भारत प्रशासित कश्मीर में 5 चरमपंथियो को मारने का दावा

कश्मीर में तैनात जवान इमेज कॉपीरइट Getty Images

भारत-प्रशासित कश्मीर में रविवार को दक्षिणी कश्मीर के शोपियां ज़िले में सुरक्षाबलों ने पांच चरमपंथियों को मारने का दावा किया है. लेकिन प्रदर्शन के दौरान इसमें पांच नागरिकों के मारे जाने की भी ख़बर है.

शोपियां में मारे गए पांच चरमपंथियों में हिज़्बुल मुज़ाहिदीन के एक टॉप कमांडर सद्दाम पडर के साथ एक असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ रफ़ीक अहमद बट भी शामिल हैं.

ज़िला गांदेरबल के निवासी बट कश्मीर यूनिवर्सिटी में सोशियोलॉजी पढ़ाते थे. वे तीन दिन पहले गायब हो गए थे. उनके गायब होने के एक दिन बाद कश्मीर यूनिवर्सिटी में बीते शनिवार को प्रदर्शन भी हुए थे.

वर्ष 2017 में बट ने पीएचडी की पढ़ाई पूरी की थी. वे बुरहान वानी के ग्यारह लोगों के ग्रुप में आखिरी चरमपंथी कमांडर थे.

पुलिस के मुताबिक़ सद्दाम पडर वर्ष 2014 से सक्रिय थे. पुलिस का कहना है कि सद्दाम और उसके साथी सुरक्षाबलों पर कई हमलों के अलावा आम नागरिकों की हत्याओं में शामिल रहे हैं.

शोपियां में मारे गए अन्य तीन चरमपंथियों की पहचान तौसीफ़ अहमद, आदिल मालिक और बिलाल अहमद के रूप में हुई है.

'कश्मीर में किसकी सुरक्षा कर रहे हैं सुरक्षा बल?'

कश्मीर की ये 'पत्थरबाज़ लड़कियां'

कश्मीर मुठभेड़: 'हम लोग फंसे हुए हैं, घायलों की गिनती नहीं'

'आत्मसमर्पण के लिए कहा था'

इमेज कॉपीरइट Getty Images

जम्मू-कश्मीर पुलिस प्रमुख एसपी वैद कहते हैं, "सद्दाम पडर दक्षिणी कश्मीर में युवाओं को चरमपंथी संगठनों में शामिल करने के लिए बहुत ज़्यादा सक्रिय था. हम उम्मीद कर रहे हैं कि अब वहां के हालात बेहतर होंगे."

सद्दाम पडर दक्षिणी कश्मीर में बहुत ज़्यादा मशहूर थे. हाल ही में उनकी एक वीडियो वायरल हुई थी, जिसमें वह अपने साथियों के साथ फायरिंग करते हुए पाकिस्तान ज़िंदाबाद के नारे लगा रहे थे.

शोपियां में रविवार को मुठभेड़ की ख़बर फ़ैलने के बाद दक्षिणी कश्मीर के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन हुए. इन प्रदर्शनों में पांच आम नागरिक भी मारे गए, जबकि दर्जनों प्रदर्शनकारी घायल हुए.

शनिवार 5 मई, 2018 को श्रीनगर के छत्ताबल इलाके में सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में लश्कर के तीन चरमपंथियों को मारने का दावा किया था. इसी दौरान पुलिस की एक गाड़ी से आदिल अहमद नाम के एक युवा की कुचले जाने की वजह से मौत भी हो गई थी.

पुलिस प्रमुख एसपी वैद का ये भी कहना था कि शोपियां में रविवार को मारे गए पांच चरमपंथियों को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया था.

छत्ताबल की मुठभेड़ में मारे गए तीन चरमपंथियों में से दो की पहचान फ़याज़ अहमद और शौकत अहमद के रूप में हुई है.

'नौजवानों के अंदर काफ़ी गुस्सा'

इमेज कॉपीरइट Getty Images
Image caption दक्षिण कश्मीर में सेना की कार्रवाई की प्रतिक्रिया में विरोध करते हुए लोग

विश्लेषक और संपादक ताहिर मोहिद्दीन कहते हैं, "भारत सरकार ने कश्मीर में बातचीत के सभी दरवाज़े बंद कर दिए हैं, जिसकी वजह से यहां नौजवानों के अंदर काफ़ी गुस्सा है और यही वज़ह है कि आम लोग चरमपंथियों के जनाज़ों में या तो लोग उमड़ आते हैं या फिर जब मुठभेड़ होती है तो लोग उस जगह पर पहुंच जाते हैं."

वो जोड़ते हैं, "बीजेपी-पीडीपी सरकार जब बनी थी तो इनका "एजेंडा ऑफ़ अलायंस" था, लेकिन उस पर आज तक कभी अमल नहीं हुआ. यही वजह है कि कश्मीर के हालात खराब होते जा रहे हैं."

इमेज कॉपीरइट Getty Images
Image caption सांकेतिक तस्वीर

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे