पाँच बड़ी ख़बरें: चीन ने तिब्बत में किया सैन्य अभ्यास

  • 30 जून 2018
चीन के सैनिक इमेज कॉपीरइट EPA

तिब्बत में तैनात चीनी सेना ने दूरवर्ती हिमालयी क्षेत्र में अपने साज़ोसामान, हथियारों को समर्थन देने की क्षमताओं और सैन्य-असैन्य एकीकरण का निरीक्षण करने के लिए अभ्यास किया.

पीपुल्स लिबरेशन आर्मी यानी पीएलए ने मंगलवार को यह अभ्यास किया जो डोकलाम गतिरोध के बाद से तिब्बत में इस तरह का पहला अभ्यास है. चीन के सरकारी अखबार 'ग्लोबल टाइम्स' की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पीएलए ने पिछले साल अगस्त में 4,600 मीटर की ऊंचाई पर 13 घंटे तक अभ्यास किया था.

अभ्यास की मुख्य बात सैन्य-असैन्य एकीकरण की रणनीति है जो तिब्बत में अहम बात है जहां दलाई लामा की विरासत अब भी कायम है. रिपोर्ट में कहा गया है कि तिब्बत के पठार में विषम जलवायु है और उसकी भौगोलिक स्थिति भी जटिल है.

सैन्य विशेषज्ञ सोंग झोंगपिंग ने कहा कि अत्यधिक ऊंचाई पर लड़ाई में सबसे बड़ी चुनौती लगातार साज़ोसामान और हथियार मुहैया कराना है. उन्होंने कहा कि वर्ष 1962 में चीन-भारत सीमा संघर्ष में चीन पर्याप्त साज़ोसामान मुहैया न होने की वजह से इस जीत का पूरा फायदा उठाने में विफल रहा.

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा
डोकलाम मुद्दा और भूटान

हलाला का विरोध

इमेज कॉपीरइट AFP

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में 'निकाह हलाला' प्रथा का विरोध करने का फ़ैसला किया है. क़ानून मंत्रालय के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि सरकार उच्चतम न्यायालय में निकाह हलाला प्रथा का विरोध करेगी.

'निकाह हलाला' मुसलमानों में वह प्रथा है जो समुदाय के किसी व्यक्ति को अपनी तलाकशुदा पत्नी से फिर से शादी करने की अनुमति देता है. इस प्रथा के तहत एक व्यक्ति अपनी पूर्व पत्नी से तब तक दोबारा शादी नहीं कर सकता, जब तक कि वह महिला किसी अन्य पुरुष से शादी कर उससे शारीरिक संबंध नहीं बना लेती और फिर उससे तलाक लेकर अलग रहने की अवधि (इद्दत) पूरा नहीं कर लेती.

मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि सरकार का मानना है कि यह प्रथा लैंगिक न्याय (जेंडर जस्टिस) के सिद्धांतों के ख़िलाफ़ है और तीन तलाक पर सुनवाई के दौरान ही सरकार ने इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में अपना रुख़ स्पष्ट कर दिया था. हालांकि, शीर्ष न्यायालय ने तब सिर्फ़ एक साथ तीन तलाक के मुद्दे पर सुनवाई करने का फ़ैसला किया था, जबकि निकाह हलाला और बहुविवाह प्रथा पर अलग से विचार करने का फ़ैसला किया था.

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल तीन तलाक की प्रथा को असंवैधानिक घोषित कर दिया था. सरकार तीन तलाक को एक दंडनीय अपराध बनाने के लिए बाद में एक विधेयक लेकर आई. लोकसभा ने यह विधेयक पारित कर दिया है और अब यह राज्यसभा में लंबित है. यह तीन तलाक को अवैध बनाता है और इसमें पति के लिए तीन साल तक की कैद की सज़ा का प्रावधान है.

क्या है निकाह हलाला, क्यों होगी कोर्ट में सुनवाई?

प्रवासी संकट पर मतभेद

इमेज कॉपीरइट Getty Images

यूरोप में प्रवासी संकट से निबटने के लिए हुए यूरोपीय संघ के समझौते पर नेताओं में मतभेद सामने आने लगे हैं.

ब्रसेल्स में लंबी माथापच्ची के बाद हुए समझौते के तहत प्रवासियों के लिए यूरोप में केंद्र बनाने पर सहमति बनी है. लेकिन फ्रांस और ऑस्ट्रिया ने कहा है कि वो ऐसे केंद्र स्थापित नहीं करेंगे.

इन देशों का तर्क है के ये केंद्र उन्हीं देशों में होने चाहिए जहां प्रवासी सबसे पहले पहुंचते हैं. वहीं इटली के प्रधानमंत्री जूज़ेपे कोंते ने कहा है कि ये केंद्र फ्रांस समेत कहीं भी हो सकते हैं.

ट्रंप की विवादित प्रवासी नीति बदलने की वजह

टाटा स्टील का विस्तार

इमेज कॉपीरइट EPA

जर्मनी का बड़ा उद्योग समूह टूसनक्रूप अपने स्टील उद्योग को टाटा स्टील में विलय करने पर राज़ी हो गया है.

विलय के बाद नई कंपनी यूरोप में आर्सेलर-मित्तल के बाद दूसरी सबसे बड़ी स्टील कंपनी बन जाएगी. कंपनी का मुख्यालय नीदरलैंड्स में होगा और पूरे यूरोप में इसके क़रीब चालीस हज़ार कर्मचारी होंगे जिनमें सबसे ज़्यादा जर्मनी और ब्रिटेन में होंगे.

ये विलय ऐसे समय में हुआ है जब यूरोपीय स्टील निर्माता सस्ते चीनी स्टील और अमरीका की ओर से स्टील पर अधिक कर लगाए जाने का सामना कर रहे हैं.

स्विस बैंकों से मिलेगी जानकारी

इमेज कॉपीरइट Getty Images

केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने चेतावनी दी है कि स्विस बैंकों में अवैध रूप से धन जमा कराने वाले भारतीयों की पहचान छुपाना अब मुश्किल होगा और ऐसे लोगों पर कालाधन रोधी कानून के तहत कड़ी दंडात्मक कार्रवाई होगी.

एक ब्लॉग में उन्होंने कहा कि अगले साल जनवरी से वहां भारतीयों के खातों के बारे में तत्काल स्विट्जरलैंड से सूचनाओं का मिलना शुरू हो जाएगा. स्विस नेशनल बैंक के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार 2017 में भारतीयों द्वारा जमा कराए जाने वाले धन में 50% से अधिक की बढ़ोतरी हुई है.

इस दौरान भारतीयों का स्विस बैंक में 7,000 करोड़ रुपये जमा था जबकि इससे पिछले लगातार तीन साल वहां भारतीयों की जमा में गिरावट दर्ज की गई थी.

बजट 2018: अरुण जेटली के 10 बड़े एलान

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)