बिहार का वो IPS जो ख़ुद ही फंस गया

  • 17 अप्रैल 2018
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ये बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर की कहानी है जहां लोग एक बड़े अफ़सर के घर के आगे रुककर पल भर के लिए ठिठक जाया करते थे. लोग रुकते और अफ़सर का मकान देखकर आगे बढ़ जाते.

लेकिन अब इसी मकान के सामने कोई नहीं है. एक अजीब सा सन्नाटा है और खाकी वर्दी, सादी वर्दी में कई लोग बार-बार मकान के भीतर आ जा रहे हैं. खाना भीतर जा रहा है, फ़ाइलें और कागज़ात बाहर निकल रहे हैं.

ये मकान किसी और का नहीं बल्कि मुज़फ़्फ़रपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) विवेक कुमार का सरकारी आवास है.

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इसके अलावा उनके एक और ठिकाने पर बिहार पुलिस बीते दो दिनों से लगातार छापेमारी कर रही है.

देर शाम गृह विभाग ने आईपीएस विवेक कुमार के निलंबन संबंधित चिट्ठी जारी कर दी. चिट्ठी में उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की बात कही गई है और बताया गया है कि निलंबन के दौरान गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवा मुख्यालय उनका कार्यालय होगा.

बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित विवेक कुमार के जिस दूसरे ठिकाने पर छापेमारी चल रही है वहां उनके माता-पिता रहते हैं.

कब से जारी है छापामारी?

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साथ ही बिहार पुलिस उनके ससुराल में भी पहुंच चुकी है जो मुज़फ़्फ़रनगर में है. यहां भी जल्द ही छापामारी हो सकती है.

जिस अफ़सर के यहां ये छापे पड़ रहे हैं वो IPS हैं और छापे मारने वाले अधिकारी बिहार पुलिस की विशेष निगरानी इकाई (SVU) से जुड़े हैं.

अब थोड़ा विवेक कुमार का बायोडाटा. वो साल 2007 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और इन छापों से पहले उन पर गंभीर इल्ज़ाम लग रहे थे.

विशेष निगरानी इकाई के पुलिस महानिरीक्षक रतन संजय कटियार ने बीबीसी को फोन पर बताया, ''विवेक कुमार के ख़िलाफ़ आमदनी से तीन सौ प्रतिशत ज़्यादा संपत्ति अर्जित करने की सूचना मिली थी.''

बंद हो चुके नोट भी मिले

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Image caption छापे मार रही टीम के लिए खाना ले जाते लोग

उन्होंने आगे बताया, ''अब तक की छापेमारी में करीब साढ़े छह लाख रुपए नकद और करीब साढ़े पांच लाख मूल्य के जेवरात मिले हैं. ये उनकी आमदनी से तीन सौ प्रतिशत अर्जित ज्यादा संपत्ति से अतिरिक्त हैं.''

जिन SSP पर क़ानून के ख़िलाफ़ काम करने वालों पर लगाम कसने की ज़िम्मेदारी थी, ख़ुद उनके यहां से इस रकम के अलावा अवैध नोट भी मिले हैं.

नवंबर, 2016 में मोदी सरकार ने नोटबंदी ऐलान किया था और 500-1000 रुपए के नोट बंद कर दिए थे. इस बात को काफ़ी वक़्त गुज़र चुका है.

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लेकिन SSP के आवास से पुलिस को करीब 45 हज़ार रुपए के ऐसे ही पुराने नोट भी मिले हैं. इतनी बड़ी संख्या में पुराने नोट रखना भी अब जुर्म है.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भ्रष्टाचार के अलावा हरियाणा के शराब माफिया से विवेक कुमार के संबंधों की अहम जानकारियां मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है.

शराब माफ़िया से संबंध?

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बिहार के इस ज़िले में शराबबंदी के बाद सबसे ज़्यादा अवैध शराब पकड़ी गई है.

इस साल किसी बड़े प्रशासनिक अधिकारी के खिलाफ हुई यह दूसरी कार्रवाई है. इसके पहले फरवरी के अंत में औरंगाबाद के युवा जिलाधिकारी कंवल तनुज के सरकारी ठिकानों पर सीबीआई ने छापेमारी की थी.

तब यह बात सामने आई थी कि कंवल तनुज की कथित भ्रष्टाचार की ख़बरें आने के बाद यह करवाई की गई. छापेमारी के बाद कंवल का तबादला बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग में कर दिया गया था.

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