पति-पत्नी, बाप-बेटे भी नहीं कर सकते एक दूसरे के डेबिट कार्ड का इस्तेमाल

  • 8 जून 2018
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अगर आपको ये लग रहा है कि स्टेट बैंक का ये नियम सिर्फ़ पति-पत्नी के लिए है तो ऐसा नहीं है. ये नियम सबके लिए समान रूप से लागू होता है.

पति-पत्नी का ज़िक्र इसलिए आया क्योंकि मामला पति-पत्नी से जुड़ा हुआ है.

क्या है मामला?

मामला बेंगलुरू के मराठाहल्ली का है. यहां रहने वाली वंदना ने 14 नवंबर 2013 को अपने पति राजेश कुमार को एसबीआई एटीएम से 25,000 रुपये निकालने के लिए अपना कार्ड दिया. पिन नंबर भी बताया. राजेश ने एटीएम मशीन पैसे निकालने के लिए कार्ड स्वाइप किया. पैसे तो नहीं निकले, लेकिन जो स्लिप निकली उसमें लिखा था कि 25 हज़ार रुपये कट चुके हैं.

राजेश ने बैंक से जब इसकी शिकायत की तो बैंक ने दलील दे दी ये कार्ड वंदना का है और डेबिट कार्ड को किसी और के साथ शेयर नहीं किया जा सकता है.

21 अक्टूबर 2014 को वंदना और उनके पति इसके बाद कंज़्यूमर कोर्ट पहुंचे और अपना पक्ष रखा. वंदना ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने कुछ वक़्त पहले ही एक बच्चे को जन्म दिया था. जिस वजह से वो घर से बाहर नहीं गईं और पति को पैसे निकाल लाने के लिए कहा.

वंदना ने एक आरटीआई भी डाली और कैश वेरिफिकेशन रिपोर्ट निकवाई. जिसमें मशीन में 25,000 रुपये की अतिरिक्त नकदी दिखाई दी. हालांकि एसबीआई की ओर से केस लड़ रहे वकील एक अन्य रिपोर्ट दिखाई जिसमें कोई अतिरिक्त नकद नहीं थी.

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ये केस करीब साढ़े तीन साल चला. बैंक ने लॉग रिकॉर्ड्स के ज़रिए दिखाया कि यह ट्रांजेक्‍शन सफल और तकनीकी रूप से सही था. अंतिम फ़ैसला 29 मई, 2018 को आया जिसमें कोर्ट ने कहा कि वंदना को पैसे निकालने के लिए अपने पति को चेक या अधिकृत पत्र देना चाहिए था और इसी के साथ कोर्ट ने मामला ख़ारिज कर दिया.

देशभर के समाचार पत्रों और न्यूज़ वेबसाइट में इस ख़बर को पढ़ने के बाद बहुत से लोग हैरत में पड़ गए क्योंकि ज़्यादातर लोग वैसा ही करते हैं जैसे वंदना और राजेश के मामले में हुआ. पर क्या ऐसा कोई नियम है?

स्टेट बैंक की एक आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, स्टेट बैंक भारत में 4300 से ज़्यादा एटीएम की सुविधाएं देता करता है. बैंक का दावा है कि यह देश का सबसे विशाल नेटवर्क है.

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डेबिट कार्ड से क्या-क्या कर सकते हैं?

• एसबीआई एटीएम कार्ड से ग्राहक रोज़ 40000 रुपये तक निकाल सकते हैं (क्लासिक डेबिट कार्ड की सीमा रु 40000/- है. उच्च मूल्य के कार्ड में रोज़ाना 1 लाख रुपये तक भी निकाल सकते हैं.)

• फास्ट कैश एक ऐसी सेवा जिसके द्वारा मनचाही राशि निकाली जा सकती है. 100, 200, 500, 1000, 2000, 3000, 5000, 10000 के गुणांकों का विकल्प मौजूद है.

• नियमित अंतराल पर पासवर्ड बदला जा सकता है और इसके लिए बैंक जाने की ज़रूरत नहीं. एटीएम से ही इसे बदला जा सकता है.

• बकाया राशि संबंधी जानकारी प्रात की जा सकती है.

• मिनी स्टेटमेंट एक बेहतरीन सुविधा है. मिनी स्टेटमेंट द्वारा आप पिछले 10 दिनों के लेनदेन की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

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एसबीआई एटीएम से जुड़े प्रमुख नियम

• कार्ड मिलते ही उसके पीछे की तरफ निर्धारित स्थान पर हस्ताक्षर कर दें.

• एटीएम पिन नियमित रूप से बदलते रहें.

• डेबिट कार्ड पर पिन न लिखें और न ही कभी कार्ड के साथ लिख कर रखें और ना ही किसी को बताएं.

अपना एटीएम कार्ड और पिन किसी को न बताएं फिर चाहे वह बैंक/ आईबीए/आरबीआई/सरकारी एजेंसी / मित्र/ पारिवारिक सदस्य हो. बैंक या अन्य कोई संस्था इस सूचना के बारेमें कभी नहीं पूछेंगे.

• लेनदेन के दौरान एटीएम रूम में किसी अनजान व्यक्ति को अंदर न आने दें या लेनदेन पूरा करने के लिए किसी अन्य की मदद नहीं लें.

• एटीएम/ पीओएस टर्मिनल में पिन दर्ज करते समय कीपैड को छिपा लें.

• कभी भी अपनी लेनदेन पर्ची को एटीएम कक्ष में न फेंके क्योंकि उसमें खाते का विवरण होता है.

• जब तक एटीएम मूल स्क्रीन पर नहीं लौट आता तथा हरी बत्ती नहीं जलने लगती तब तक इंतज़ार करें.

• होटल/दुकानों/मॉल में कार्ड का प्रयोग हमेशा अपने सामने करने को कहें.

• कभी भी अनजान अस्थायी स्टॉल पर लगी पीओएस मशीन पर कार्ड स्वाइप न करें.

• जब आपको नया कार्ड मिले तो सबसे पहले अपना पुराना कार्ड ब्लॉक करवा दें. मोबाइल नंबर रजिस्टर कराएं.

• कार्ड खोने पर उसे हॉटलिस्ट करा दें.

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