राजस्थान: कौन हैं कुमार विश्वास की जगह प्रभारी बनाए गए दीपक बाजपेयी

  • 11 अप्रैल 2018
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आम आदमी पार्टी ने कुमार विश्वास को राजस्थान के प्रभारी के पद से हटा दिया है.

पार्टी नेता आशुतोष ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर इस बात की पुष्टि की है.

उन्होंने कहा कि इसी साल के अंत में होने वाले राजस्थान चुनाव आम आदमी पार्टी के लिए अहम हैं और इसकी बागडोर अब दीपक को सौंपी जा रही है.

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पिछले साल मई में ही कुमार विश्वास को राजस्थान का प्रभारी बनाया गया था.

कौन हैं दीपक बाजपेयी?

क़रीब 20 साल तक दिल्ली में पत्रकार रहे दीपक बाजपेयी दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के नज़दीक़ी बताए जाते हैं. दीपक बाजपेयी फिलहाल आम आदमी पार्टी के चंदे का हिसाब-क़िताब रखने वालो में शामिल हैं.

पार्टी के जानकार बताते हैं कि दीपक यूँ तो पार्टी में लो-प्रोफ़ाइल रखते हैं, लेकिन पार्टी में उनकी सुनी जाती है.

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बीबीसी संवाददाता प्रशांत चाहल से बातचीत में दीपक बाजपेयी ने कहा कि वो भी पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं की तरह एक आम कार्यकर्ता हैं. उन्होंने दावा किया कि वो बीते डेढ़ महीने से राजस्थान में ज़मीनी स्तर पर काम कर रहे हैं और चुनाव में रणनीति बनाने में लगे हैं.

दीपक ने कहा कि राजस्थान को लेकर आम आदमी पार्टी का 'विज़न' साफ़ है. जब दीपक से पूछा गया कि राजस्थान में क्या इस दौरान कुमार विश्वास भी उनके साथ थे? तो उन्होंने कहा, "कुमार भाई पार्टी के बड़े नेता हैं. वो शायद बिज़ी हैं. राजस्थान में वो साथ नहीं थे. और पार्टी को फिलहाल राजस्थान में फ़ुल टाइम लोगों की ज़रूरत है."

'कुमार के पास वक़्त नहीं था'

प्रेस कॉन्फ़्रेंस में आशुतोष ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने राजस्थान विभानसभा चुनाव पूरी ताक़त से लड़ने का फ़ैसला किया है.

उन्होंने कहा कि कुमार अपनी निजी व्यस्तताओं की वजह से राजस्थान को वक़्त नहीं दे पा रहे थे और ग्राउंड पर सक्रिय नहीं थे.

प्रेस कॉन्फ़्रेंस के बाद राजस्थान चुनाव को लेकर सोशल मीडिया पर कैंपेन भी शुरू कर दिया गया है.

दिल्ली की तरह राजस्थान में भी आम आदमी पार्टी सस्ती बिजली और मुफ़्त पानी देने का वादा कर रही है.

कुमार की प्रतिक्रिया?

आम आदमी पार्टी के इस फ़ैसले के बाद कुमार विश्वास ने कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी है.

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हालांकि ये फ़ैसला आने के कुछ मिनट बाद कुमार ने ट्वीट किया, "वाणी का मोल नहीं चुकता, अनुदानित राज्य सभाओं से जिसके विरुद्ध था युद्ध उसे, हथियार बना कर क्या पाया?"

पुराना विवाद

इससे पहले जनवरी, 2018 में दिल्ली की तीन राज्यसभा सीटों के टिकटों को लेकर कुमार विश्वास की टिप्पणी से आम आदमी पार्टी में खींचतान हुई थी.

कुमार विश्वास ने उस वक़्त अपने नेताओं की अनदेखी कर 'बाहरी गुप्ताओं' को चुनने के आम आदमी पार्टी के फ़ैसले की आलोचना की थी.

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