्ज़ माफ़ किया था, हम छोटे व मंझोले किसानों की एक बार फिर वही मदद करेंगे.
  • महात्मा गांधी 15 साल जेल में रहे और देश के लिए मर गए. देश कभी नहीं भूलेगा कि हमारे नेता फर्श पर सोये जबकि उनके नेता वीर सावरकर ने अंग्रेज़ों से दया और माफी की भीख मांगी. बीजेपी एक संगठन की आवाज़ है. कांग्रेस देश की आवाज़ है.
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  • क्या भारत एक झूठ को जिएगा या सच का सामना करने का साहस जुटाएगा. आज भ्रष्ट और ताकतवर लोग इस देश को चला रहे हैं.
  • मैं ये बात खुशी से नहीं कहता कि जो पिछली सरकार हमने बनाई थी, वह लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी, हमने इस देश के लोगों को निराश किया.
  • चार साल पहले लोगों ने मोदी जी पर भरोसा किया था, अब ये भरोसा टूट गया है. देश का युवा ये सवाल पूछ रहा है कि रोज़गार की समस्या को कैसे हल किया जाएगा.
  • देश मुश्किल में है. युवा पूछ रहा है कि रोज़गार कहाँ है? केवल कांग्रेस संगठन ही रोज़गार दे सकता है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं में देश को बदलने की शक्ति है. नेता और कार्यकर्ता के बीच की दीवार को तोड़ना होगा.
  • मोदी नाम क्रोनी कैपिटलिज़्म और प्रधानमंत्री के बीच साठगांठ का प्रतीक है. मोदी ने मोदी को आपके 30,000 करोड़ रुपये दे दिए. बदले में मोदी ने मोदी को मोदी की मार्केटिंग और चुनाव लड़ने के लिए पैसे दिए.
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Image caption कांग्रेस के 84वें महाधिवेश में देश भर से सैकड़ों कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचे
  • मोदी जी पर विश्वास कर युवाओं ने मोदीजी की गाड़ी को बढ़ाकर उन्हें प्रधानमंत्री बनाया. जैसे ही गाड़ी शुरू हुई, मोदी जी ने एक तरफ़ नीरव मोदी तो दूसरी तरफ़ ललित मोदी को बैठाया और गाड़ी भगा ले गए.
  • उन्होंने हमारे ईमानदार कारोबारियों से चुप रहने को कहा और करप्ट अफ़सरों को उनकी खून-पसीने की कमाई की उगाही की छूट दे दी. उन्होंने हमारे किसानों से यूं ही काम करते रहने के लिए कहा.
  • लोग भाजपा के अध्यक्ष पद पर ऐसे व्यक्ति को स्वीकार कर लेते हैं जिन पर क़त्ल का आरोप रहा है. लेकिन लोग कांग्रेस पार्टी में ये बात कभी स्वीकार नहीं करेंगे क्योंकि वे कांग्रेस के लिए सम्मान का भाव रखते हैं.
  • वे भारत के मुसलमानों से कहते हैं कि आप यहां के नहीं हो. उन मुसलमानों को जो कभी पाकिस्तान नहीं गए और जिन्होंने इस महान राष्ट्र का समर्थन किया था.
  • वे तमिल लोगों से अपनी ख़ूबसूरत भाषा बदलने के लिए कहते हैं. वे पूर्वोत्तर के लोगों से कहते हैं कि जो आप खाते हैं, वो हमें पसंद नहीं है. वे महिलाओं से ठीक से कपड़े पहनने के लिए कहते हैं.
  • एक तरफ तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्था थी, वहीं, अब करोड़ों युवाओं के पास रोजगार नहीं है. आज चीन हर जगह है, हर जगह मेड इन चाइना का बोलबाला है.

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