प्रेस रिव्यू: करोड़पति सांसदों से भरी पड़ी है राज्यसभा

  • 25 मार्च 2018
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'टाइम्स ऑफ़ इंडिया' में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार राज्यसभा के 90 फ़ीसदी सांसद करोड़पति हैं और उनकी संपत्ति का औसत निकाला जाए तो ये 55 करोड़ रुपये तक पहुंचता है.

अख़बार ने नेशनल इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फ़ॉर डेमोक्रेटिक रिफ़ॉर्म्स की रिपोर्ट के हवाले से ये ख़बर दी है जिसमें कुल 233 राज्यसभा सांसदों में से 229 सांसदों के शपथपत्र के आधार पर ये कहा गया है.

एसोसिएशन फ़ॉर डेमोक्रेटिक रिफ़ॉर्म्स का कहना है कि 229 सांसदों के शपथपत्रों का विश्लेषण किया गया है जिनमें से 201 सांसद यानी 88 फीसदी करोड़पति हैं.

सबसे अधिक संपत्ति यानी 4,078.41 करोड़ रुपये जनता दल यूनाइटेड के सांसद महेंद्र प्रसाद के पास है. समाजवादी पार्टी की तरफ़ से राज्यसभा पहुंची जया बच्चन के पास 1,001 करोड़ रुपये की संपत्ति है.

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लड़की की खुदकुशी

"इधर जाऊं तो लड़के, उधर जाऊं तो लड़के. मेरी ज़िंदगी ख़राब कर रहे थे ताकि मैं कुछ ना कर सकूं. मेरे कारण आपको घर भी छोड़ना पड़ रहा है, लेकिन अगर मैं ही नहीं रहूंगी तो ऐसा नहीं होगा."

'हिंदुस्तान टाइम्स' में छपी एक ख़बर के अनुसार इस सुसाइड नोट के साथ दिल्ली के बख्तावरपुर गांव में रहने वाली एक लड़की ने अपने ही घर की छत से फांसी लगा कर अपनी जान दे दी.

अख़बार ने लड़की के पिता के हवाले से लिखा है कि पड़ोस में रहने वाला 21 साल का एक व्यक्ति उनकी बेटी के साथ छेड़छाड़ करता था जिससे तंग आकर उनकी बेटी ने आत्महत्या कर ली.

17 साल की ये लड़की पुलिस अधिकारी बनना चाहती थी और इसके लिए रोज़ सवेरे जल्दी उठ कर चार किलोमीटर तक दौड़ लगाती थी. इस मामले में पुलिस ने पोक्सो क़ानून के तहत मामला दर्ज किया है और जांच कर रही है.

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सुरक्षा और विदेश नीति

'हिंदुस्तान टाइम्स' में छपी एक ख़बर के अनुसार अमरीका ने पाकिस्तान की सात कंपनियों को विदेशी संस्थाओं की एक सूची में शामिल कर उन पर निर्यात संबंधी प्रतिबंध लगा दिए हैं.

इस सूची के अनुसार ये कंपनियां ऐसे काम में शामिल हैं या शामिल हो सकती हैं जिससे देश की सुरक्षा और विदेश नीति के संबंध में अमरीका के हितों को नुक़सान पहुंच सकता है.

तीन कंपनियों को परमाणु ईंधन से संबंधित गतिविधियों में शामिल होने और दो को लिस्ट में मौजूद परमाणु ईंधन का काम करने वाली कंपनियों से सामान खरीदने के लिए इस सूची में रखा गया है.

अख़बार के अनुसार माना जा रह है कि इससे भारत के न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप का सदस्य बन सकने की संभावना बढ़ सकती है.

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प्राइवेसी पर मंत्री का बयान

'इंडियन एक्सप्रेस' में छपी एक ख़बर के मुताबिक़ केन्द्रीय पर्यटन राज्य मंत्री के जे अल्फोंस ने शुक्रवार को कहा कि भारतीयों को गोरों के सामने निर्वस्त्र होने (होल बॉडी स्कैन कराने) में बुरा नहीं लगता, लेकिन अपने फ़िंगरप्रिंट की जानकारी देने से उन्हें आपत्ति है.

सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी से राजनेता बने अल्फोंस कोच्चि में आयोजित फ्यूचर ग्लोबल डिजिट्स समिट में बोल रहे थे.

अख़बार के अनुसार आधार कार्ड और निजता के उल्लघंन के मुद्दे पर देश में चल रही बहस पर उन्होंने कहा, "हमें अमरीकी वीज़ा के लिए किसी गोरे व्यक्ति को अपने फिंगरप्रिट देने, आंखों की पुतलियों का स्कैन कराने में या उनके आगे निर्वस्त्र होने से कोई समस्या नहीं है. लेकिन अगर हमारे ही देश की सरकार हमसे हमारा नाम और पता मांगे तो निजता के उल्लघंन के मुद्दे पर पूरे देश में अभियान शुरू हो जाता है."

उन्होंने कहा कि मामला फ़िलहाल सुप्रीम कोर्ट में है, लेकिन वो लोगों को ये आश्वस्त करना चाहते हैं कि बीते साढ़े तीन सालों से किसी आधार कार्डधारक का बायोमेट्रिक डेटा चोरी नहीं हुआ है.

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ऋद्धिमान साहा का कारनामा

'अमर उजाला' के पहले पन्ने पर ख़बर है ऋद्धिमान साहा के 20 गेंदों पर सौ रन बनाने की.

अख़बार लिखता है कि इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने वाले विकेटकीपर और बल्लेबज़ ऋद्धिमान साहा ने मोहन बागान क्लब के लिए बीस गेंदों में शतक बनाया है.

टी-20 इंटर क्लब टूर्नामेंट में साहा ने अपना पारी में 14 छक्के और चार चौके लगाए और केवल दो सिंगल ले कर इस कारनामे को अंजाम दिया.

ये मैच कालीघाट मैदान में बंगाल नागपुर रेलवे के ख़िलाफ़ खेला गया था. कुल 102 रन बना कर साहा अंत तक नाबाद रहे थे.

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नेपाल में भारतीय मजदूर

नेपाल में कठमांडू के पास एक गांव में ईंट भट्ठे पर बंधुआ बनाए गए 47 भारतीय मज़दूरों को छुड़ा कर भारत लाया गया है.

'जनसत्ता' में छपी एक ख़बर के अनुसार ये लोग बीते एक साल से वहां फंसे थे.

मामले की जानकारी मिलने पर इन मज़दूरों के परिजनों ने नेपाल की पुलिस में इसकी शिकायत की.

लेकिन कोई कार्रवाई ना किए जाने पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस मामले में दखल दिया.

अख़बार के अनुसार नेपाल से लौटे इन मज़दूरों ने बताया कि वहां उन्हें भरपेट भोजन नहीं दिया जाता था और महिला श्रमिकों को अक्सर पीटा जाता था और उनके साथ छेड़खानी की जाती थी.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के हवाले से अख़बार लिखता है कि इन मज़दूरों को ठेकेदारों के कुछ समूहों के बीच बार-बार बेचा गया.

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अर्थ आवर

मध्यप्रदेश से छपने वाले अख़बार 'नई दुनिया' के पहले पन्ने पर छपी है मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तस्वीर जिसमें वो और कुछ अन्य अधिकारी मोमबत्ती की रोशनी में काम करते दिख रहे हैं.

अख़बार लिखता है कि अर्थ आवर के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास की बत्तियां बुझा दीं और मोमबत्ती जला कर काम किया.

24 अप्रैल को शाम को एक घंटे के लिए बत्तियां बुझा कर देश-दुनिया के लोगों ने अर्थ आवर मनाया.

इस दौरान दिल्ली में इंडिया गेट और मुंबई में छत्रपति शिवाजी टर्मिनस में भी इस दौरान बत्तियां बुझाई गईं.

ब्रिटेन में टावर ब्रिज समेत 400 जगहों पर बतियां बुझाई गईं और ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में ऑपेरा हाउस भी घंटे भर के लिए अंधेरे में रहा.

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