प्रेस रिव्यू: केंद्र का जस्टिस जोसेफ़ को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाने से इनकार

  • 27 अप्रैल 2018
रविशंकर प्रसाद इमेज कॉपीरइट Getty Images

टाइम्स ऑफ़ इंडिया अख़बार की ख़बर के मुताबिक उत्तराखंड के चीफ जस्टिस केएम जोसेफ को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाने की कॉलेजियम की सिफ़ारिश केंद्र सरकार ने लौटा दी.

केंद्र ने गुरुवार को कॉलेजियम को इस पर दोबारा विचार को कहा है.

जस्टिस केएम जोसेफ की पहली नियुक्ति केरल हाई कोर्ट थी. केंद्र ने उनकी फाइल लौटाने की वजह बताई है कि सुप्रीम कोर्ट में पहले से ही कुरियन जोसेफ के रूप में केरल हाई कोर्ट का प्रतिनिधित्व है.

लेकिन, फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में 25 जज हैं जो दिल्ली हाई कोर्ट से प्रमोट हुए हैं, 3 बॉम्बे हाई कोर्ट और 2 इलाहाबाद हाई कोर्ट से.

कांग्रेस ने कहा कि जस्टिस जोसेफ ने उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लागू करने का फैसला दिया था और अब सरकार कॉलेजियम की सिफारिश लौटाकर बदले की राजनीति कर रही है.

इमेज कॉपीरइट AFP

'आसाराम के लिए बलात्कार पाप नहीं था'

दैनिक भास्कर ने छापा है कि जोधपुर जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम दुष्कर्म और यौन शोषण को पाप नहीं मानते थे.

ये बात अभियोजन पक्ष के गवाह राहुल के सच्चर ने अदालत को फैसले के दिन बताई.

उन्होंने कहा कि आसाराम मानते थे कि उस जैसे ब्रह्मज्ञानी के लिए बलात्कार करना पाप नहीं है.

राहुल आसाराम के क़रीबी थे और उन्हें आसाराम की कुटिया तक जाने की इजाजत भी मिली हुई थी.

उन्होंने बताया कि आसाराम यौनशक्ति बढ़ाने के लिए दवाएं लेता था.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

राहुल गांधी का विमान ख़राब, कांग्रेस ने की जांच की मांग

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक कांग्रेस ने कर्नाटक पुलिस को खत लिखकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के विशेष विमान में अचानक आई तकनीकी खराबी की शिकायत की.

राहुल गुरुवार को दिल्ली से कर्नाटक के दो दिवसीय दौरे पर रवाना हुए थे.

स्पेशल विमान में उनके अलावा कौशल विद्यार्थी और तीन अन्य लोग सवार थे.

कौशल विद्यार्थी ने खत में डीजी और आईजी से कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष जिस विमान में जा रह थे, उसमें कई तकनीकी खामियां आ गईं और ये सामान्य नहीं थीं.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

पाकिस्तान से आए 5100 हिंदुओं को राजस्थान सरकार देगी नागरिकता

दैनिक भास्कर की ख़बर के मुताबिक़ राजस्थान सरकार ने पाकिस्तान से आए 5100 से ज़्यादा विस्थापित हिंदुओं को भारतीय नागरिकता दिए जाने को हरी झंडी दे दी है.

यह पहला मौका होगा, जब प्रदेश में एक साथ इतनी संख्या में नागरिकता दी जाएगी.

इसके लिए प्रदेश में ज़िला मुख्यालयों पर मई के तीसरे सप्ताह से विशेष कैंप लगाए जाएंगे.

गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ विभागीय अधिकारियों की उच्च स्तरीय मीटिंग के बाद यह जानकारी दी.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

एक साल में कहां पहुंचा रियल एस्टेट क़ानून

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक़ एक साल पहले रियल एस्टेट रेगुलेशन एक्ट 2016 लागू तो किया गया लेकिन अब तक ठीक से शुरू भी नहीं हो पाया है.

ये कानून 28 राज्यों में लागू किया जाना था लेकिन अब तक सिर्फ 3 ही राज्यों में रेगुलेटर नियुक्त किया गया है.

ख़रीददारों को बिल्डर्स की लापरवाही या ग़लत नीतियों से बचाने के लिए इस क़ानून को लाया गया था.

सभी एस्टेट प्रोजेक्ट्स को अगस्त 2017 में इस एक्ट के तहत रजिस्टर कराना था लेकिन अब तक भी सभी प्रोजेक्ट रजिस्टर नहीं हो पाए हैं.

इस क़ानून को ठीक से लागू ना किए जाने से रियल एस्टेट सेक्टर को मंदी से उबारने की कोशिशों पर भी प्रभाव पड़ेगा.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए