कोलकाता : क्यों बदल रही है सोनागाछी की रंगत?

  • 29 मार्च 2018
सोनागाछी इमेज कॉपीरइट EPA/PIYAL ADHIKARY

पश्चिम बंगाल के कोलकाता शहर में मौजूद एशिया के सबसे बड़े रेड लाइट इलाके सोनागाछी को ट्रांसजेंडर कलाकार रंगीन बना रहे हैं.

ऊपर दिख रही तस्वीर उस इमारत की है जिसमें यौनकर्मियों का कॉपरेटिव चलाया जाता है. इस इमारत की दीवारों पर रंगीन पेंटिंग बनाई गई है.

कोलकाता (पहले इस शहर को कलकत्ता कहा जाता था) के बीचों बीच मौजूद तंग गलियों से भरे सोनागाछी को वैश्यावृत्ति का एशिया का सबसे बड़ा इलाका कहा जाता है. ये करीब ग्यारह हज़ार यौनकर्मियों का घर है.

इमेज कॉपीरइट EPA/PIYAL ADHIKARY

ट्रांसजेंडर कलाकारों ने बंगलुरु स्थित आर्ट समूह के साथ मिल कर यौनकर्मियों के अधिकारों और महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा रोकने को लेकर जागरुकता अभियान के तहत इमारतों पर पेंटिंग बनाई हैं.

इमारतों पर तस्वीरें बनाने में करीब एक सप्ताह का वक्त लगा.

यहां मौजूद अधिकतर वैश्यालय टूटी फूटी स्थिति में हैं और कहीं कहीं इनकी दीवारें आसपास के घरों से सटी हुई भी हैं.

इमेज कॉपीरइट EPA/PIYAL ADHIKARY
इमेज कॉपीरइट EPA/PIYAL ADHIKARY
इमेज कॉपीरइट EPA/PIYAL ADHIKARY
इमेज कॉपीरइट EPA/PIYAL ADHIKARY

वैश्यालय के आसपास के घरों की दीवारों पर भी तस्वीरें बनाई गई हैं. योजना के तहत अभी इलाके की और भी दीवारों पर रंगीन तस्वीरें बनाई जाएंगी.

भारत में वैश्यावृत्ति अभी भी बड़ी समस्या बनी हुई है. एक अनुमान के अनुसार भारत में करीब 30 लाख महिलाएं यौनकर्मी के रूप में काम करती हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉयड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए