राज्यसभा चुनाव: यूपी में बुआ-भतीजा को झटका, जीते अनिल

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Image caption बसपा उम्मीदवार भीमराव आंबेडकर राज्यसभा के लिए निर्वाचित नहीं हो सके

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा के लिए हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी को झटका दे दिया है.

क्रॉस वोटिंग और विधायकों के पाला बदलने की वजह से बहुजन समाज पार्टी के उम्मीदवार भीमराव आंबेडकर सीधे निर्वाचन के लिए जरूरी 37 वोट नहीं जुटा पाए. उन्हें पहली वरीयता के 33 वोट ही मिले. वहीं पहली वरीयता के 22 वोट हासिल करने वाले बीजेपी उम्मीदवार अनिल अग्रवाल दूसरी वरीयता के वोटों के आधार पर निर्वाचित घोषित किए गए.

गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में हार के झटके के बाद बीजेपी के लिए राज्यसभा चुनाव के नतीजे राहत का सबब माने जा रहे हैं.

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की दस सीटों में से भारतीय जनता पार्टी के नौ उम्मीदवार निर्वाचित हुए हैं. भारतीय जनता पार्टी के सीनियर नेता अरुण जेटली भी इनमें शामिल हैं.

समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार जया बच्चन भी राज्यसभा के लिए निर्वाचित हो गईं. उन्हें 38 विधायकों के वोट मिले.

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क्रॉस वोटिंग

बीएसपी उम्मीदवार भीमराव आंबेडकर समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और राष्ट्रीय लोकदल के विधायकों के अलावा कुछेक निर्दलीय विधायकों के वोट की उम्मीद लगाए थे.

लेकिन उनकी अपनी पार्टी के एक विधायक अनिल सिंह ने ऐलान कर दिया कि उन्होंने 'अपना वोट भारतीय जनता पार्टी को दिया है'.

निषाद पार्टी के विजय मिश्र गुरुवार से ही कह रहे थे कि वो बीजेपी को वोट देंगे और उन्होंने ऐसा ही किया भी. समाजवादी पार्टी के एक विधायक नितिन अग्रवाल पहले ही बीजेपी के खेमे में जा चुके थे.

क्रॉस वोटिंग को लेकर सभी दल आशंकित थे. इसीलिए कांग्रेस के सात और बीएसपी के 17 विधायकों ने एक साथ जाकर मतदान किया.

बीएसपी के मुख़्तार अंसारी और सपा विधायक हरिओम हाईकोर्ट के निर्देश के चलते वोट नहीं दे पाए. जानकारी के अनुसार समाजवादी पार्टी के आठ विधायकों ने बीएसपी उम्मीदवार को वोट दिया.

गुरुवार को समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के प्रति समर्थन जाहिर करने वाले निर्दलीय विधायक राजा भैया पर सबकी नज़र रही.

राजा भैया ने वोट डालने के पहले अखिलेश से मुलाक़ात की और बाद में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले.

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शिकायत

शुक्रवार शाम चार बजे मतदान पूरा होने के बाद वोटों की गिनती शुरू हुई लेकिन बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी की शिकायत के बाद करीब एक घंटे के लिए मतगणना रोक दी गई.

दोनों पार्टियों ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी कि बहुजन समाज पार्टी के विधायक अनिल सिंह और सपा विधायक नितिन अग्रवाल ने वोट देने के बाद अपनी पर्ची पार्टी के पोलिंग एजेंट को नहीं दिखाई थी. इसलिए उनका वोट निरस्त किया जाए. बाद में मतगणना शुरू कर दी गई.

पहला नतीजा भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में गया. बीजेपी के अनिल जैन का नाम निर्वाचित उम्मीदवार के तौर पर घोषित किया गया.

योगी आदित्यनाथ का तंज

नौ सीटों पर जीत हासिल करने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी और सहयोगी दलों के विधायकों का शुक्रिया अदा किया.

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उत्तर प्रदेश के सीएम ने समाजवादी पार्टी पर तंज भी कसा. उन्होंने कहा, "समाजवादी पार्टी का अवसरवादी चेहरा एक बार फिर प्रदेश की जनता ने देखा है कि कैसे वह दूसरों से ले तो सकती है लेकिन दे नहीं सकती."

उन्होंने कहा, "समझदार के लिए आवश्यक है कि वह खाई में गिरने से पहले लगी हुई ठोकर से संभल ले. मुझे लगता है कि यह एक अवसर है."

योगी आदित्यानाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और राष्ट्रीय अध्यक्ष की रणनीति में भारतीय जनता पार्टी के विजय अभियान को आगे बढ़ाती रहेगी.

बसपा ने लगाए धांधली का आरोप

बहुजन समाज पार्टी ने आरोप लगाया है कि निर्वाचन अधिकारी ने बेईमानी की है. बीएसपी ने बीजेपी की जीत को 'धनबल की जीत' करार दिया.

बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा, "'दो लोगों को जेल से आकर वोट डालने की इजाज़त नहीं दी गई. यही नहीं, इसके बाद इन्होंने दो विधायकों को पुलिस के बल पर उठवाया और धमकाकर वोट लेने का काम किया. ये हारी हुई सीट थी, जिसे इन्होंने अपनी ताकत के दम पर जीतने की कोशिश की."

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