कोबरापोस्ट स्टिंग: मीडिया संस्थान पैसे के बदले हिंदूवादी ख़बरें लगाने को तैयार

  • 27 मार्च 2018
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Image caption न्यूज़वेबसाइट कोबरापोस्ट ने मीडिया संस्थानों पर किए गए अपने स्टिंग ऑपरेशन को 'ऑपरेशन 136' नाम दिया है

सोमवार दोपहर को दिल्ली में खोजी न्यूज़ पोर्टल 'कोबरापोस्ट' के संपादक अनिरुद्ध बहल ने अपनी नई जाँच के नतीजे मीडिया के सामने रखे.

राजधानी दिल्ली में 'प्रेस क्लब' में पत्रकारों, वकीलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से भरे हॉल में 'कोबरापोस्ट' के स्टिंग 'ऑपरेशन 136' के चुनिंदा अंश दिखाए गए.

कोबरापोस्ट के अनुसार इस स्टिंग ऑपरेशन के दौरान कुल 17 भारतीय मीडिया संस्थानों के सेल्स प्रमुख पैसों के बदले हिंदूवादी एजेंडा बढ़ाने वाली रिपोर्टें छापने को तैयार हो गए.

योजना के अनुसार कोबरापोस्ट की तरफ़ से एक रिपोर्टर ने श्रीमदभगवत गीता प्रचार समिति नाम के एक काल्पनिक संगठन का प्रतिनिधि बनकर मीडिया संस्थानों से संपर्क किया. इसके बाद तीन महीने तक जारी रहने वाले विज्ञापन और मोटी नगद रकम के बदले मीडिया संस्थानों को हिंदूवादी एजेंडा बढ़ाने वाली ख़बरें प्रकाशित करने को कहा गया.

जारी किए गए वीडियो फुटेज में मीडिया संस्थानों के प्रमुख पैसे के बदले हिंदूवादी एजेंडे को आगे बढ़ाने वाली खबरें प्रकाशित करने को तैयार नज़र आ रहे हैं.

साथ ही 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों में राहुल गाँधी, मायावती और अखिलेश यादव जैसे विपक्षी नेताओं के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी के ही अरुण जेटली, मनोज सिन्हा, जयंत सिन्हा, वरुण गाँधी और मेनका गाँधी जैसे नेताओं की भी ख़बरों के ज़रिये नकारात्मक छवि बनाने को तैयार हो जाते हैं.

7 न्यूज़ चैनलों, 6 अख़बारों, 3 वेब पोर्टल और 1 न्यूज़ एजेंसी पर किए गए इस स्टिंग ऑपरेशन में इंडिया टीवी और दैनिक जागरण जैसे नाम शामिल हैं.

लेकिन कोबरापोस्ट ने पैसों का लेनदेन होने या पैसों के बदले प्रकाशित हुई ख़बर के बारे में कोई जानकारी नहीं दी, सिर्फ़ कुछ बातचीत की रिकॉर्डिंग सुनवाई गईं जिनसे किसी को दोषी साबित करना क़ानूनन संभव नहीं लगता है.

मीडिया संस्थानों ने दिया जवाब

बीबीसी को ईमेल के ज़रिये दिए गए जवाब में इंडिया टीवी के सेल्स प्रेसिडेंट सुदीप्तो चौधरी ने कहा कोबरापोस्ट के 'ऑपरेशन 136' में दिखाया गया कोई भी प्रस्ताव उनकी कंपनी ने स्वीकार नहीं किया.

उन्होंने बताया, "दरअसल, किसी 'आचार्य छत्रपाल' के रूप में मिले इस व्यक्ति के सारे प्रस्ताव हमने ख़ारिज कर दिए थे. इस व्यक्ति के सुझाव पर कोई भी कार्यक्रम, कभी भी इंडिया टीवी पर नहीं दिखाया गया. स्टिंग में दिखाई गयी फुटेज के साथ छेड़-छाड़ की गई है और उसके चुनिंदा हिस्सों को अपना मतलब पूरा करने के लिए तोड़-मरोड़ कर दिखाया गया है. कोबरापोस्ट ने इस विषय पर हुई बाक़ी चर्चाओं को अपने हितों की रक्षा के लिए छुपाया है".

सुदीप्तो का कहना है कि इंडिया टीवी इस मामले में आगे ज़रूरी क़ानूनी कार्रवाई करेगा.

इंडियन एक्सप्रेस को दिए गए एक बयान में दैनिक जागरण के प्रमुख संपादक और 'जागरण प्रकाशन लिमिटेड' के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय गुप्ता 'ऑपरेशन 136' में दिखाए गए वीडियो फुटेज को ख़ारिज करते हैं.

वे कहते हैं, "पहले तो मुझे इस वीडियो की विश्वसनीयता पर संदेह है. और दूसरी बात यह कि दैनिक जागरण के बिहार-झारखंड के एरिया मैनेजर संजय सिंह वीडियो में जो दावे करते नज़र आ रहे हैं, ऐसा कुछ भी करना उनके अधिकार क्षेत्र के बाहर की बात है. जाँच के बाद अगर संजय सिंह के ख़िलाफ़ लगे आरोप सच्चे पाए गए तो हम उन पर कड़ी कार्रवाई करेंगे."

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