हिमाचल प्रदेश: बस हादसे में 11 बच्चों की किस ने बचाई जान

राज कुमार

उनका नाम राज कुमार है , उम्र क़रीब 20 साल और पेशा मज़दूरी.

हिमाचल प्रदेश के नूरपुर के पास खाई में गिरी स्कूल बस से बच्चों को निकालने वालों में से एक राज कुमार भी थे.

जब हम उनके घर पहुँचे तो वो बच्चों के अंतिम संस्कार से वापस आ रहे थे.

पूछने पर राज कुमार ने बताया कि वो घर के बाहर खड़े थे, जब उन्होंने एक रोते हुए बच्चे (रणबीर सिंह) को सड़क पर जाते देखा.

उन्होंने बच्चे से पूछा तो पता चला कि बस खाई में गिर गई है. ये बात सुनने के बाद राज कुमार अपने कुछ साथियों के साथ हादसे वाली जगह पर पहुँचे.

ऊपर से कुछ दिखाई ना देने पर राज कुमार थोड़ा नीचे गए तो बस में से बच्चों के रोने की आवाज़ें सुनाई दी. उन्होंने देखा कि बच्चों की हालत ठीक नहीं थी.

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फ़िसलन भरी घाटी

इसके बाद राज कुमार ने अपने साथियों को भी नीचे बुलाया और ज़ख्मी बच्चों को बाहर निकालना शुरू किया.

राज कुमार का कहना है कि ये काम काफ़ी मुश्किल था क्योंकि ऊपर जाने के लिए कोई पगडंडी तक नहीं थी. थोड़ी देर में और लोग मदद के लिए पहुँचे तो फिर सबने ह्यूमन चेन (मानव शृंखला) बनाकर छोटे-छोटे रास्तों से ज़ख़्मी बच्चों और शवों को बाहर निकाला.

राज कुमार ने बताया, "बच्चों के खून से हमारे कपड़े लाल हो चुके थे. हम कुछ बच्चों को पीठ पर बांध कर ऊपर लेकर आए."

बीबीसी की टीम ने भी जब नीचे जाकर हालात का जायज़ा लेने की कोशिश की थी तो बहुत मुश्किल से सिर्फ़ पचास मीटर ही नीचे जा पाए थे क्योंकि फ़िसलन बहुत थी.

ये अंदाज़ा लगाना मुश्किल नहीं था कि जब लोगों ने बच्चों को बाहर निकाला होगा तो कितनी दिक़्क़त हुई होगी.

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Image caption हादसे में मारे गए बच्चे की तस्वीर दिखाते अभिभावक

मदद के लिए आगे आया एक और नौजवान

हादसे की जगह के नज़दीक ही 19 साल के विशाल का घर है.

विशाल ने बताया कि हादसे के वक्त वो घर के अंदर थे और शोर सुन कर जब बाहर आए तो देखा काफी लोग जमा थे.

विशाल ने घर में मौजूद आपने दोस्तों को पानी लाने के लिए कहा. विशाल ने बताया कि जिन बच्चों को नीचे से ऊपर लाया जा रहा था उनकी हालत देखी नहीं जा रही थी.

खुवाडा गाँव के 70 साल के मंगल सिंह ने बताया कि कुछ वक़्त पहले एक छोटा ट्रक उसी खाई में गिरा था जिसमें स्कूल बस गिरी है. उस हादसे में ड्राइवर की जान बच गई थी.

जब बीबीसी की टीम घटना स्थल पर पहुँची तो देखा जहाँ से बस नीचे गिरी वो सड़क खिसकी हुई थी.

मंगल सिंह ने बताया कि आस-पास के गाँव वालों ने अपनी हिम्मत से सबको बाहर निकाला है और पुलिस-फ़ायर ब्रिगेड की टीम भी तब पहुंची जब सब को निकाल लिया गया था.

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