प्रेस रिव्यूः मेट्रो में गले मिल रहे जोड़े को पीटने लगे लोग

  • 2 मई 2018
कोलकाता मेट्रो इमेज कॉपीरइट Getty Images
Image caption कोलकाता मेट्रो

कोलकाता से मोरल पुलिसिंग का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां भीड़ ने एक जोड़े की इसलिए पिटाई कर दी क्योंकि वे दोनों एक दूसरे के बेहद पास खड़े थे और गले लग रहे थे.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के पहले पन्ने पर लगी ख़बर के अनुसार यह घटना कोलकाता के दमदम मेट्रो स्टेशन की है. दैनिक भास्कर ने भी इस ख़बर को चित्र सहित प्रकाशित किया है.

मोबाइल से लिए एक फ़ोटो में दिख रहा है कि एक लड़की एक युवक का लोगों से बचाव कर रही है, जो उसे लात-घूंसे मार रहे हैं.

ख़बर के अनुसार यह घटना सोमवार रात 10 बजे की है, जब मेट्रो कोच के अंदर युवक-युवती को करीब देखकर लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया और उन्हें गाली देने लगे.

जोड़े को चलती मेट्रो में धमकी दी गई कि मेट्रो से उतरो नहीं तो पिटाई होगी. जैसे ही दमदम मेट्रो स्टेशन आया भीड़ ने उस जोड़े को मेट्रो से नीचे धक्का देकर उतार दिया. भीड़ में ज़्यादातर बुजुर्ग शामिल थे.

मेट्रो अधिकारियों ने बताया है कि वे घटना की और फुटेज मंगवाकर मामले की जांच कर रहे हैं.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

जिन्ना की तस्वीर पर सवाल

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर भाजपा के क्षेत्रीय सांसद सतीश कुमार गौतम ने यूनिवर्सिटी के कुलपति को चिट्ठी लिखी है.

जनसत्ता में प्रकाशित ख़बर के अनुसार चिट्ठी में पूछा गया है कि क्या अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पाकिस्तानी संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर क्यों लगी हुई है? अगर, AMU में पाकिस्तानी संस्थापक जिन्ना की तस्वीर लगी है तो इसके पीछे क्या तर्क है?

उन्होंने यह भी पूछा है कि अगर, जिन्ना की तस्वीर लगी हुई है तो किस विभाग में और किन कारणों से लगी है वह कारण बताएं.

जानकारी के मुताबिक अलीगढ़ यूनिवर्सिटी की यह परंपरा है कि जिन छात्रों को आजीवन सदस्यता प्रदान की जाती है, उनकी तस्वीर यूनियन हॉल में लगाई जाती है. 1938 में यूनिवर्सिटी की तरफ से मोहम्मद अली जिन्ना को भी आजीवन सदस्यता दी गई थी.

इमेज कॉपीरइट Getty Images
Image caption मोहम्मद अली जिन्ना

अवैध होटल ढहाने गई महिला अधिकारी की हत्या

इंडियन में प्रकाशित एक खबर में बताया गया है कि हिमाचल प्रदेश के सोलन ज़िले के धर्मपुर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अवैध होटलों को ढहाने गई टीम में शामिल महिला अधिकारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई.

शैल बाला नामक इस महिला अधिकारी को एक गेस्टहाउस के मालिक ने कथित तौर पर गोली मारी और फिर वह फरार हो गया.

महिला अधिकारी के जबड़े और छाती पर दो गोलियां लगीं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई. साथ ही लोक निर्माण विभाग के एक मजदूर को भी गोली लगी है.

पुलिस के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अवैध कब्जों को ढहाने का काम चल रहा था. इस बीच सहायक टाउन प्लानर शैल बाला कब्जे ढहाने टीम के सदस्यों के साथ निरीक्षण करने नरायणी गेस्टहाउस के अंदर दाखिल हुई.

यहीं पर इस गेस्टहाउस के मालिक विजय ठाकुर ने कथित रूप से महिला अधिकारी को गोली मार दी.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर

भारत की राजधानी दिल्ली को एक बार फिर दुनिया का सबसे अधिक प्रदूषित शहर बताया गया है, वहीं मुंबई का स्थान चौथा है.

हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित ख़बर के अनुसार विश्व स्वास्थ्य संगठन की तरफ से जुटाए गए हवा की गुणवत्ता के आंकड़ों के लिहाज़ से यह रैंकिंग निकाली गई है.

दिल्ली के बाद दूसरे स्थान पर मिस्र का शहर ग्रेटर काइरा आता है. तीसरे पर बांग्लादेश की राजधानी ढाका और पांचवें स्थान पर चीन की राजधानी बीजिंग मौजूद है.

आंकड़ों के अनुसार दुनिया भर के 90 प्रतिशत जनता प्रदूषित हवा का सेवन कर रही है, जिसकी वजह से साल 2016 में 70 लाख लोगों की मौत हुई.

दिल्ली से छोटे शहरों की बात करें तो कानपुर, फरीदाबाद, वाराणसी, गया और पटना में प्रदूषण की हालत दिल्ली से भी ख़राब बताई गई है.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

हवाई सफर में मोबाइल का इस्तेमाल कर सकेंगे

उड़ान के दौरान जल्दी ही यात्रियों को मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने की इजाज़त मिल सकेगी.

हिंदुस्तान में प्रकाशित ख़बर में बताया गया है कि दूरसंचार आयोग ने मंगलवार को ट्राई की सिफारिशों को मंजूरी दे दी है.

नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने फ़ैसले का स्वागत करते हुए कहा कि वे इसे खुद जल्दी से जल्दी लागू करवाएंगे.

दूरसंचार सचिव अरुणा सुंदरराजन ने कहा कि विमान के अंदर मोबाइल सेवा देने की इच्छुक कंपनियों को अलग लाइसेंस लेना होगा.

इमेज कॉपीरइट Thinkstock

इसके लिए कंपनियों को सालाना एक रुपया लाइसेंस फ़ीस देनी होगी, इस व्यवस्था को लागू होने में तीन से चार महीने का वक्त लग सकता है.

ये भी पढ़ेंः

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए