असमः सामूहिक बलात्कार के बाद 12 साल की लड़की को ज़िंदा जलाया

  • 25 मार्च 2018
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असम के नगांव ज़िले में शुक्रवार को पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक 12 साल की बच्ची के साथ तीन लड़कों ने कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया. इसके बाद उस पर केरोसिन छिड़ककर आग लगा दी.

यह घटना बटद्रोबा थाने के अंतर्गत आने वाले लालुंग गांव की है.

पुलिस के अनुसार पीड़ित का 90 प्रतिशत शरीर जल गया था और देर रात उसकी मौत हो गई. लेकिन मरने से पहले पीड़ित लड़की ने पुलिस के सामने अपना बयान दर्ज करा दिया था.

पुलिस ने इस घटना में शामिल दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है. ये दोनों अभियुक्त नाबालिग हैं.

पुलिस का दावा है कि गिरफ़्तार किए गए दोनों अभियुक्तों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और घटना में शामिल ज़ाकिर हुसैन नाम के मुख्य अभियुक्त की अभी तलाश की जा रही है. इस घटना को लेकर गांव के लोगों में काफी रोष है.

पीड़ित के भाई ने बीबीसी से कहा, "हम चार भाई-बहन हैं और वो मेरी सबसे छोटी बहन थी. बड़ी बहन की शादी हो गई और वह पास के स्कूल में कक्षा पांच में पढ़ रही थी. शुक्रवार को घर पर कोई नहीं था. वो स्कूल से घर लौट रही थी तभी हमारे पड़ोसी ज़ाकिर हुसैन और उसके दो साथियों ने मेरी बहन का पीछा किया. बाद में इन लोगों ने हमारे घर में घुसकर मेरी बहन के साथ बलात्कार किया और उस पर केरोसिन डालकर आग लगा दी."

बलात्कार के अभियुक्त के समर्थन में लहराए गए तिरंगे

बच्चों को 'बलात्कार देखने के लिए' विवश किया जा रहा है

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पुलिस ने रिकॉर्ड किया बयान

उन्होंने बताया, "बाद में जब चीखने-चिल्लाने की आवाज़ सुनी तो आस-पास के लोग मदद के लिए आए. गंभीर हालत में मेरी बहन को पहले नगांव के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया. वो बुरी तरह जल गई थी और चिकित्सकों के कहने पर हम उसे अच्छे इलाज के लिए गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले आए. लेकिन अस्पताल पहुंचने के कुछ मिनटों में ही उसने दम तोड़ दिया."

पेशे से गाड़ी चालक अली हुसैन ने बताया, "मरने से पहले मेरी बहन ने सारी घटना हम लोगों को बताई थी और तीनों युवकों के नाम भी पुलिस को बता दिए हैं. हमें पुलिस पर पूरा भरोसा है और वो मेरी बहन के हत्यारों को कड़ी सजा दिलवाएगी."

नगांव ज़िले के पुलिस अधीक्षक शंकर रायमेधी ने बीबीसी से कहा, "यह काफ़ी बुरी घटना है. एक नाबालिग लड़की का रेप कर उसे केरोसिन डालकर जलाया गया. घटना के तुरंत बाद लड़की को मेडिकल सहायता दी गई थी लेकिन दुर्भाग्य से उसकी मौत हो गई. मरने से पहले पीड़ित बच्ची का बयान रिकॉर्ड किया गया है और घटना में शामिल दो नाबालिग लड़कों को गिरफ्तार कर लिया गया है. जाकिर हुसैन नामक तीसरा अभियुक्त फ़िलहाल फ़रार है. लेकिन हम जल्द ही उसे पकड़ लेंगे."

अंधे हैं इसलिए बलात्कार के लिए नहीं हुई जेल

बलात्कार पीड़िताओं के कपड़ों की प्रदर्शनी

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बढ़ते मामले

पिछले गुरुवार को नगांव ज़िले के कामपुर में एक महिला के साथ आठ लोगों ने कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया था. गिरफ्तार किए गए आठों अभियुक्तों ने महिला के पति को एक पेड़ से बांधकर उनके सामने बलात्कार की घटना को अंजाम दिया था.

ज़िले में बलात्कार की बढ़ती घटना को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा, "ऐसी घटना बढ़ रही है या कम हुई है इसका पता तो सांख्यिकीय अध्ययन करने पर ही पता चलेगा. ऐसी दो-तीन घटनाएं हाल ही में घटी हैं लेकिन ज़्यादातर ऐसी घटनाओं में पहचान के लोग ही शामिल पाए जाते हैं. हम इस तरह की घटनाओं से निपटने की पूरी कोशिश कर रहे हैं."

असम विधानसभा के जारी बजट सत्र में संसदीय मामलों के मंत्री चंद्र मोहन पटवारी ने हाल ही में बताया था कि 2016 में सर्वानंद सोनोवाल की सरकार आने के बाद राज्य में बलात्कार के 3009 मामले और महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा के 106 मामले दर्ज किए गए हैं.

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