चीन का अमरीका पर पलटवार, आयात पर लगाया शुल्क

अमरीका, चीन, व्यापार, आयात, निर्यात , वाइन इमेज कॉपीरइट Getty Images

पहले अमरीका ने स्टील और एल्यूमीनियम पर आयात शुल्क बढ़ाया और अब चीन ने. जवाबी कार्रवाई करते हुए चीन ने पोर्क और वाइन जैसे 128 से ज़्यादा उत्पादों के आयात पर शुल्क बढ़ा दिया है. अब इन उत्पादों पर 15 से 25 फ़ीसदी शुल्क देना होगा.

बीजिंग से जारी एक बयान में कहा गया है कि यह कदम अमरीका द्वारा बढ़ाए गए आयात शुल्क से हुए नुकसान को देखते हुए चीन के लाभ और संतुलन के लिहाज़ से लिया गया है.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

चीन ने इससे पहले कहा था कि वो ट्रेड वार नहीं चाहता है, लेकिन अगर उसकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा तो वो शांत भी नहीं बैठेगा.

बीबीसी के क्रिस बकर ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि अमरीकी अधिकारियों ने काफी पहले से ही चीनी आयात पर क़रीब दस करोड़ डॉलर टैक्स बढ़ाने की घोषणा कर दी थी.

अमरीका का कहना है कि उसका ये कदम चीन में ग़लत तरीक़े से व्यापार करने की प्रतिक्रिया के फलस्वरूप है क्योंकि इससे अमरीकी कंपनियों पर असर पड़ा है. हालांकि अमरीका के इस कदम से इस बात की आशंका बढ़ गई कि आगे चलकर चीन भी शांत नहीं बैठेगा और मुंह तोड़ जवाब देगा.

इमेज कॉपीरइट Twitter

किन-किन चीज़ों पर पड़ेगा असर?

एल्यूमीनियम स्क्रैप और फ्रोज़न पोर्क पर सबसे अधिक 25 फ़ीसदी आयात शुल्क बढ़ गया है.

इसके अलावा बहुत से अमरीकी खाद्य पदार्थों जैसे नट्स, ताज़े और सूखे फल, वाइन पर 15 फ़ीसदी तक आयात शुल्क बढ़ा दिया गया है.

रोल स्टील पर भी 15 फ़ीसदी आयात शुल्क बढ़ गया है.

अब ये क्यों हो रहा है?

चीन का कहना है कि ये नए आयात शुल्क अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप द्वारा एल्यूमीनियम और स्टील के आयात पर बढ़ाए गए शुल्क की जवाबी कार्रवाई है.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

22 मार्च को अमरीका ने कहा था कि वो चीन पर 60 करोड़ डॉलर का आयात शुल्क लगाने की योजना बना रहा था. बौद्धिक संपदा चोरी करने का आरोप लगाते हुए अमरीका ने देश मे चीन के निवेश को भी सीमित करने की बात कही थी.

अब चीन की इस प्रतिक्रिया से सारी बात स्पष्ट हो गई है.

ट्रेड वॉर: अमरीका और चीन की इस जंग में कौन पिसेगा?

क्या अमरीका और चीन कारोबारी जंग की तरफ़ बढ़ रहे हैं!

बढ़ाए गए शुल्क के आधार पर चीन, अमरीकी टेक कंपनियों जैसे एपल पर शुल्क लगा सकता है. ऐसे में अमरीकी टेक कंपनियां भी अपने उत्पादों का दाम बढ़ाने के लिए मजबूर हो जाएंगी.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉयड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे