पाकिस्तान से 25 रुपये महंगा पेट्रोल क्यों बेच रहा भारत?

  • 21 मई 2018
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भारत में पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमत सातवें आसमान पर पहुंच गई है. दिल्ली में सोमवार को पेट्रोल की क़ीमत 76.57 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई, जो अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर है. इससे पहले दिल्ली में 14 सितंबर, 2013 को पेट्रोल का दाम 76.06 रुपए प्रति लीटर पहुंचा था.

कहा जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की बढ़ती क़ीमत और डॉलर की तुलना में भारतीय रुपए में जारी गिरावट के कारण पेट्रोल और डीज़ल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं.

हालांकि पेट्रोल और डीज़ल की खुदरा कीमत में देश के भीतर अलग-अलग राज्यों में लगाए जाने वाले टैक्स की बड़ी भूमिका होती है.

अगर अभी लगाए जाने वाले टैक्स के हिसाब से देखें तो अगर दिल्ली में पेट्रोल की क़ीमत 76 रुपए प्रति लीटर है और इसमें से टैक्स निकाल दें तो क़ीमत सीधे आधी हो जाएगी.

पेट्रोलियम कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के मुताबिक सोमवार को दिल्ली में पेट्रोल की क़ीमत 76.57 रुपए, मुंबई में 84.40 और चेन्नई में 79.47 रुपए प्रति लीटर हैं.

पड़ोसी देशों में सस्ता पेट्रोल

भारत में पेट्रोल की बढ़ती क़ीमत की तुलना अब पड़ोसी देशों से भी होने लगी है. अगर सार्क देशों में भारत को छोड़ दें तो पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका, भूटान और बांग्लादेश में पेट्रोल की क़ीमत भारत की तुलना में कम है.

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एक तर्क यह दिया जा रहा है कि अगर भारत से ग़रीब देश सस्ता पेट्रोल बेच सकते हैं तो भारत ऐसा क्यों नहीं कर रहा है? इसका मुख्य कारण यही है कि भारत के हर राज्य में अलग-अलग टैक्स लगाए जाते हैं. इन टैक्सों में उत्पाद कर, वैट, चुंगी और सेस लगाए जाते हैं.

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि कोई भी सरकार पेट्रोल और डीज़ल से मिलने वाले राजस्व में कोई कटौती नहीं करना चाहती है. पेट्रोल और डीजल से सरकारों को राजस्व का बड़ा हिस्सा मिलता है और इससे कोई सरकार समझौता नहीं करना चाहती है.

भारत के पड़ोसी देशों में पेट्रोल क़ीमत प्रति लीटर रुपए में

  • पाकिस्तान- 51.79
  • नेपाल- 67.46
  • श्रीलंका- 64
  • भूटान- 57.24
  • अफ़ग़ानिस्तान- 47
  • बांग्लादेश- 71.55
  • चीन- 81
  • म्यांमार- 44

(यह आंकड़ा 14 मई, 2018 तक का है) स्रोत- ग्लोबल पेट्रोल प्राइस

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