खून के धब्बे दिखे तो उतरवा दिए लड़कियों के कपड़े

छात्राओं के कपड़े उतरवाए इमेज कॉपीरइट shuriah niazi/bbc

मध्य प्रदेश में सागर के हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय में छात्राओं के कपड़े उतारकर जांच करने का मामला सामने आया है.

इसके बाद कुलपति ने कार्रवाई करते हुए जांच के आदेश दिए हैं और हॉस्टल की केयरटेकर को हटा दिया है.

बताया जा रहा है कि विश्वविद्यालय के रानी लक्ष्मीबाई हॉस्टल के परिसर में 24 मार्च को एक इस्तेमाल किया हुआ सेनेटरी पैड मिला था.

जिसके बाद छात्राओं से पूछताछ की गई थी. छात्राओं ने आरोप लगाया कि उनको निर्वस्त्र कर जांच की गई ताकि यह पता लगाया जा सके कि किस लड़की को माहवारी हुई है.

एक लड़की ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "हमारे साथ जो हुआ है उसे हम बोल भी नहीं सकते. हमसे उस दिन बहुत बदतमीज़ी की गई. कई लड़कियां सदमे में हैं और अस्पताल में भर्ती हैं."

वहीं, कुलपति आरपी तिवारी ने कहा है कि उन्होंने जांच के आदेश दे दिए हैं जिसकी रिपोर्ट तीन दिन के अंदर आ जाएगी.

उन्होंने कहा, "जांच के बाद दो निष्कर्ष निकलेंगे. एक तो यह देखना है कि कौन दोषी है. जो दोषी पाया जाएगा उसके ख़िलाफ़ उचित कार्रवाई की जाएगी. दूसरा यह है कि इस तरह की घटना भविष्य में ना हो उसके लिए विश्वविद्यालय को क्या-क्या कदम उठाने चाहिए."

छात्राओं ने कुलपति से वार्डन प्रोफ़ेसर चंदा वेन की शिकायत की थी.

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छात्राओं को निर्वस्त्र किया गया

छात्राओं का कहना है कि हॉस्टल की गैलरी में कुछ ख़ून के निशान मिले थे जो बाथरूम तक दिख रहे थे. वहीं बाथरूम के दरवाज़े पर सेनेटरी पैड पड़ा था.

इसके बाद छात्राओं से पूछा गया कि किस का काम है लेकिन जब छात्राओं ने नहीं बताया तो एक-एक छात्रा का परीक्षण किया गया, यह पता लगाने के लिए की किस को माहवारी हुई है. इसी दौरान इन्हें निर्वस्त्र किया गया.

कुलपति आर पी तिवारी ने इस मसले पर जागरुकता अभियान चलाने की भी बात कही है.

वहीं प्रदेश की मंत्री माया सिंह ने कहा कि जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि लड़कियों को अपनी निजता का अधिकार है.

माया सिंह ने कहा, "जांच के आदेश दे दिए गए हैं और जो भी दोषी होगा उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी."

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