प्रेस रिव्यू: 'हिंदू लड़कियों के साथ मंदिर क्यों घूम रहे हैं मुसलमान युवक?'

  • 28 मई 2018
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Image caption उत्तराखंड पुलिस के सब-इंस्पेक्टर गगनदीप सिंह ने एक मुस्लिम युवक को भीड़ के हमले से बचाया था

उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी के एक विधायक ने हिंदू मंदिरों में मुसलमान युवकों के जाने का विरोध किया है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा है कि रामनगर का माहौल ख़राब करने वालों को सुधारने का वक़्त आ गया है.

रामनगर पुलिस थाने के सब इंस्पेक्टर गगनदीप सिंह ने रामनगर के गरजिया मंदिर के पास एक मुसलमान युवक को हिंदुओं की भीड़ के हमले से बचाया था जिसके बाद देश भर में गगनदीप सिंह की तारीफ़ हुई है और पुलिस ने उन्हें सम्मानित भी किया है.

23 वर्षीय इरफ़ान एक 19 वर्षीय हिंदू युवती के साथ मंदिर के पास बैठे थे जब उन पर हमला हुआ.

इसी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए ठुकराल ने कहा है कि हिंदुवादी संगठन हिंदू संस्कृति को बर्बाद करने वालों से लड़ेंगे.

ठुकराल ने कहा, "अगर रामनगर की पुलिस और प्रशासन नहीं जागा तो हिंदू सेना आगे आएगी और उन लोगों से लड़ेगी जो हिंदू संस्कृति को बर्बाद करना चाहते हैं."

ठुकराल ने कहा, "वो एक हिंदू लड़की के साथ मंदिर के पास क्यों घूम रहा था. उसने हिंदू समुदाय की भावनाएं भड़काने की कोशिश की."

नहीं कम होंगे तेल के दाम

द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक नरेंद्र मोदी सरकार तेल की क़ीमतें कम करने के बजाय अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल के दाम कम होने का इंतज़ार करेगी.

अख़बार ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि तेल के बढ़ते दामों से समस्या तो हो रही है, लेकिन सरकार एक्साइज़ ड्यूटी कम करने को राज़ी नहीं है. पेट्रोल पदार्थों पर एक्साइज़ ड्यूटी कम करने से सरकार को होने वाली आय पर असर होगा और कल्याणकारी योजनाओं के लिए पर्याप्त धन मुहैया नहीं कराया जा सकेगा.

कर्नाटक में चुनाव हो गए हैं और अभी राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में नवंबर में चुनाव होने हैं. ऐसे में अभी सरकार अभी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल के दाम कम होने का इंतज़ार कर सकती है.

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आरएसएस मुख्यालय जाएंगे मुखर्जी

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी सात जून को राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के नागपुर मुख्यालय में संघ कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक मुखर्जी ने आरएसएस का प्रचारकों को संबोधित करने का न्योता स्वीकार कर लिया है.

वो नागपुर में दो दिन तक रहेंगे. मुखर्जी ने राष्ट्रपति बनने से पहले अपना पूरा राजनीतिक जीवन कांग्रेस में बिताया है और कई अहम मंत्रालय संभाले हैं.

मुखर्जी के दफ़्तर के एक कर्मचारी के मुताबिक राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने संघ के नेता मोहन भागवत से राष्ट्रपति भवन में दो बार मुलाक़ात की थी और दोनों नेताओं ने भारत, उसकी संस्कृति और दार्शनिक मूल्यों पर वार्ता की थी.

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राजनीति का मतलब नफ़रत नहीं- राजनाथ

भारतीय जनता पार्टी सरकार के चार साल पूरे होने पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि राजनीति समाज को टुकड़ों में बांटकर और नफ़रत फैलाकर नहीं की जानी चाहिए.

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार 'सभी को न्याय और किसी का तुष्टीकरण नहीं' की नीति पर चल रही है.

राजनाथ सिंह ने कहा कि विपक्षी दल एकजुट हो रहे हैं, क्योंकि उन्हें एक दूसरे की ज़रूरत है, लेकिन बीजेपी डरी हुई नहीं हैं. उन्होंने कहा कि 2019 के चुनाव में सुशासन जातिगत गणित से जीत जाएगा.

उन्होंने बीजेपी के नफ़रत की राजनीत में शामिल होने से भी इनकार किया. उन्होंने कहा, 'आपने गौर किया होगा कि चुनावी साल ऐसी घटनाएं और उनकी आलोचना बढ़ी हैं. मेरी राय ये है कि राजनीति मुद्दों पर होनी चाहिए. आप समाज को टुकड़ों में बांटकर और नफ़रत पैदा करके राजनीति नहीं कर सकते हैं.'

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