प्रेस रिव्यूः नमो ऐप की पहुंच में आपका सबकुछ!

  • 26 मार्च 2018
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Image caption एक डाटा सुरक्षा विशेषज्ञ ने नमो एप पर यूज़र की निजी जानकारियां एक अमरीकी कंपनी से साझा करने के आरोप लगाए हैं

सोशल मीडिया पर डेटा और प्राइवेसी से जुड़े सवाल उठने के दौरान चर्चा में आया 'नमो ऐप' (नरेंद्र मोदी ऐप) यूज़र का कैमरा, माइक्रोफ़ोन समेत 22 तरह के इनपुट का एक्सेस लेता है.

'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के मुताबिक कैमरा, माइक्रोफ़ोन, गैलरी, कॉन्टैक्ट और लोकेशन के अलावा ये ऐप यूज़र के फ़ोन के 22 फ़ीचर्स तक पहुंच की अनुमति मांगता है.

इसकी तुलना में भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारिक ऐप पीएमओ इंडिया ऐप 14 तरह की अनुमति मांगता है जबकि भारत के सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के माईगॉव ऐप 9 तरह की अनुमति मांगता है.

नमो ऐप भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री से जुड़ी गतिविधियों के बारे में यूज़र को जानकारियां देता है.

विपक्षी कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी ने नमो ऐप पर डेटा चोरी करके अमरीकी कंपनी को देने के आरोप लगाए हैं.

एक सुरक्षा विशेषज्ञ ने भी ये दावे किए थे. हालांकि बीजेपी ने इन दावों को ख़ारिज किया है.

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Image caption पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भाजपा हिंदुओं के ख़िलाफ़ होने के आरोप लगाती रही है.

पश्चिम बंगाल का मामला

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल में सरकार की ओर से प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी ने रामनवमी के मौके पर हथियारों के साथ जुलूस निकाले.

इस दौरान हुई हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई है.

पुलिस के मुताबिक पश्चिम बंगाल के पुरुलिया ज़िले में पुलिस और बजरंग दल के बीच हो रही झड़प में फंसे शेख शाहजहां नाम के व्यक्ति की मौत हो गई है.

ये झड़प पुरुलिया ज़िले के अर्शा थाने के अंतर्गत आने वाले मुस्लिम बहुल बेल्दी गांव में हुई है.

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लश्कर के लिए फंडिंग का मामला

उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने चरमपंथियों की फंडिंग करने वाले कथित नेटवर्क का पर्दाफ़ाश करने का दावा किया है.

अमर उजाला की एक रिपोर्ट के मुताबिक एटीएस ने ऐसे नेटवर्क को पकड़ने का दावा किया है जो पाकिस्तानी के चरमपंथी समूह लश्कर-ए-तैयबा के लिए फंडिंग कर रहा था.

एटीएस ने दस लोगों को गिरफ़्तार करने का दावा किया है जिनमें से आठ उत्तर प्रदेश के हैं जबकि एक बिहार और एक मध्य प्रदेश से हैं.

एटीएस का कहना है कि गिरफ़्तार किए गए संजय सरोज, नसीम अहमद और उमा प्रताप सिंह पाकिस्तान के लाहौर में बैठे हैंडलर से सीधे संपर्क में थे.

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Image caption तवांग घाटी की ये तस्वीर अरुणाचल के मुख्यमंत्री प्रेमा खांडू ने शेयर की है

अरुणाचल प्रदेश

'द टाइम्स ऑफ़ इंडिया' की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत सरकार अरुणाचल प्रदेश में विदेशी सैलानियों को घूमने की अनुमति दे सकती है.

केंद्र सरकार का पर्यटन मंत्रालय तवांग घाटी, ज़ीरो और बोमडिला में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना पर काम कर रहा है.

अरुणाचल प्रदेश के बाद सरकार सिक्किम और जम्मू और कश्मीर के लद्दाख को भी विदेशी सैलानियों के लिए खोल सकती है.

अभी इन क्षेत्रों में जाने के लिए सख़्त नियम लागू हैं.

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