प्रेस रिव्यूः कितने विधायक-सांसदों पर हैं महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के मामले?

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अमर उजाला ने एसोसिएशन फ़ॉर डेमोक्रेटिक रिफ़ॉर्म की एक रिपोर्ट के हवाले से ख़बर दी है कि देश के 48 सांसद और विधायकों पर महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के मामले हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक़ देश के 33 फ़ीसदी यानी 1580 सांसद-विधायक ऐसे हैं जिन पर आपराधिक मामले दर्ज हैं.

इनमें से 48 सांसद-विधायकों पर महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के आरोप हैं. बीजेपी में ऐसे नेताओं की संख्या 12 है जो सबसे ज़्यादा है.

राज्यों की बात करें तो महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध के सबसे ज़्यादा 12 मामले महाराष्ट्र के सांसद-विधायकों पर हैं.

इसके बाद पश्चिम बंगाल के 11, उड़ीसा और आंध्र प्रदेश के पांच-पांच जनप्रतिनिधियों पर ऐसे मामले दर्ज हैं.

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600 करोड़ बढ़ी कर्नाटक के कांग्रेसी मंत्री की संपत्ति

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ कर्नाटक के कांग्रेसी मंत्री डीके शिवाकुमार की संपत्ति में बीते पांच साल में 600 करोड़ रुपए का इज़ाफ़ा हुआ है.

पिछले साल गुजरात में राज्यसभा चुनावों के दौरान शिवाकुमार ने ही गुजरात के कांग्रेसी विधायकों के रहने और खाने-पीने की व्यवस्था की थी.

उनकी संपत्ति में 2013 में विधानसभा चुनावों के बाद से कुल 589 करोड़ रुपए का इज़ाफ़ा हुआ है. ये जानकारी शिवाकुमार ने चुनाव आयोग में दिए अपने नामांकन पत्र में दी है.

कर्नाटक में अभी तक जिन उम्मीदवारों ने नामांकन भरा है उनमें शिवकुमार की संपत्ति सबसे ज़्यादा है. 55 साल के शिवाकुमार ने कुल 840 करोड़ रुपए की संपत्ति घोषित की है.

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पोस्टमार्टम की दो रिपोर्ट्स भेजी गई

दैनिक जागरण की ख़बर के मुताबिक़ कठुआ में बच्ची के साथ बलात्कार नहीं किया गया था. अख़बार ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए लिखा है कि इसमें दुष्कर्म का कोई ज़िक्र नहीं किया गया है.

कठुआ ज़िला अस्पताल के मेडिकल सुपरिन्टेंडेंट ने मामले की जांच कर रही एसआईटी को बच्ची की दो पोस्टमार्टम रिपोर्ट सौंपी है. सामान्य रूप से अस्पताल मृतक की एक ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट भेजती है.

अख़बार के मुताबिक़ चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों रिपोर्ट्स एक-दूसरे से मेल नहीं खाती जबकि दोनों रिपोर्ट्स में बच्ची के साथ दुष्कर्म की बात नहीं कही गई है.

ख़बर में बताया गया है कि पहली रिपोर्ट में बच्ची के शरीर पर छह ज़ख्म होने की बात कही गई है, वहीं दूसरी रिपोर्ट में सात ज़ख्मों का ज़िक्र है.

क्राइम ब्रांच की चार्जशीट में बच्ची का गला घोंटने के बाद सिर पर पत्थर मारे जाने की बात कही गई थी लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खोपड़ी में किसी तरह का फ़्रैक्चर नहीं पाए जाने की बात कही है.

हालांकि दैनिक जागरण के अलावा और किसी अख़बार ने ऐसी ख़बर नहीं दी है.

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सीए सबकुछ छोड़ बनेगा संत

द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई के एक व्यापारिक परिवार से संबंध रखने वाले एक सीए मोक्षेश सेठ सब कुछ त्यागकर जैन संत बनने जा रहे हैं.

उनका परिवार जेके कॉर्पोरेशन चलाता है और उनकी करोड़ों की संपत्तियां हैं.

पेशे से सीए मोक्षेश का कहना है कि अकाउंट बुक्स के बजाय अब धर्म का ऑडिट करना चाहते हैं.

उनका कहना है कि जब वो पंद्रह साल के थे तब पहली बार उनके मन में जैन संत बनने का विचार आया था. उन्होंने कहा कि मैं ऐसी आंतरिक शांति की इच्छा रखता हूं जो भौतिक दुनिया में नहीं मिल सकती.

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